डलास / नई दिल्ली:
फीफा विश्व कप 2026 (FIFA World Cup 2026) के पहले सेमीफाइनल मुकाबले में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। खिताब की प्रबल दावेदार मानी जा रही किलियन एम्बाप्पे की फ्रांसीसी सेना को मात देकर स्पेन ने इतिहास रच दिया है। डलास स्टेडियम में खेले गए इस बेहद रोमांचक और हाई-वोल्टेज मुकाबले में स्पेन ने फ्रांस को 2-0 से शिकस्त देकर दूसरी बार फीफा विश्व कप के फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है।
पूरे मैच के दौरान स्पेनिश टीम ने बेहद अनुशासित और रणनीतिक खेल का प्रदर्शन किया। उन्होंने न सिर्फ फ्रांस की मजबूत आक्रमण पंक्ति (Attack Line) को घुटने टेकने पर मजबूर किया, बल्कि अपने शानदार डिफेंस से फ्रांस को एक भी गोल करने का मौका नहीं दिया। अब स्पेन का सामना खिताबी मुकाबले में इंग्लैंड और अर्जेंटीना के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से होगा। इस महाकुंभ का फाइनल मैच रविवार को न्यूयॉर्क के न्यू जर्सी स्टेडियम में खेला जाएगा।
पहले हाफ में ओयरजाबल का धमाका: पेनल्टी से मिली शुरुआती बढ़त
मैच की शुरुआत बेहद आक्रामक रही। फ्रांस ने किक-ऑफ के साथ ही स्पेनिश पाले पर कुछ तेज हमले किए। कप्तान किलियन एम्बाप्पे ने अपनी जादुई गति और ड्रिबलिंग कौशल से स्पेन के डिफेंस को भेदने की कोशिश की, लेकिन स्पेन की रक्षा पंक्ति मुस्तैद थी।
खेल के शुरुआती दबाव को झेलने के बाद स्पेन ने पलटवार किया और मैच के 22वें मिनट में उन्हें सफलता हाथ लगी। स्पेन के 19 वर्षीय युवा सनसनी लामिन यमाल विपक्षी बॉक्स के अंदर तेजी से गेंद की तरफ बढ़े, जहां फ्रांस के डिफेंडर लुकास डिग्ने ने उन्हें रोकने के चक्कर में फाउल कर दिया। रेफरी ने बिना कोई वक्त गंवाए तुरंत पेनल्टी का इशारा किया।
स्पेन की ओर से इस सुनहरे मौके को भुनाने की जिम्मेदारी स्टार खिलाड़ी मिकेल ओयरजाबल ने संभाली।
ओयरजाबल ने बेहद शांत दिमाग से शॉट लिया और गेंद को नेट के अंदर पहुंचाकर स्पेन को 1-0 की शुरुआती बढ़त दिला दी। फ्रांस के गोलकीपर माइक मेन्यां ने सही दिशा में डाइव तो लगाई, लेकिन ओयरजाबल के सटीक शॉट के आगे उनकी एक न चली।
दूसरे हाफ में पेड्रो पोरो का मैजिक: बढ़त हुई दोगुनी
पहले हाफ में 1-0 की मानसिक और तकनीकी बढ़त हासिल करने के बाद स्पेन ने दूसरे हाफ में भी फ्रांस पर अपना शिकंजा ढीला नहीं होने दिया। स्पेनिश मिडफील्डर्स ने गेंद पर नियंत्रण (Ball Possession) बनाए रखा और फ्रांस को वापसी का कोई मौका नहीं दिया।
मैच के 58वें मिनट में स्पेन ने एक और खूबसूरत मूव बनाया। पेड्रो पोरो ने दानी ओल्मो के साथ मिलकर एक बेहतरीन ‘वन-टू पास’ का तालमेल दिखाया। ओल्मो से पास मिलते ही पेड्रो पोरो ने शानदार फिनिशिंग का मुजाहिरा करते हुए गेंद को गोलपोस्ट के निचले कोने में डाल दिया। इस बेहतरीन मैदानी गोल (Field Goal) के साथ ही स्कोर 2-0 हो गया और स्पेन की जीत लगभग तय हो गई। दो गोल से पिछड़ने के बाद फ्रांसीसी टीम पूरी तरह दबाव में बिखरती नजर आई।
फ्रांस की हर कोशिश नाकाम: सिमोन और कुकुरेला बने दीवार
2-0 से पिछड़ने के बाद फ्रांस के मुख्य कोच ने मैच का पासा पलटने के लिए अपनी बेंच स्ट्रेंथ का इस्तेमाल किया। उन्होंने आक्रमण को और पैना करने के इरादे से डेजिरे डुए और रयान चेर्की जैसे युवा और फुर्तीले फॉरवर्ड्स को मैदान पर उतारा।
फ्रांस ने अंतिम 30 मिनट में गोल करने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी।
किलियन एम्बाप्पे ने बाईं विंग से कई बार स्पेनिश डी (Box) में घुसने का प्रयास किया, लेकिन स्पेन के गोलकीपर उनाई सिमोन आज अभेद्य दीवार बनकर खड़े थे। उन्होंने फ्रांस के कई खतरनाक शॉट्स को शानदार तरीके से ब्लॉक किया।
मैच का सबसे रोमांचक पल तब आया जब एम्बाप्पे एक काउंटर-अटैक पर गोल करने के बेहद करीब पहुंच गए थे, लेकिन स्पेनिश डिफेंडर मार्क कुकुरेला ने एक विश्व स्तरीय और क्लीन टैकल करते हुए गेंद को एम्बाप्पे के पैरों से छीन लिया और खतरा टाल दिया। स्पेन की इस संगठित और अभेद्य डिफेंस के सामने फ्रांस पूरे 90 मिनट और एडेड टाइम में एक भी गोल दागने में पूरी तरह नाकाम रहा।
बने कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड्स
इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही मैदान पर जहां स्पेनिश खिलाड़ी और प्रशंसक जश्न में डूब गए, वहीं फ्रांस की टीम के चेहरे पर मायूसी साफ देखी जा सकती थी। इस मैच के साथ ही स्पेन ने कुछ शानदार रिकॉर्ड भी अपने नाम किए:
• ओयरजाबल का स्वर्णिम फॉर्म: मिकेल ओयरजाबल ने स्पेनिश नेशनल टीम के लिए खेलते हुए अपने पिछले 20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में यह 18वां गोल दागा है, जो उनकी बेहतरीन फॉर्म को दर्शाता है।
• करियर का मील का पत्थर: यह गोल मिकेल ओयरजाबल के अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल करियर का 30वां गोल था।
• क्लीन शीट के साथ फाइनल: स्पेन ने टूर्नामेंट की सबसे खतरनाक आक्रमण पंक्तियों में से एक (फ्रांस) को शून्य पर रोककर, क्लीन शीट के साथ फाइनल का टिकट कटाया है।
आगे की राह: रविवार को सजेगा खिताबी महामुकाबला
इस करारी हार के बाद अब फ्रांस का विश्व कप जीतने का सपना टूट गया है और वह अब सीधे तीसरे स्थान (Third-Place Play-off) के मुकाबले के लिए मैदान पर उतरेगी। वहीं दूसरी ओर, स्पेन 2026 फीफा विश्व कप के फाइनल में पहुंचने वाली पहली आधिकारिक टीम बन गई है।
स्पेन का लक्ष्य अब इतिहास दोहराते हुए दूसरी बार चमचमाती विश्व कप ट्रॉफी पर अपना कब्जा जमाना होगा। फुटबॉल प्रेमियों की नजरें अब रविवार को न्यूयॉर्क के न्यू जर्सी स्टेडियम में होने वाले ग्रैंड फिनाले पर टिकी हैं।









