Uttarakhand Weather का मिजाज एक बार फिर बदल गया है और पूरे प्रदेश में मानसूनी बारिश का दौर तेजी से शुरू हो चुका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 2 सितंबर तक उत्तराखंड के अधिकांश जनपदों में मूसलाधार बारिश की सख्त चेतावनी जारी की है। अगस्त के अंतिम दिनों और सितंबर की शुरुआत में बंगाल की खाड़ी और मध्य भारत में बने कम दबाव के क्षेत्र (Low-Pressure Area) के असर से पर्वतीय तथा मैदानी दोनों ही क्षेत्रों में तेज बारिश की संभावना बनी हुई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस नए मौसमी सिस्टम के चलते अगले कुछ दिनों तक आम जनजीवन, पहाड़ी यातायात और नदी-नालों का जलस्तर अत्यधिक प्रभावित रहने वाला है।
Uttarakhand Weather: देहरादून समेत 8 जिलों में आज यलो अलर्ट जारी
रविवार को जारी मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, Uttarakhand Weather के रुख को देखते हुए मौसम विभाग ने प्रदेश के आठ प्रमुख जिलों में भारी वर्षा का यलो अलर्ट जारी किया है। जिन जिलों में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है, उनमें राज्य की राजधानी देहरादून, पौड़ी गढ़वाल, टिहरी, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, चमोली, नैनीताल और बागेश्वर शामिल हैं।
इसके साथ ही, चंपावत और ऊधम सिंह नगर सहित राज्य के शेष जनपदों में भी गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने और अति तीव्र बौछारें पड़ने का अनुमान जताया गया है। लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ी ढलानों पर भूस्खलन और मलबे की वजह से रास्ते बंद होने की समस्या पैदा हो रही है।
Uttarakhand Weather: सोमवार को 4 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को मौसम की तल्खी और अधिक बढ़ सकती है। Uttarakhand Weather बुलेटिन के मुताबिक सोमवार को देहरादून, नैनीताल, चमोली और बागेश्वर जिलों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
इन जिलों में अत्यंत तीव्र बारिश की संभावना को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। संवेदनशील इलाकों, नदियों के तटवर्ती क्षेत्रों और पहाड़ी मार्गों पर यात्रा कर रहे लोगों को बहुत सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
Uttarakhand Weather: देहरादून शहर जलमग्न, नदियां और नाले उफान पर
राजधानी देहरादून में बारिश का असर सबसे अधिक देखा जा रहा है। शुक्रवार रात हुई मूसलाधार वर्षा के बाद शनिवार शाम को भी करीब दो घंटे तक झमाझम बारिश हुई। इस भारी बारिश से पूरा शहर जलमग्न हो गया और प्रमुख सड़कों पर कई फीट पानी जमा हो गया।
बिंदाल और रिस्पना नदियां उफान पर आ गईं, जिससे निचले इलाकों और बस्तियों में जलभराव की गंभीर समस्या खड़ी हो गई। सड़कों पर पानी भरने से यात्रियों और वाहन चालकों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। Uttarakhand Weather में इस अचानक आए बदलाव ने शहरी बुनियादी ढांचे की पोल खोल दी है और जगह-जगह जाम जैसी स्थिति बनी हुई है।
Uttarakhand Weather: सितंबर के मध्य तक मानसून रहेगा सक्रिय
मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान में सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण और मानसूनी ट्रफ रेखा के प्रभाव से अगले 4-5 दिनों तक राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं है। Uttarakhand Weather में यह नमी का दौर सितंबर की शुरुआत तक लगातार बना रहेगा।
मौसम वैज्ञानिकों के संकेत के अनुसार, सितंबर के मध्य से ही प्रदेश में मानसून की क्रमिक विदाई की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है। तब तक पर्वतीय जनपदों में आकाशीय बिजली चमकने, भूस्खलन होने और नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने का खतरा बना रहेगा।
Uttarakhand Weather: सुरक्षा और सावधानी के लिए जरूरी सलाह
लगातार बिगड़ते Uttarakhand Weather को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग और स्थानीय प्रशासन ने राज्य के नागरिकों तथा पर्यटकों के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुरक्षा दिशानिर्देश जारी किए हैं:
- पहाड़ी यात्रा से बचें: भारी बारिश के दौरान और ऑरेंज अलर्ट वाले दिनों में अनावश्यक पहाड़ी यात्राओं से बचें।
- नदी तटों से दूर रहें: उफान पर चल रही नदियों, खड्डों और बरसाती नालों के पास जाने की भूल बिल्कुल न करें।
- लैंडस्लाइड संभावित क्षेत्रों में सावधानी: यात्रा के दौरान भूस्खलन संभावित क्षेत्रों पर पैनी नजर रखें और मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति में सुरक्षित स्थान पर रुकें।
- आकाशीय बिजली से सुरक्षा: तेज आंधी-तूफान या बिजली चमकने के समय खुले में रहने के बजाय सुरक्षित पक्के मकानों में शरण लें और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से दूरी बनाएं।
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