Kedarnath Yatra 2026 के तहत बाबा केदारनाथ के दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। मानसून की रुकावट के बाद आज से द्वितीय चरण की हेलीकॉप्टर सेवाएं विधिवत रूप से चालू कर दी गई हैं। वहीं दूसरी तरफ, लगातार बारिश के कारण प्रभावित हुए पैदल मार्ग से मलबा हटाने का कार्य अत्यंत तीव्र गति से किया जा रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों का दावा है कि दोपहर तक पैदल रास्ते को पूरी तरह से सुरक्षित कर यात्रियों की आवाजाही के लिए सुचारू कर दिया जाएगा।
रुद्रप्रयाग जनपद में मंगलवार सुबह धूप के साथ हल्के बादलों की मौजूदगी देखी गई। मौसम में सुधार आने के साथ ही प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। आपदा परिचालन केंद्र के अनुसार, पिछले 24 घंटों में जखोली तहसील में सर्वाधिक 28 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि ऊखीमठ में 10 मिलीमीटर वर्षा हुई है। राहत की बात यह रही कि रुद्रप्रयाग तहसील क्षेत्र में बारिश दर्ज नहीं की गई। जिले का न्यूनतम तापमान 19 डिग्री और अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है।
Kedarnath Yatra 2026: चीरबासा के पास भूस्खलन से पैदल मार्ग प्रभावित
Kedarnath Yatra 2026 के पैदल मार्ग पर चीरबासा हेलीपैड के समीप पहाड़ी से अचानक भारी मलबा और बड़े पत्थर गिर जाने के कारण रास्ता बाधित हो गया था। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने यात्रा को आंशिक रूप से रोक दिया था। सोनप्रयाग, गौरीकुंड और जंगलचपट्टी पर श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर रोका गया है।
पहाड़ी से मलबा हटाने के लिए लोक निर्माण विभाग और आपदा प्रबंधन की टीमें लगातार मौके पर डटी हुई हैं। मार्ग के पूरी तरह से सुरक्षित और चौड़ा हो जाने के बाद ही यात्रियों को आगे जाने की अनुमति दी जाएगी। उम्मीद जताई जा रही है कि दोपहर तक पैदल मार्ग से मलबा पूरी तरह हटा लिया जाएगा।
Kedarnath Yatra 2026: उड़ानों की शुरुआत से श्रद्धालुओं को मिली बड़ी राहत
पैदल मार्ग में आए अवरोध के बीच Kedarnath Yatra 2026 के लिए हेलीकॉप्टर सेवाओं की शुरुआत किसी वरदान से कम साबित नहीं हो रही है। गुप्तकाशी, फाटा और सिरसी हेलीपैड से हेलीकॉप्टर उड़ानों का संचालन शुरू कर दिया गया है। जिन श्रद्धालुओं ने पूर्व में ऑनलाइन बुकिंग कराई थी, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर धाम तक पहुँचाया जा रहा है।
हेली सेवाएं शुरू होने से बुजुर्ग, बच्चे और बीमार श्रद्धालुओं को बड़ी सुविधा मिल रही है। उड्डयन विभाग और डीजीसीए के तय मानकों के अनुसार मौसम साफ रहते ही नियमित अंतराल पर हेलीकॉप्टर उड़ान भर रहे हैं।
Kedarnath Yatra 2026: अलकनंदा और मंदाकिनी के जलस्तर पर सख्त निगरानी
पहाड़ी इलाकों में हुई लगातार बारिश के बाद जिला प्रशासन नदियों के जलस्तर को लेकर सतर्क मोड पर है। सुबह 8 बजे के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार:
- अलकनंदा नदी: जलस्तर 624.18 मीटर दर्ज किया गया, जबकि इसका चेतावनी स्तर 626 मीटर और खतरे का निशान 627 मीटर है।
- मंदाकिनी नदी: जलस्तर 623.72 मीटर रहा, जो कि चेतावनी स्तर 625 मीटर और खतरे के निशान 626 मीटर से काफी नीचे है।
- अन्य क्षेत्र: गंगानगर में नदी का जलस्तर 800.08 मीटर और गौरीकुंड में 1973.70 मीटर दर्ज किया गया।
प्रशासन का कहना है कि दोनों प्रमुख नदियां फिलहाल खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं, लेकिन तटीय इलाकों में अलर्ट जारी रखा गया है।
Kedarnath Yatra 2026: राजमार्गों की स्थिति और प्रशासनिक तैयारियां
जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) और राज्य राजमार्ग (SH) पूरी तरह से खुले हुए हैं और यातायात सामान्य रूप से चल रहा है। हालांकि, ग्रामीण इलाकों में बारिश के कारण पीडब्ल्यूडी (PWD) के 3 मार्ग, पीएमजीएसवाई (PMGSY) के 5 मार्ग और एनपीसीसी (NPCC) का 1 मार्ग प्रभावित हुआ है।
जिलाधिकारी और आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिए हैं कि वे बंद पड़े ग्रामीण रास्तों को भी जल्द से जल्द खोलें। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एनडीआरएफ (NDRF), एसडीआरएफ (SDRF) और स्थानीय पुलिस बल को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। Kedarnath Yatra 2026 में आने वाले तीर्थयात्रियों से अपील की गई है कि वे मौसम का अपडेट लेने के बाद ही अपनी यात्रा आगे बढ़ाएं।
ALSO READ THIS:Haridwar Crime News: बहादराबाद में बाइक मैकेनिक की गोली मारकर हत्या, इलाके में सनसनी






