Ankita Bhandari Case 2026: Why Is Her Family Still Justice?
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Ankita Bhandari Case 2026: उम्रकैद के बाद भी क्यों न्याय की मांग? इंडिया गेट पर बैठे माता-पिता से मिले राहुल-प्रियंका

On: October 14, 2026 5:21 PM
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Ankita Bhandari Case 2026 showing her parents protesting at India Gate for justice, with Rahul Gandhi and Priyanka Gandhi meeting the family.

उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड ने एक बार फिर देश का ध्यान अपनी ओर खींचा है। सितंबर 2022 में ऋषिकेश के वनंतरा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करने वाली 19 वर्षीय अंकिता की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में रिजॉर्ट मालिक पुलकित आर्य और उसके दो साथियों को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इसके बावजूद अंकिता के माता-पिता का कहना है कि मामले में अभी कई सवालों के जवाब मिलना बाकी हैं। परिवार कथित वीआईपी एंगल की जांच और पूर्ण न्याय की मांग कर रहा है।

Ankita Bhandari Case 2026 एक बार फिर चर्चा में तब आया, जब अंकिता के माता-पिता दिल्ली के इंडिया गेट पर प्रदर्शन करने पहुंचे। 14 अक्टूबर को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने उनसे मुलाकात की। परिवार की मौजूदा मांग का एक प्रमुख कारण पूर्व भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किया जाना भी है। परिजन चाहते हैं कि कथित वीआईपी एंगल की जांच पूरी होने तक उनकी नियुक्ति पर रोक लगाई जाए। हालांकि, किसी व्यक्ति के खिलाफ आरोप और अदालत में साबित अपराध के बीच अंतर करना जरूरी है।

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आखिर क्या है अंकिता भंडारी हत्याकांड?

अंकिता भंडारी पौड़ी गढ़वाल जिले के डोभ श्रीकोट क्षेत्र की रहने वाली थीं। वह ऋषिकेश के पास लक्ष्मण झूला थाना क्षेत्र में स्थित वनंतरा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करती थीं। सितंबर 2022 में वह लापता हो गईं। परिवार की शिकायत के बाद पुलिस ने तलाश शुरू की और 24 सितंबर को उनका शव चीला नहर से बरामद किया गया।

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मामले की जांच के दौरान सामने आए आरोपों के मुताबिक, अंकिता पर रिजॉर्ट में आने वाले एक अतिथि को विशेष सेवाएं देने का दबाव बनाया गया था। अभियोजन पक्ष के अनुसार, अंकिता ने इसका विरोध किया था। इसके बाद उनकी हत्या कर दी गई। इस घटना ने उत्तराखंड में व्यापक आक्रोश पैदा किया और महिलाओं की सुरक्षा के साथ-साथ प्रभावशाली लोगों की जवाबदेही को लेकर भी सवाल उठे।

Ankita Bhandari Case 2026 में परिवार की मांग केवल दोषियों को सजा मिलने तक सीमित नहीं है। परिजन चाहते हैं कि घटना से जुड़े उन पहलुओं की भी जांच हो, जिनके बारे में उनका मानना है कि अब तक पूरी तरह जवाब नहीं मिला है।

तीनों दोषियों को मिली उम्रकैद की सजा

पुलिस जांच के बाद वनंतरा रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य और उसके दो साथियों सौरभ भास्कर तथा अंकित गुप्ता के खिलाफ मामला अदालत में चला। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने हत्या और साक्ष्य मिटाने सहित विभिन्न आरोपों के संबंध में अपना पक्ष रखा।

मई 2025 में पौड़ी गढ़वाल की अदालत ने तीनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। इस फैसले को मामले की कानूनी प्रक्रिया में महत्वपूर्ण पड़ाव माना गया। हालांकि, परिवार का कहना है कि सजा के बावजूद उन्हें घटना से जुड़े सभी सवालों के जवाब नहीं मिले हैं।

परिजन दोषियों के लिए मृत्युदंड की मांग भी करते रहे हैं। लेकिन किसी अपराध के लिए कौन-सी सजा दी जाएगी, इसका फैसला अदालत कानून और मामले के तथ्यों के आधार पर करती है। परिवार की मांग और अदालत के फैसले को अलग-अलग समझना जरूरी है।

फिर इंडिया गेट पर प्रदर्शन क्यों कर रहा है परिवार?

अंकिता के माता-पिता का कहना है कि मामले में कथित वीआईपी की भूमिका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। परिवार ने इस सिलसिले में दुष्यंत कुमार गौतम का नाम लेते हुए उनके राज्यपाल नियुक्त होने पर सवाल उठाए हैं। परिजनों की मांग है कि जांच पूरी होने तक उनकी नियुक्ति को रोका जाए।

यह स्पष्ट करना जरूरी है कि परिवार की ओर से लगाए गए आरोप अपने आप में किसी व्यक्ति की आपराधिक संलिप्तता का प्रमाण नहीं हैं। दुष्यंत कुमार गौतम ने इस मामले से जुड़े आरोपों को लेकर कानूनी कदम उठाए हैं और उनके खिलाफ लगाए गए दावों को स्थापित तथ्य के रूप में पेश नहीं किया जाना चाहिए।

Ankita Bhandari Case 2026 में इंडिया गेट पर हुआ प्रदर्शन इसी मांग को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने का प्रयास है। परिवार राष्ट्रपति से मिलने का समय भी मांग रहा है, ताकि वे अपनी बात सीधे उनके सामने रख सकें।

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सीबीआई जांच और कथित वीआईपी एंगल पर क्या अपडेट है?

मामले में कथित वीआईपी एंगल की जांच परिवार की प्रमुख मांग रही है। जनवरी 2026 में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराने की सिफारिश की थी। इसके बाद मामला फिर चर्चा में आया और परिवार को उम्मीद हुई कि उन सवालों की जांच भी होगी, जिन्हें लेकर वे लंबे समय से आवाज उठा रहे हैं।

परिवार का दावा है कि घटना के पीछे किसी प्रभावशाली व्यक्ति की भूमिका की आशंका की जांच होनी चाहिए। दूसरी ओर, किसी भी व्यक्ति को केवल आरोप या सोशल मीडिया पर प्रसारित दावों के आधार पर दोषी नहीं माना जा सकता। जांच एजेंसी को उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर निष्कर्ष तक पहुंचना होगा।

इसलिए Ankita Bhandari Case 2026 का सबसे अहम पहलू यह है कि जांच में कथित वीआईपी एंगल को लेकर क्या तथ्य सामने आते हैं और संबंधित एजेंसियां उन पर क्या कार्रवाई करती हैं।

राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने परिवार से मुलाकात की

14 अक्टूबर को राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा इंडिया गेट पहुंचे और अंकिता के माता-पिता से मुलाकात की। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर परिवार के प्रति समर्थन जताया और न्याय की मांग को उठाया। उन्होंने राजनीतिक संरक्षण से जुड़े आरोप भी लगाए, जिन्हें उनके बयान के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

कांग्रेस नेताओं की इस मुलाकात के बाद मामला फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गया है। परिवार को समर्थन देने के साथ-साथ इस मुलाकात ने कथित वीआईपी एंगल, सीबीआई जांच और राज्यपाल नियुक्ति को लेकर चल रहे विवाद को भी नई गति दी है।

हालांकि, राजनीतिक नेताओं के बयान जांच के निष्कर्षों का विकल्प नहीं हैं। मामले से जुड़े सवालों का अंतिम जवाब जांच और कानूनी प्रक्रिया से ही सामने आ सकता है।

अब आगे क्या होगा?

अंकिता भंडारी हत्याकांड में तीन दोषियों को उम्रकैद की सजा मिल चुकी है, लेकिन परिवार कथित वीआईपी एंगल की जांच और अपनी अन्य मांगों पर कार्रवाई चाहता है। इंडिया गेट पर प्रदर्शन के जरिए माता-पिता ने इस मुद्दे को फिर राष्ट्रीय स्तर पर उठाया है।

अब निगाहें सीबीआई जांच की प्रगति, परिवार की राष्ट्रपति से मुलाकात की मांग और कथित वीआईपी एंगल पर मिलने वाले निष्कर्षों पर रहेंगी। Ankita Bhandari Case 2026 में निष्पक्ष जांच और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई ही उन सवालों का जवाब दे सकती है, जिनके समाधान की मांग परिवार लंबे समय से कर रहा है।

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