Navratri Ashtami Navami Deepak Upay: 5 Auspicious Places
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Navratri Ashtami Navami Deepak Upay: अष्टमी-नवमी पर इन 5 जगहों पर जलाएं दीपक, घर में सुख-समृद्धि की करें कामना

On: October 17, 2026 3:11 PM
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Navratri Ashtami Navami Deepak Upay showing five auspicious places to light diyas, including the main entrance, Tulsi plant, kitchen, wealth storage area and Peepal tree.

Navratri Ashtami Navami Deepak Upay: शारदीय नवरात्रि में महाष्टमी और महानवमी का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। इन दिनों भक्त मां दुर्गा की पूजा-अर्चना, हवन, कन्या पूजन और दीपदान करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अष्टमी और नवमी पर घर के कुछ खास स्थानों पर दीपक जलाना शुभ माना जाता है। मुख्य द्वार से लेकर तुलसी के पौधे और तिजोरी तक, कई जगहों पर दीप प्रज्ज्वलित कर परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की जाती है।

साल 2026 में शारदीय नवरात्रि की अष्टमी और नवमी 19 अक्टूबर को पड़ने की जानकारी दी गई है, जबकि दशहरा 20 अक्टूबर को मनाया जाएगा। हालांकि, तिथि और पूजा के मुहूर्त की पुष्टि स्थानीय पंचांग या विश्वसनीय धार्मिक कैलेंडर से कर लेना उचित है। आइए जानते हैं Navratri Ashtami Navami Deepak Upay के तहत घर की किन पांच जगहों पर दीपक जलाने की परंपरा है।

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Navratri Ashtami Navami Deepak Upay: मुख्य द्वार पर जलाएं दीपक

नवरात्रि की अष्टमी और नवमी पर शाम के समय घर के मुख्य द्वार के पास दीपक जलाना शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, मुख्य द्वार घर में प्रवेश का स्थान होता है और यहां दीपक जलाकर सकारात्मकता, सुख-शांति और खुशहाली की कामना की जाती है।

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आप मुख्य दरवाजे के पास किसी साफ और सुरक्षित स्थान पर दीपक रख सकते हैं। कोशिश करें कि दीपक ऐसी जगह हो, जहां आने-जाने वाले लोगों को परेशानी न हो। यदि दरवाजे के पास पर्दे, लकड़ी या सजावट का ज्वलनशील सामान है, तो दीपक उनसे दूर रखें। पूजा के दौरान श्रद्धा और सुरक्षा दोनों का ध्यान रखना जरूरी है।

तुलसी के पौधे के पास जलाएं दीया

हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे को पूजनीय माना जाता है। कई घरों में प्रतिदिन सुबह या शाम तुलसी के पास दीपक जलाने की परंपरा है। नवरात्रि की अष्टमी और नवमी पर भी तुलसी के पास दीप प्रज्ज्वलित कर परिवार के स्वास्थ्य, शांति और खुशहाली की कामना की जा सकती है।

Navratri Ashtami Navami Deepak Upay में तुलसी के पास दीपक जलाने का विशेष स्थान माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, तुलसी के निकट दीपक जलाना श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक है। दीपक रखते समय ध्यान रखें कि उसकी लौ पौधे की पत्तियों और तने के बहुत पास न हो। तेज हवा या असुरक्षित जगह पर दीपक जलाने से बचें।

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रसोई में दीपक जलाकर मां अन्नपूर्णा का करें स्मरण

रसोई को घर की समृद्धि और अन्न से जोड़कर देखा जाता है। धार्मिक परंपराओं में मां अन्नपूर्णा को भोजन और अन्न की देवी माना गया है। इसी वजह से कुछ परिवारों में नवरात्रि की अष्टमी और नवमी पर रसोई की साफ जगह पर दीपक जलाकर घर में अन्न की बरकत और परिवार के कल्याण की प्रार्थना की जाती है।

इस दिन रसोई में दीपक जलाते समय गैस चूल्हे, सिलेंडर, तेल, घी, कागज और पर्दों से पर्याप्त दूरी रखें। दीपक को चूल्हे के पास या ऐसी जगह पर न रखें, जहां वह आसानी से गिर सकता हो। सुरक्षित स्थान पर दीपक रखकर मां अन्नपूर्णा का स्मरण करें और भोजन के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करें।

तिजोरी या धन रखने की जगह पर जलाएं दीपक

नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा के साथ मां लक्ष्मी की आराधना भी कई परिवारों में की जाती है। धन रखने वाली जगह या तिजोरी के पास दीपक जलाना आर्थिक स्थिरता, समृद्धि और घर में सुख-सुविधाओं की कामना से जुड़ी धार्मिक परंपरा है।

Navratri Ashtami Navami Deepak Upay के अनुसार, अष्टमी या नवमी की शाम तिजोरी के पास किसी सुरक्षित स्थान पर दीपक रखा जा सकता है। मान्यता है कि इस तरह दीप प्रज्ज्वलित कर परिवार की आर्थिक उन्नति और खुशहाली की प्रार्थना की जाती है।

हालांकि, दीपक को तिजोरी के अंदर, नकदी, कपड़ों, कागजों या अन्य ज्वलनशील वस्तुओं के पास न रखें। पूजा की जगह साफ रखें और दीपक को ऐसी स्थिर सतह पर रखें, जहां उसके गिरने की आशंका न हो।

पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाने की परंपरा

हिंदू धार्मिक परंपराओं में पीपल के पेड़ को पवित्र माना गया है। कुछ मान्यताओं के अनुसार, पीपल के पास दीपक जलाकर ग्रहों की शांति और जीवन की परेशानियों से राहत की कामना की जाती है। कुछ लोग इसके लिए सरसों के तेल का दीपक भी जलाते हैं।

नवरात्रि की अष्टमी या नवमी पर पीपल के पेड़ के पास दीपक जलाने की परंपरा अपनाने वाले लोग शाम के समय श्रद्धापूर्वक पूजा कर सकते हैं। हालांकि, इसे धार्मिक मान्यता के रूप में ही समझना चाहिए; दीपक जलाने से ग्रहों के प्रभाव या जीवन की समस्याएं निश्चित रूप से दूर होने का वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।

दीपक जलाते समय सूखे पत्तों, पेड़ की जड़ों और आसपास की घास से दूरी रखें। सार्वजनिक स्थानों पर स्थानीय नियमों का पालन करें और दीपक को जलता हुआ छोड़कर न जाएं।

अष्टमी-नवमी पर दीपक जलाते समय किन बातों का रखें ध्यान?

नवरात्रि में दीपक जलाने का उद्देश्य श्रद्धा के साथ पूजा करना और घर में शुभ वातावरण की कामना करना है। इसलिए दीपक जलाते समय कुछ सावधानियां अपनाना जरूरी है।

  • दीपक को हमेशा स्थिर और सुरक्षित जगह पर रखें।
  • पर्दों, कागज, कपड़ों और अन्य ज्वलनशील वस्तुओं से दूर रखें।
  • बच्चों और पालतू जानवरों की पहुंच से दीपक को दूर रखें।
  • पूजा पूरी होने के बाद भी जलते दीपक पर नजर रखें।
  • दीपक को जलता हुआ छोड़कर घर से बाहर न जाएं।

श्रद्धा के साथ करें मां दुर्गा की आराधना

Navratri Ashtami Navami Deepak Upay के तहत मुख्य द्वार, तुलसी, रसोई, तिजोरी के पास और पीपल के पेड़ के निकट दीपक जलाने की परंपरा कई परिवारों में प्रचलित है। इन स्थानों पर दीप प्रज्ज्वलित कर भक्त सुख-शांति, समृद्धि और परिवार के कल्याण की कामना करते हैं।

ध्यान रखें कि धार्मिक परंपराएं अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों में भिन्न हो सकती हैं। पूजा के लिए स्थानीय पंचांग के अनुसार तिथि और मुहूर्त देखें। सबसे महत्वपूर्ण है कि मां दुर्गा की आराधना श्रद्धा, स्वच्छता और सुरक्षा के साथ की जाए।

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