Rekha Arya Controversy: उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या और उनके पति गिरधारी लाल साहू के बीच विवाद अब राजनीतिक रूप लेता जा रहा है। दोनों पक्षों की ओर से सामने आए आरोपों के बाद कांग्रेस ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। कांग्रेस नेताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और मंत्री पर लगाए गए आरोपों पर स्पष्टीकरण देने की मांग की है। हालांकि, दोनों पक्षों की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
कुमारी सैलजा ने मुख्यमंत्री धामी से पूछे सवाल
उत्तराखंड कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए सवाल उठाया कि क्या मुख्यमंत्री धामी को इस विवाद की पहले से जानकारी नहीं थी। उन्होंने गिरधारी लाल साहू की ओर से रेखा आर्या पर लगाए गए कथित भ्रष्टाचार के आरोपों को भी गंभीर बताया।
हर दिशा से जुड़ रहा "उत्तराखण्ड"
सैलजा ने सवाल किया कि यदि मंत्री पर लगाए गए आरोपों में कोई सच्चाई है, तो क्या सरकार की ओर से इसकी जांच कराई जाएगी? उन्होंने इस पूरे मामले में पारदर्शिता और जवाबदेही की जरूरत पर जोर दिया।
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हरीश रावत बोले- मंत्री की सुरक्षा पर सरकार दे ध्यान
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि इस प्रकरण के कई पहलू हैं। उन्होंने रेखा आर्या के पारिवारिक विवाद पर सीधे टिप्पणी करने से परहेज किया, लेकिन कहा कि यदि किसी मंत्री को अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है, तो यह गंभीर विषय है।
रावत ने मुख्यमंत्री से इस मामले को गंभीरता से लेने की अपील की। उन्होंने विवाद से जुड़े कथित आर्थिक लेन-देन और भ्रष्टाचार के पहलुओं पर भी सवाल उठाए। हालांकि, इन दावों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
गणेश गोदियाल ने कहा- आरोपों की होनी चाहिए जांच
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि यदि रेखा आर्या के साथ प्रताड़ना हुई है, तो उनके प्रति संवेदना होनी चाहिए। लेकिन उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मंत्री के पति की ओर से लगाए गए कथित भ्रष्टाचार के आरोपों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
गोदियाल के मुताबिक, गिरधारी लाल साहू ने स्कूली बच्चों के मिड-डे मील के राशन में कथित अनियमितताओं और करीब 210 करोड़ रुपये की बेनामी संपत्ति से जुड़े आरोप लगाए हैं। उन्होंने मांग की कि इन आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और मंत्री तथा मुख्यमंत्री को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
ये आरोप फिलहाल सार्वजनिक बयानों में सामने आए हैं। इन्हें प्रमाणित तथ्य मानने से पहले जांच और संबंधित दस्तावेजों की पुष्टि आवश्यक है।
Rekha Arya Controversy वीडियो और शिकायत के बाद बढ़ा विवाद
जानकारी के अनुसार, रेखा आर्या ने 15 अक्टूबर को एक वीडियो जारी कर अपने पति पर घरेलू हिंसा समेत कई गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने कथित ऑडियो क्लिप भी साझा की और अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। इसके बाद उन्होंने देहरादून के कैंट थाने में शिकायत दर्ज कराई।
16 अक्टूबर को गिरधारी लाल साहू ने भी वीडियो जारी कर अपनी पत्नी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। इस घटनाक्रम के बाद विवाद ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है।
अब सरकार के जवाब पर टिकी नजरें
रेखा आर्या और उनके पति के बीच आरोप-प्रत्यारोप के बीच कांग्रेस ने सरकार से जवाब मांगा है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और कथित भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए कोई अलग कदम उठाया जाता है या नहीं। फिलहाल, मामले में निष्पक्ष जांच और सभी आरोपों की कानूनी प्रक्रिया के तहत पुष्टि अहम है।






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