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Champawat Development: धामी सरकार के पांच साल, मुख्यमंत्री की विधानसभा चंपावत में विकास को मिली नई रफ्तार!

On: July 4, 2026 6:03 AM
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Champawat Development: Infrastructure and development projects underway in Champawat under CM Pushkar Singh Dhami as part of Champawat Development initiatives.

Champawat Development: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार के पांच वर्ष पूरे होने के साथ ही उनकी विधानसभा चंपावत विकास कार्यों की वजह से लगातार चर्चा में है। पिछले कुछ वर्षों में जिले में शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, सड़क, पेयजल, खेल और आधारभूत सुविधाओं से जुड़े 188 से अधिक छोटे-बड़े विकास कार्य शुरू किए गए हैं। इनमें कई परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि कई पर तेजी से काम जारी है। यही कारण है कि Champawat Development आज राज्य की सबसे चर्चित विकास योजनाओं में गिना जा रहा है।

सरकार का दावा है कि चंपावत को एक आधुनिक, सुविधासंपन्न और पर्यटन केंद्रित जिले के रूप में विकसित करने के लिए बड़े स्तर पर निवेश किया गया है। इसका असर अब जमीन पर भी दिखाई देने लगा है।

बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स से बदली जिले की तस्वीर

Champawat Development के तहत कई महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर काम जारी है। टनकपुर में करीब 237 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक अंतरराज्यीय बस अड्डा (ISBT) बनाया जा रहा है, जिसका लगभग 70 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है।

इसके अलावा प्रदेश का पहला महिला स्पोर्ट्स कॉलेज लगभग 256 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जा रहा है। खिलाड़ियों के लिए सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक का निर्माण भी पूरा हो चुका है। वृद्धाश्रम, फायर स्टेशन, मीडिया सेंटर, गेस्ट हाउस और कम्युनिटी हॉल जैसी परियोजनाएं भी तेजी से आकार ले रही हैं।

चंपावत तहसील भवन, मोटर पुल और अन्य प्रशासनिक भवनों का निर्माण भी Champawat Development को नई दिशा देने वाले महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।

शिक्षा क्षेत्र में रिकॉर्ड निवेश से मजबूत हुई बुनियाद

शिक्षा के क्षेत्र में भी Champawat Development के तहत कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं शुरू की गई हैं। खेतीखान आईटीआई में आधुनिक लाइब्रेरी और कंप्यूटर लैब बनाई जा रही है, जबकि लोहाघाट में डॉ. भीमराव आंबेडकर भवन का निर्माण जारी है।

राजकीय महाविद्यालय लोहाघाट में महिला छात्रावास का निर्माण पूरा हो चुका है। पाटी डिग्री कॉलेज के नए भवन, सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय परिसर में केंद्रीय पुस्तकालय, मिनी स्पोर्ट्स स्टेडियम और चारदीवारी के निर्माण के लिए करोड़ों रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

इसके अलावा 100 सरकारी विद्यालयों का आधुनिकीकरण, स्मार्ट क्लासरूम, पुस्तकालय, छात्रावास और बहुउद्देशीय सभागार जैसी परियोजनाएं भी Champawat Development की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल हैं।

पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई नई पहल

पर्यटन क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए भी सरकार ने बड़े स्तर पर निवेश किया है। Champawat Development के तहत ’13 डिस्ट्रिक्ट-13 डेस्टिनेशन’ योजना के अंतर्गत हिमाद्री इम्पोरियम केंद्र का निर्माण पूरा किया जा चुका है।

पूर्णागिरि, रीठा साहिब, देवीधूरा, एबट माउंट और पंचेश्वर जैसे प्रमुख पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों पर पार्किंग, हेलीपोर्ट, एंगलिंग सेंटर और अन्य सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इससे जिले में धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन को नई गति मिलने की उम्मीद है।

मानसखंड मिशन से धार्मिक स्थलों का हो रहा कायाकल्प

धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मानसखंड मंदिर माला मिशन के अंतर्गत कई परियोजनाएं शुरू की गई हैं। पाताल रुद्रेश्वर मंदिर के विकास, रीठा साहिब में पार्किंग निर्माण और कुमाऊं के प्रमुख 17 मंदिरों को मानसखंड कॉरिडोर से जोड़ने का कार्य तेजी से चल रहा है।

Champawat Development के इस चरण का उद्देश्य धार्मिक स्थलों को बेहतर सुविधाओं से जोड़कर श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ाना और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है।

स्वास्थ्य सुविधाओं में हुआ बड़ा विस्तार

स्वास्थ्य क्षेत्र में भी जिले को कई नई सुविधाएं मिली हैं। टनकपुर में 50 बेड के आयुष चिकित्सालय का निर्माण किया जा रहा है। इसके अलावा आधुनिक सीसीयू और पीआईसीयू की स्थापना की गई है तथा एमआरआई मशीन का भी लोकार्पण किया गया है।

अस्पतालों के उच्चीकरण, भवनों की मरम्मत और चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार से Champawat Development के तहत स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती मिली है।

पेयजल और बाढ़ सुरक्षा पर विशेष जोर

पेयजल संकट को दूर करने के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर काम चल रहा है। लोहाघाट टाउन पंपिंग योजना (सरयू लिफ्ट पेयजल योजना) के लिए 84 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है।

इसके अलावा पूर्णागिरि क्षेत्र में लादीगाड़ पंपिंग योजना और शारदा नदी के किनारे बाढ़ सुरक्षा तटबंधों का निर्माण भी जारी है। बूम से टनकपुर तक बाढ़ सुरक्षा परियोजनाओं पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं ताकि बरसात के दौरान लोगों को राहत मिल सके।

करोड़ों रुपये की मेगा परियोजनाओं पर तेजी से काम

Champawat Development के अंतर्गत कई मेगा प्रोजेक्ट भी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। इनमें शारदा घाट पुनर्विकास परियोजना, इंटीग्रेटेड क्राउड मैनेजमेंट सेंटर, सिटी ड्रेनेज प्लान, इकोलॉजिकल कॉरिडोर, नया राज्य अतिथि गृह और आधुनिक साइंस सेंटर प्रमुख हैं।

इसके अलावा जिला कारागार भवन, बड़े पुलों का निर्माण और आपदा प्रबंधन से जुड़ी परियोजनाओं पर भी तेजी से काम हो रहा है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य जिले को आधुनिक सुविधाओं से लैस करना और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना है।

सड़क, खेल और प्रशासनिक ढांचे को भी मिली मजबूती

चंपावत में सड़क संपर्क सुधारने के लिए कई नए पुल और मोटर मार्ग बनाए गए हैं। महिला खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने के लिए खेल अवसंरचना विकसित की गई है, जबकि प्रशासनिक भवनों के निर्माण से सरकारी सेवाओं की पहुंच भी बेहतर हुई है। Champawat Development के तहत ग्रामीण क्षेत्रों तक विकास पहुंचाने पर विशेष ध्यान दिया गया है ताकि शहर और गांव के बीच सुविधाओं का अंतर कम किया जा सके।

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