Dehradun Doon Club News से जुड़ी एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। राजधानी देहरादून के न्यू सर्वे रोड (करणपुर) स्थित प्रतिष्ठित दून क्लब परिसर में संचालित ‘हांडी रेस्टोरेंट’ पर खाद्य सुरक्षा विभाग और विधिक सेवा प्राधिकरण की संयुक्त टीम ने मंगलवार को औचक निरीक्षण किया। इस छापेमारी के दौरान रेस्टोरेंट की रसोई में स्वच्छता मानकों की धज्जियां उड़ती मिलीं। निरीक्षण टीम को किचन और स्टोर रूम में सड़ी-गली सब्जियां, हफ्तों पुराना बासी खाना, घूमते कॉकरोच और चूहे मिले। गंभीर अनियमितताओं और स्वास्थ्य संबंधी खतरों को देखते हुए अधिकारियों ने रेस्टोरेंट को तत्काल प्रभाव से बंद करवा दिया है।
Dehradun Doon Club News: औचक निरीक्षण में खुली स्वच्छता की पोल
राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशों पर यह बड़ी कार्रवाई की गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) की सचिव सीमा डुंगराकोटी और खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FDA) की संयुक्त टीम ने दोपहर के समय अचानक हांडी रेस्टोरेंट पर छापा मारा।
हर दिशा से जुड़ रहा "उत्तराखण्ड"
निरीक्षण टीम ने रेस्टोरेंट के रसोईघर, फ्रीजर, खाद्य भंडारण (स्टोर रूम), बर्तन धुलाई क्षेत्र और ड्रेनेज सिस्टम की बारीकी से पड़ताल की। जाँच की शुरुआत में ही अधिकारियों को बेहद दयनीय स्थितियाँ देखने को मिलीं। जिस स्थान पर अतिथियों के लिए भोजन पकाया जा रहा था, वहाँ चारों तरफ गंदगी का अंबार था।
स्वरोजगार एवं उद्यमिता योजनाएँ
फ्रीजर में सड़ी सब्जियाँ और बासी मोमोज का स्टॉक
छापेमारी के दौरान जब टीम ने रसोई के डीप फ्रीजर को खोला, तो अधिकारी भी हैरान रह गए। फ्रीजर के अंदर फूलगोभी, मूली, पत्तागोभी, शिमला मिर्च और आलू पूरी तरह सड़ चुके थे।
इसके अलावा, भोजन की गुणवत्ता के साथ खिलवाड़ के कई प्रमाण मिले:
- एक सप्ताह पुरानी सामग्री: फास्ट फूड तैयार करने के लिए इस्तेमाल होने वाली मोमोज और चाउमीन की सामग्री लगभग 7 दिन पुरानी पाई गई।
- बासी आटा और चावल: दो दिन पुराने पके हुए बासी चावल और दो से तीन दिन पहले गूंथकर रखा गया आटा खुले बर्तनों में रखा था।
- खुला भोजन: तैयार खाद्य पदार्थों को बिना ढके रखा गया था, जिससे उन पर मक्खियों और कीड़े-मकोड़ों के बैठने का खतरा बना हुआ था।
मसालों की बोरियाँ कुतर रहे थे चूहे, अलमारियों में घूम रहे थे कॉकरोच
रेस्टोरेंट की रसोई और मसाले रखने की अलमारी की हालत बेहद खौफनाक थी। निरीक्षण के दौरान मसालों के रैक और स्टोर रूम में चूहे खुलेआम भागते नजर आए। मसालों की कई थैलियों को चूहों ने काट रखा था और उसी संक्रमित सामग्री से ग्राहकों का खाना बनाया जा रहा था।
इतना ही नहीं, बर्तन रखने के रैक और सिंक के आसपास कॉकरोच रेंगते हुए पाए गए। खाद्य सुरक्षा मानकों के तहत किसी भी व्यावसायिक रसोई में पेस्ट कंट्रोल (Pest Control) होना अनिवार्य है, लेकिन यहाँ की स्थिति देखकर साफ था कि लंबे समय से सफाई पर ध्यान नहीं दिया गया।
बर्तन धोने की जगह गंदगी और ठप ड्रेनेज सिस्टम
बर्तन धोने वाले क्षेत्र (Washing Area) की स्थिति भी चिंताजनक पाई गई। वहाँ नालियाँ पूरी तरह जाम थीं और पानी का निकास रुका हुआ था। तीन से चार दिन पुराने जूठे बर्तन वहाँ बिना धुले पड़े थे और उनसे दुर्गंध आ रही थी।
जब जाँच टीम ने रेस्टोरेंट प्रबंधन से निम्नलिखित कानूनी और स्वास्थ्य दस्तावेज़ माँगे, तो संचालक कोई भी रिकॉर्ड प्रस्तुत करने में असमर्थ रहे:
- कर्मचारियों की मेडिकल फिटनेस रिपोर्ट: काम करने वाले शेफ और वेटर का स्वास्थ्य रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं था।
- पेस्ट कंट्रोल सर्टिफिकेट: कीट नियंत्रण का कोई प्रमाण नहीं मिला।
- वॉटर टेस्टिंग रिपोर्ट: खाना पकाने और पीने के लिए इस्तेमाल हो रहे पानी की प्रयोगशाला जाँच रिपोर्ट भी नदारद थी।
Dehradun Doon Club News: बासी खाना नष्ट, 14 दिनों का इम्प्रूवमेंट नोटिस जारी
गंभीर जनस्वास्थ्य खतरे को देखते हुए संयुक्त टीम ने मौके पर ही भारी मात्रा में बासी और दूषित खाद्य सामग्री को नष्ट कराया।
- नष्ट कराया गया सामान: 15 किलोग्राम सड़ी-गली सब्जियाँ, 5 किलोग्राम बासी चावल, 2 किलोग्राम मोमोज सामग्री और कई दिन पुरानी बासी चिकन करी को सुरक्षित तरीके से डिस्पोज किया गया।
- सैंपलिंग: खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने पनीर, दूध और डीप फ्रीजर में रखी तैयार चिकन करी के कानूनी नमूने (Samples) एकत्र कर प्रयोगशाला जाँच के लिए भेज दिए हैं।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सीमा डुंगराकोटी ने कहा कि दून क्लब जैसे शहर के जाने-माने और प्रतिष्ठित संस्थान में इस तरह की लापरवाही बेहद गंभीर विषय है। यहाँ शहर के कई विशिष्ट और अति-विशिष्ट लोग (VIPs) आते हैं।
निरीक्षण टीम ने कार्रवाई करते हुए रेस्टोरेंट संचालक अभय सिंह नेगी को 14 दिनों का इम्प्रूवमेंट नोटिस (Improvement Notice) थमा दिया है। नोटिस के तहत संचालक को रसोई की सफाई, नए ड्रेनेज सिस्टम, पेस्ट कंट्रोल कराने, वाटर टेस्ट रिपोर्ट जमा करने और कर्मचारियों का मेडिकल चेकअप कराने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। 14 दिन बाद दोबारा निरीक्षण किया जाएगा; यदि सुधार नहीं पाया गया, तो रेस्टोरेंट का खाद्य लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द कर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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