Uttarakhand Weather Alert: 5 Major Updates on Rain
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Uttarakhand Weather Alert: उत्तराखंड में 14-16 अक्टूबर को बदलेगा मौसम, 12 जिलों में बारिश का येलो अलर्ट

On: October 13, 2026 3:49 PM
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Uttarakhand Weather Alert for October 14–16, 2026, with rain in 12 districts, possible snowfall in high-altitude areas and a yellow alert.

Uttarakhand Weather Alert: उत्तराखंड में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलने वाला है। मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार, 14 और 15 अक्टूबर को देहरादून, हरिद्वार और नैनीताल समेत कई जिलों में बारिश हो सकती है। वहीं, 16 अक्टूबर को कुमाऊं मंडल के कुछ हिस्सों में तेज बारिश की संभावना जताई गई है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के भी आसार हैं। इससे प्रदेश में ठंड बढ़ सकती है।

मौसम विभाग ने 15 अक्टूबर के लिए प्रदेश के 12 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। ऊधम सिंह नगर और चंपावत को इस अलर्ट से बाहर रखा गया है। विभाग ने कुछ स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने की आशंका भी जताई है। ऐसे में लोगों को मौसम की जानकारी लेकर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी गई है।

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14 से 16 अक्टूबर तक कैसा रहेगा उत्तराखंड का मौसम?

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 14 अक्टूबर से प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम बदल सकता है। मैदानी इलाकों में हल्की बारिश होने की संभावना है। वहीं, पर्वतीय क्षेत्रों में बादल छाने और बारिश के साथ ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के आसार हैं।

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15 अक्टूबर को बारिश का प्रभाव गढ़वाल मंडल में अधिक देखने को मिल सकता है। देहरादून, हरिद्वार और आसपास के क्षेत्रों में भी मौसम बदलने की संभावना है। इसके बाद 16 अक्टूबर को कुमाऊं मंडल के कुछ जिलों में तेज बारिश हो सकती है।

हालांकि, हर जिले में बारिश की तीव्रता एक जैसी नहीं रहेगी। स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार मौसम में बदलाव संभव है। इसलिए Uttarakhand Weather Alert के बीच लोगों को जिला स्तर के पूर्वानुमान पर ध्यान देना चाहिए।

12 जिलों में येलो अलर्ट, बिजली गिरने का भी खतरा

मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून ने 15 अक्टूबर के लिए प्रदेश के 12 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। ऊधम सिंह नगर और चंपावत को छोड़कर अन्य जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।

येलो अलर्ट का मतलब है कि मौसम की संभावित स्थिति को देखते हुए सतर्क रहने की जरूरत है। बारिश के साथ कुछ स्थानों पर बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है। ऐसी स्थिति में खुले स्थानों, खेतों और ऊंचे इलाकों में मौजूद लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।

बिजली चमकने के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें। खुले मैदान में रहने के बजाय किसी सुरक्षित इमारत में शरण लें। पहाड़ी सड़कों पर यात्रा करने वालों को भी मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेनी चाहिए।

ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के आसार

बारिश के साथ प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना भी जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार, 14 अक्टूबर को 3,800 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फ गिर सकती है।

वहीं, 15 और 16 अक्टूबर को 3,500 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के आसार हैं। इससे ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों में ठंड बढ़ सकती है। तापमान में गिरावट के कारण सुबह और शाम के समय सर्दी अधिक महसूस होने की संभावना है।

पहाड़ी क्षेत्रों में जाने वाले पर्यटकों और यात्रियों को गर्म कपड़े साथ रखने चाहिए। ऊंचाई वाले मार्गों पर मौसम अचानक बदल सकता है। ऐसे में यात्रा से पहले स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की सलाह लेना जरूरी है।

बारिश के बाद बढ़ेगी ठंड, तापमान में गिरावट के संकेत

उत्तराखंड में अक्टूबर के दौरान मौसम में बदलाव के साथ ठंड बढ़ने लगती है। इस बार बारिश और संभावित बर्फबारी के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। पर्वतीय क्षेत्रों में इसका असर पहले महसूस हो सकता है, जबकि मैदानी इलाकों में भी सुबह और रात के तापमान में बदलाव देखने को मिल सकता है।

देहरादून, हरिद्वार और अन्य मैदानी क्षेत्रों में बारिश होने पर दिन के समय मौसम ठंडा हो सकता है। वहीं, ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी से सर्द हवाओं का असर बढ़ने की संभावना है।

हालांकि, तापमान में कितनी गिरावट होगी, यह स्थानीय मौसम परिस्थितियों पर निर्भर करेगा। लोगों को मौसम के ताजा अपडेट पर नजर रखनी चाहिए।

किसानों की बढ़ सकती है चिंता

उत्तराखंड के कई जिलों में बीते दिनों हुई बारिश से फसलों को नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आई थीं। ऐसे में मौसम का एक बार फिर बदलना किसानों की चिंता बढ़ा सकता है। लगातार बारिश से खेतों में पानी जमा होने, फसल गिरने या कटाई से जुड़े काम प्रभावित होने की आशंका रहती है।

किसानों को सलाह दी जाती है कि वे स्थानीय कृषि विभाग के निर्देशों के अनुसार काम करें। खेतों में जल निकासी की व्यवस्था पर ध्यान दें और मौसम की स्थिति को देखते हुए कटाई या अन्य कृषि गतिविधियों की योजना बनाएं।

नुकसान की आशंका फसल, क्षेत्र और बारिश की तीव्रता के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। इसलिए किसी भी कृषि संबंधी निर्णय से पहले स्थानीय स्तर की जानकारी लेना बेहतर रहेगा।

चारधाम यात्रियों के लिए जरूरी सलाह

बारिश और बर्फबारी की संभावना को देखते हुए पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वालों को सावधानी बरतने की जरूरत है। चारधाम यात्रा पर जाने से पहले मौसम का ताजा पूर्वानुमान और सड़क की स्थिति जरूर जांचें।

बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें। पहाड़ी मार्गों पर वाहन धीरे चलाएं और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करें। यदि किसी मार्ग पर खराब मौसम या भूस्खलन का खतरा हो, तो वहां जाने से बचना बेहतर है।

पर्यटकों को भी ऊंचाई वाले इलाकों में जाने से पहले स्थानीय प्रशासन से जानकारी लेनी चाहिए। मौसम खराब होने पर यात्रा स्थगित करने का विकल्प खुला रखें।

Uttarakhand Weather Alert: लोगों को सतर्क रहने की जरूरत

उत्तराखंड में 14 से 16 अक्टूबर के बीच बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना के चलते मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। 15 अक्टूबर को 12 जिलों के लिए जारी येलो अलर्ट के बीच बिजली गिरने के खतरे को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

लोगों को मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर रखने, सुरक्षित स्थानों पर रहने और पहाड़ी क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है। किसानों, पर्यटकों और चारधाम यात्रियों के लिए भी मौसम के अनुसार अपनी योजनाएं बनाना जरूरी है।

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