e-kyc के बिना उत्तराखंड के देहरादून जिले में दीपावली के ठीक पहले लगभग 95 हजार घरेलू गैस उपभोक्ताओं की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। तेल विपणन कंपनियों और आपूर्ति विभाग के कड़े निर्देशों के चलते जिन उपभोक्ताओं ने अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं कराई है, उनके गैस कनेक्शन ब्लॉक कर दिए गए हैं और एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग भी पूरी तरह से रद्द कर दी गई है। इस अचानक आए बड़े झटके के कारण त्योहारी सीजन में आम जनता को अपनी रसोई चलाने के लिए भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, और लोग गैस एजेंसियों के चक्कर काटने को मजबूर हो गए हैं।
Why 95,000 Gas Connections are Blocked Without e-kyc
देहरादून जिले में प्रशासन और खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा यह स्पष्ट कर दिया गया है कि सरकार द्वारा निर्धारित समयसीमा के बाद बिना e-kyc वाले किसी भी उपभोक्ता को सिलेंडर की होम डिलीवरी नहीं दी जाएगी। मिली जानकारी के अनुसार, जिलेभर में कुल 100,104 ऐसे उपभोक्ता थे जिन्होंने तय तारीख तक अपनी बायोमेट्रिक और डेटा सत्यापन प्रक्रिया को पूरा नहीं किया था।
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जैसे ही 30 सितंबर की डेडलाइन समाप्त हुई, तेल कंपनियों के सॉफ्टवेयर ने स्वतः ही ऐसे खातों की गैस बुकिंग रोक दी और उनके कनेक्शन ब्लॉक कर दिए। हालांकि, पिछले कुछ दिनों में अवेयरनेस बढ़ने के बाद लगभग 5 हजार से अधिक उपभोक्ताओं ने तुरंत अपनी प्रक्रिया पूरी करवा ली, जिससे उनके कनेक्शन रीस्टार्ट हो गए हैं। इसके बावजूद, वर्तमान आंकड़े बताते हैं कि अभी भी 95,104 उपभोक्ताओं का e-kyc पेंडिंग पड़ा हुआ है, जिसकी वजह से उनकी रसोई का बजट और भोजन बनाने की व्यवस्था दोनों पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।
स्वरोजगार एवं उद्यमिता योजनाएँ
How to Complete e-kyc at Local Gas Agencies
स्थानीय गैस एजेंसियों के बाहर इन दिनों सुबह से ही लंबी-लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। उपभोक्ता अपनी नौकरी और रोजमर्रा के काम छोड़कर केवल अपना e-kyc अपडेट कराने के लिए भागदौड़ कर रहे हैं। जिला आपूर्ति विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, देहरादून जिले में विभिन्न ऑयल कंपनियों की लगभग 70 से अधिक गैस एजेंसियां संचालित हो रही हैं।
यदि किसी उपभोक्ता का कनेक्शन भी इसी वजह से रुका हुआ है, तो उसे घबराने की जरूरत नहीं है बल्कि तुरंत अपनी संबंधित एजेंसी के कार्यालय जाना होगा। वहां तैनात प्रतिनिधि आधार कार्ड और बायोमेट्रिक मशीन के जरिए कुछ ही मिनटों में यह प्रक्रिया पूरी कर देते हैं। अधिकारियों का यह भी कहना है कि प्रक्रिया पूरी होने के बाद तेल कंपनियों द्वारा सर्वर अपडेट होते ही कनेक्शन तुरंत बहाल हो जाते हैं और पुरानी तरह से गैस बुकिंग स्वीकार की जाने लगती है।
Purpose and Benefits of Mandatory e-kyc Verification
जिला आपूर्ति अधिकारी के.के. अग्रवाल ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि सरकार द्वारा शुरू की गई यह e-kyc प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी व्यवस्था स्थापित करने के लिए बेहद जरूरी है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य असली और पात्र लाभार्थियों की सही पहचान करना तथा फर्जी या डुप्लीकेट गैस कनेक्शनों पर पूरी तरह रोक लगाना है।
अक्सर यह देखा गया है कि एक ही परिवार में कई फर्जी नाम से कनेक्शन चल रहे होते हैं या फिर मृत व्यक्तियों के नाम पर भी सब्सिडी का लाभ उठाया जा रहा होता है। इस अनिवार्यता के लागू होने से गलत तरीके से लिए जा रहे कनेक्शन बंद होंगे और सरकार द्वारा दी जाने वाली एलपीजी सब्सिडी का सीधा फायदा केवल वास्तविक और जरूरतमंद उपभोक्ताओं तक ही पहुंचेगा। इसलिए त्योहारी सीजन की भागदौड़ के बीच सभी नागरिकों से अपील की गई है कि वे प्राथमिकता के आधार पर अपना e-kyc जल्द से जल्द पूरा करवा लें, ताकि भविष्य में उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
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