उत्तराखंड सरकार ने धार्मिक पर्यटन और आधारभूत ढांचे को नई गति देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को हरिद्वार दौरे के दौरान लगभग 235 करोड़ रुपये की लागत वाली Ganga Corridor Haridwar परियोजनाओं का भूमि पूजन एवं शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने आगामी कांवड़ मेले की तैयारियों की भी विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिद्वार केवल उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है और Ganga Corridor Haridwar परियोजना इसके धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन महत्व को नई पहचान देगी।
235 करोड़ रुपये से बदलेगी हरिद्वार की तस्वीर
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड निवेश एवं आधारभूत संरचना विकास बोर्ड (UIIDB) की ओर से संचालित तीन प्रमुख विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं का उद्देश्य हरिद्वार को आधुनिक सुविधाओं से लैस करते हुए उसकी धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को और मजबूत बनाना है।
सरकार का मानना है कि Ganga Corridor Haridwar परियोजना पूरी होने के बाद श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, शहर की सुंदरता बढ़ेगी और पर्यटन को भी नई रफ्तार मिलेगी। इससे स्थानीय व्यापार, होटल उद्योग और रोजगार के अवसरों में भी उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है।
इन परियोजनाओं पर होगा विकास कार्य
हरिद्वार में शुरू की गई विकास योजनाओं के तहत कई महत्वपूर्ण स्थलों का सौंदर्यीकरण किया जाएगा।
इनमें शामिल हैं—
- रोड़ीबेलवाला क्षेत्र का सौंदर्यीकरण – 58.84 करोड़ रुपये
- हर की पैड़ी क्षेत्र का विकास एवं सौंदर्यीकरण – 66.76 करोड़ रुपये
- उत्तरी हर की पैड़ी क्षेत्र का विकास – 66.34 करोड़ रुपये
- प्रशासनिक मार्ग कॉरिडोर विकास कार्य – 43.25 करोड़ रुपये
इन सभी परियोजनाओं के पूरा होने के बाद श्रद्धालुओं को बेहतर आवागमन, स्वच्छ वातावरण, आधुनिक सुविधाएं और सुरक्षित धार्मिक अनुभव प्राप्त होगा।
कांवड़ मेले की तैयारियों पर विशेष जोर
शिलान्यास कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री धामी ने सीसीआर भवन में कांवड़ मेले की तैयारियों को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, प्रदीप बत्रा, राम सिंह कैड़ा सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएं। उन्होंने कहा कि लाखों शिवभक्त हरिद्वार पहुंचते हैं, इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
बिजली, पानी, सुरक्षा और पार्किंग की बेहतर व्यवस्था होगी
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष कांवड़ मेले के दौरान बिजली, पेयजल, सड़क, ट्रैफिक प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था, घाटों की सफाई, पार्किंग और चिकित्सा सेवाओं को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।
महिलाओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अलग से शौचालयों की व्यवस्था भी की जाएगी। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
श्रद्धालुओं से नियमों का पालन करने की अपील
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्थानीय नागरिकों, साधु-संतों और विभिन्न सामाजिक संगठनों से कांवड़ियों का स्वागत करने में सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि हरिद्वार की पहचान उसकी धार्मिक संस्कृति और आतिथ्य से है, इसलिए सभी को मिलकर इस परंपरा को आगे बढ़ाना चाहिए।
उन्होंने कांवड़ यात्रियों से भी अपील की कि यात्रा के दौरान प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करें।
धार्मिक पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि Ganga Corridor Haridwar केवल एक निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि हरिद्वार के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इस परियोजना से धार्मिक पर्यटन को नई ऊंचाई मिलेगी और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराते हुए हरिद्वार की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को सुरक्षित रखना है। बेहतर आधारभूत ढांचे से देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ेगी, जिससे स्थानीय व्यापारियों, होटल व्यवसायियों और अन्य सेवा क्षेत्रों को भी सीधा लाभ मिलेगा।
किसान संवाद कार्यक्रम में भी शामिल हुए मुख्यमंत्री
हरिद्वार दौरे के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जगजीतपुर में आयोजित भाजपा के मैंगो पार्टी एवं किसान संवाद कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने किसानों से बातचीत कर सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी और कृषि क्षेत्र के विकास के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
हरिद्वार के विकास को मिलेगी नई दिशा
राज्य सरकार का मानना है कि Ganga Corridor Haridwar परियोजना आने वाले वर्षों में हरिद्वार की तस्वीर बदल देगी। आधुनिक सुविधाओं, बेहतर ट्रैफिक व्यवस्था, स्वच्छ घाटों और विकसित धार्मिक स्थलों के कारण यह शहर देश के प्रमुख आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में और अधिक मजबूत होगा। वहीं कांवड़ मेले की सुव्यवस्थित तैयारियां लाखों श्रद्धालुओं की यात्रा को सुरक्षित, सुगम और यादगार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।








