Bageshwar Garur Highway Blocked: उत्तराखंड के पर्वतीय अंचलों में मानसूनी बारिश और भूस्खलन के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। बागेश्वर जिले में गरुड़-बागेश्वर राष्ट्रीय राजमार्ग पर रवाईखाल के समीप पहाड़ी से लगातार हो रही पत्थरों की बरसात ने आवाजाही को पूरी तरह ठप कर दिया है। सीमा सड़क संगठन (BRO) की टीमें सुबह से ही भारी मशीनों के साथ मलबा हटाने और मार्ग बहाल करने में जुटी हुई हैं। हालांकि, लगातार दरकती पहाड़ी से गिरते बोल्डर राहत और बचाव कार्य में बड़ी बाधा बन रहे हैं। इस वजह से मार्ग के दोनों ओर वाहनों का कई किलोमीटर लंबा जाम लग चुका है, जिससे यात्रियों और स्थानीय निवासियों को भीषण कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
Bageshwar Garur Highway Blocked: रवाईखाल के पास बिगड़े हालात, दोनों ओर फंसे सैकड़ों वाहन
राष्ट्रीय राजमार्ग पर रवाईखाल के पास का हिस्सा संवेदनशील लैंडस्लाइड जोन में तब्दील हो चुका है। पहाड़ी से रुक-रुक कर गिर रहे भारी पत्थरों और मलबे के कारण मार्ग पर परिचालन जोखिम भरा हो गया है। Bageshwar Garur Highway Blocked होने की वजह से सुबह से ही सड़क के दोनों तरफ गाड़ियों की लंबी कतारें लगी हुई हैं।
जाम में एम्बुलेंस, दैनिक यात्री, पर्यटकों के साथ-साथ आवश्यक सामग्रियों की आपूर्ति करने वाले व्यावसायिक वाहन फंसे हुए हैं। हल्द्वानी और आसपास के मैदानी इलाकों से बागेश्वर आने वाली दूध, ताजी सब्जियां, फल और राशन की आपूर्ति ठप हो गई है। सप्लाई रुकने से स्थानीय बाजारों और दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में दैनिक जरूरतों के सामान की किल्लत पैदा होने का खतरा मंडराने लगा है।
Bageshwar Garur Highway Blocked: व्यस्त समय में कार्यप्रणाली पर जनता का फूटा गुस्सा
मार्ग पर आवाजाही बाधित होने से सबसे अधिक परेशानी सुबह के समय ड्यूटी और स्कूल जाने वाले लोगों को उठानी पड़ रही है। स्कूल बसें, शिक्षक, सरकारी कर्मचारी, चिकित्सक और फार्मासिस्ट घंटों जाम में फंसे रहने को मजबूर हैं। बीआरओ द्वारा बिना किसी पूर्व नियोजित समय-सारिणी के दिन के समय मलबा हटाने का काम चलाए जाने से लोग आक्रोशित हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जब पहाड़ी से लगातार भूस्खलन हो रहा है, तो मलबे की सफाई के लिए एक व्यावहारिक टाइम-टेबल तय किया जाना चाहिए। सुबह के व्यस्त समय में मशीनरी चलाकर रास्ता बंद करने से पूरा यातायात तंत्र चरमरा जाता है।
Bageshwar Garur Highway Blocked: ग्रामीणों ने रखी व्यावहारिक समय-सारिणी की मांग
समस्या के समाधान के लिए स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और BRO को एक सुदृढ़ योजना अपनाने का सुझाव दिया है। ग्रामीणों की मांग है कि:
- सुबह का स्लॉट: सुबह 10:00 बजे तक यातायात को सुचारू रहने दिया जाए ताकि विद्यार्थी, कर्मचारी और मरीज आसानी से अपने गंतव्य तक पहुंच सकें।
- दोपहर की सफाई: सुबह 10:00 बजे के बाद ही भारी मशीनों से मलबा हटाने का कार्य शुरू किया जाए।
- चरणबद्ध आवाजाही: मलबा हटाने के दौरान हर एक से दो घंटे के अंतराल पर जमा हुए वाहनों को निकाला जाना चाहिए।
- शाम का स्लॉट: शाम 6:00 बजे के बाद पुनः मलबे को हटाने का बड़ा कार्य किया जाए ताकि दिनभर की व्यावसायिक आवाजाही प्रभावित न हो।
Bageshwar Garur Highway Blocked: मांग पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी
स्थानीय निवासियों में अव्यवस्था को लेकर गहरा असंतोष है। क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों—विपिन जोशी, खीम सिंह ऐठानी, भास्कर तिवारी और मनोज कुमार ने संयुक्त रूप से कहा कि बीआरओ की अनियोजित कार्यशैली के कारण पूरी घाटी का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो चुका है।
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से तत्काल मामले का संज्ञान लेने और बीआरओ अधिकारियों को जनता की सुविधा अनुसार समय-सारिणी निर्धारित करने के कड़े निर्देश देने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने शीघ्र ही ठोस व्यवस्था नहीं बनाई, तो स्थानीय जनता सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी।
ALSO READ THIS:देहरादून में बेखौफ बदमाशों का तांडव: शिमला बाईपास रोड पर स्कूटी सवार युवक पर झोंकी गोली, इलाके में फैली सनसनी




