Kohat Mosque Blast ने एक बार फिर पाकिस्तान के अशांत क्षेत्र खैबर पख्तूनख्वा को दहला दिया है। शुक्रवार को जुमे की नमाज के दौरान हुए एक भीषण विस्फोट में कम से कम 15 निर्दोष लोगों की जान चली गई, जबकि 50 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। यह दर्दनाक हादसा कोहाट जिले के ओल्ड पुलिस लाइंस इलाके में स्थित मस्जिद के करीब हुआ। घटना के समय मस्जिद परिसर में बड़ी संख्या में लोग और पुलिसकर्मी नमाज अदा करने के लिए एकत्र थे। धमाका इतना शक्तिशाली था कि मस्जिद की बाहरी दीवार ढह गई और मुख्य प्रवेश द्वार के पास एक बड़ा गड्ढा बन गया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और आपातकालीन राहत दल तुरंत मौके पर पहुंचे। विस्फोट के बाद इलाके में भारी अफरा-तफरी मच गई और हर तरफ चीख-पुकार सुनाई देने लगी। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू की गई, वहीं इलाके को सुरक्षा बलों ने पूरी तरह से घेर लिया।
Kohat Mosque Blast: ओल्ड पुलिस लाइन्स के पास हुआ भीषण हादसा
स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, यह भयानक Kohat Mosque Blast शुक्रवार दोपहर उस समय हुआ जब लोग जुमे की नमाज में मशगूल थे। शुरुआती जांच रिपोर्टों के मुताबिक, एक विस्फोटक से लदे वाहन को जबरन ओल्ड पुलिस लाइन्स परिसर के भीतर घुसाया गया था, जिसके बाद यह भीषण धमाका हुआ।
विस्फोट का प्रभाव इतना तेज था कि मस्जिद के आसपास की इमारतों की खिड़कियों के कांच टूट गए और इलाके में दहशत फैल गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि धमाके के तुरंत बाद मस्जिद के बाहर धुएं का गुबार उठने लगा और मलबे में कई लोग दब गए। राहत और बचाव दल (रेस्क्यू 1122) ने मौके पर पहुंचकर मलबे के नीचे दबे लोगों को बाहर निकालना शुरू किया।
Kohat Mosque Blast के बाद हथियारबंद आतंकवादियों के साथ मुठभेड़
रेस्क्यू 1122 के प्रवक्ता बिलाल अहमद फैज़ी द्वारा जारी किए गए बयान के अनुसार, Kohat Mosque Blast के तुरंत बाद सुरक्षा बलों और वहां मौजूद हथियारबंद आतंकवादियों के बीच सीधी गोलीबारी भी शुरू हो गई। हमले के वक्त आतंकवादियों ने स्थिति का फायदा उठाकर माहौल को और भयावह बनाने की कोशिश की।
हालांकि, सुरक्षा बलों ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की और पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी। पुलिस और प्रांतीय बलों ने सर्च ऑपरेशन चलाकर पूरे परिसर को सुरक्षित करने का काम शुरू कर दिया है ताकि छिपे हुए अन्य संदिग्धों को पकड़ा जा सके।
Kohat Mosque Blast के पीड़ितों के लिए DHQ अस्पताल में इमरजेंसी लागू
हादसे में हुए घायलों और मृतकों की स्थिति पर डिस्ट्रिक्ट हेडक्वार्टर (DHQ) अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट (MS) डॉ. ताहिर अली शाह ने आधिकारिक पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में अब तक 15 शव लाए जा चुके हैं, जबकि 50 से अधिक घायलों का इलाज चल रहा है।
घायलों में से कई की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है, जिससे मरने वालों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। घायलों में आम नागरिकों के अलावा ड्यूटी पर तैनात कई पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। अस्पताल प्रशासन ने आपातकालीन स्थिति घोषित करते हुए अतिरिक्त डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ को तैनात कर दिया है। रक्तदान करने के लिए स्थानीय लोग भी बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंच रहे हैं।
यातायात बंद और कोहाट-हंगू रोड पर सख्त पहरा
घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने त्वरित सुरक्षा उपाय लागू किए हैं। Kohat Mosque Blast के तुरंत बाद अधिकारियों ने एहतियात के तौर पर कोहाट-हंगू मुख्य मार्ग को सभी प्रकार के ट्रैफिक के लिए पूरी तरह से बंद कर दिया है।
सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि हमले में शामिल कुछ मददगार आसपास के इलाकों में छिपे हो सकते हैं। इसीलिए प्रांतीय नाकेबंदी सख्त कर दी गई है और आने-जाने वाले हर वाहन की गहन चेकिंग की जा रही है। पूरे जिले में रेड अलर्ट जारी किया गया है।
केपी पुलिस का संकल्प: आतंकवादियों के खिलाफ मजबूती से खड़े रहेंगे
खैबर पख्तूनख्वा के इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (IGP) हमीद ने इस कायरतापूर्ण हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने पुलिस बल का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि खैबर पख्तूनख्वा पुलिस आतंकवाद के खिलाफ एक अटूट और मजबूत दीवार की तरह खड़ी है।
आईजी हमीद ने स्पष्ट किया कि इस प्रकार के कायरतापूर्ण हमलों से हमारे पुलिसकर्मियों और देश के हौसले को तोड़ा नहीं जा सकता। उन्होंने कहा, “हमारे शहीदों का खून कभी बेकार नहीं जाएगा। इस हमले को अंजाम देने वाले आतंकवादियों और उनके मददगारों को उनके किए की कड़ी सजा मिलेगी, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मिसाल बनेगी।” इसके साथ ही उन्होंने अस्पताल प्रशासन को घायलों को सर्वोत्तम संभव चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के सख्त निर्देश दिए हैं।
क्षेत्र में बढ़ता आतंकी खतरा और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
खैबर पख्तूनख्वा का कोहाट जिला लंबे समय से सुरक्षा चुनौतियों से जूझता रहा है। पुलिस लाइन्स जैसे उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र में Kohat Mosque Blast का होना सुरक्षा व्यवस्था में एक गंभीर चूक की ओर इशारा करता है।
स्थानीय निवासियों में इस घटना को लेकर भारी गुस्सा और भय का माहौल है। आम जनता प्रशासन से मांग कर रही है कि धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं ताकि भविष्य में ऐसे दर्दनाक हादसों की पुनरावृत्ति न हो। फिलहाल पूरी घाटी में तनाव का माहौल है और सुरक्षा बल स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।









