Haridwar Greenfield Highway परियोजना उत्तराखंड के सड़क नेटवर्क में बड़ा बदलाव लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। हरिद्वार में लगातार बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने और चारधाम यात्रा को अधिक सुगम बनाने के लिए रोशनाबाद से बिहारीगढ़ तक प्रस्तावित ग्रीनफील्ड हाईवे की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। यह नया फोरलेन कॉरिडोर न केवल हरिद्वार शहर में लगने वाले लंबे जाम से राहत देगा, बल्कि दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा से आने-जाने वाले वाहनों के लिए भी तेज और वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराएगा।
सरकार का मानना है कि इस परियोजना से पर्यटन, उद्योग, व्यापार और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को नई गति मिलेगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
हरिद्वार में ट्रैफिक की बड़ी समस्या का समाधान
हरिद्वार देश के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों में शामिल है। हर साल करोड़ों श्रद्धालु चारधाम यात्रा, कांवड़ यात्रा, गंगा स्नान और अन्य धार्मिक आयोजनों में शामिल होने के लिए यहां पहुंचते हैं। इसके अलावा आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में भारी वाहनों की आवाजाही भी लगातार बनी रहती है।
इन्हीं कारणों से शहर के प्रमुख मार्गों पर सालभर ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रहती है। Haridwar Greenfield Highway बनने के बाद शहर के भीतर प्रवेश किए बिना वाहन सीधे अपने गंतव्य की ओर जा सकेंगे, जिससे ट्रैफिक का दबाव काफी हद तक कम होने की उम्मीद है।
बिना हरिद्वार में एंट्री किए सीधे पहुंच सकेंगे दिल्ली
इस परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा की ओर से आने वाले वाहन हरिद्वार शहर में प्रवेश किए बिना सीधे आगे बढ़ सकेंगे।
वर्तमान में अधिकांश वाहन शहर के अंदर से गुजरते हैं, जिससे प्रमुख चौराहों और राष्ट्रीय राजमार्ग पर लंबे समय तक जाम की स्थिति बनी रहती है। Haridwar Greenfield Highway तैयार होने के बाद यातायात का बड़ा हिस्सा नए मार्ग पर स्थानांतरित हो जाएगा, जिससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों दोनों को राहत मिलेगी।
30.40 किलोमीटर लंबा होगा फोरलेन हाईवे
प्रस्तावित Haridwar Greenfield Highway लगभग 30.40 किलोमीटर लंबा होगा। इसे आधुनिक मानकों के अनुरूप चार लेन में विकसित किया जाएगा, ताकि वाहन सुरक्षित और तेज गति से सफर कर सकें।
इस परियोजना पर करीब 1250 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। सड़क का निर्माण भविष्य की यातायात आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा, जिससे आने वाले वर्षों में भी बढ़ते ट्रैफिक का दबाव आसानी से संभाला जा सके।
सात अंडरपास और नौ बड़े पुल होंगे शामिल
इस ग्रीनफील्ड हाईवे को अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए परियोजना में सात अंडरपास बनाए जाएंगे। इससे स्थानीय ग्रामीणों और छोटे वाहनों की आवाजाही प्रभावित नहीं होगी।
इसके अलावा सड़क पर नौ बड़े पुलों का भी निर्माण प्रस्तावित है। इन संरचनाओं के जरिए हाईवे को निर्बाध और सुरक्षित बनाया जाएगा, जिससे यात्रा के दौरान रुकावटें कम होंगी।
रोशनाबाद से बिहारीगढ़ तक होगा निर्माण
Haridwar Greenfield Highway का निर्माण रोशनाबाद से शुरू होकर उत्तर प्रदेश सीमा के निकट बिहारीगढ़ क्षेत्र तक किया जाएगा। यह मार्ग हरिद्वार जिले के भीतर विकसित होगा और कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों को बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध कराएगा।
वर्तमान में रोशनाबाद, औरंगाबाद, बुग्गावाला और तेलपुरा जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों से होकर गुजरने वाले वाहनों के कारण लगातार जाम की समस्या बनी रहती है। नया हाईवे बनने के बाद इन इलाकों में ट्रैफिक का दबाव काफी कम हो जाएगा।
चारधाम यात्रा और पर्यटन को मिलेगा बड़ा फायदा
चारधाम यात्रा के दौरान हरिद्वार लाखों श्रद्धालुओं का प्रवेश द्वार बन जाता है। ऐसे समय में शहर में वाहनों की संख्या कई गुना बढ़ जाती है, जिससे यात्रा प्रभावित होती है।
Haridwar Greenfield Highway बनने के बाद चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को तेज और सुगम मार्ग मिलेगा। इससे यात्रा का समय कम होगा और यातायात प्रबंधन भी पहले की तुलना में अधिक प्रभावी हो सकेगा।
इसके अलावा होटल, ट्रैवल एजेंसियां, परिवहन सेवाएं और पर्यटन उद्योग को भी इस परियोजना का सीधा लाभ मिलेगा।
औद्योगिक क्षेत्रों की लॉजिस्टिक्स होगी बेहतर
हरिद्वार उत्तराखंड का प्रमुख औद्योगिक केंद्र भी है। यहां स्थित औद्योगिक इकाइयों से रोजाना बड़ी संख्या में मालवाहक वाहन गुजरते हैं।
नई सड़क बनने से उद्योगों की लॉजिस्टिक्स लागत कम होगी और माल परिवहन तेज होगा। इससे निवेश बढ़ने और स्थानीय रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है।
आधुनिक सड़क नेटवर्क की दिशा में बड़ा कदम
राज्य सरकार का मानना है कि Haridwar Greenfield Highway केवल ट्रैफिक कम करने की परियोजना नहीं बल्कि उत्तराखंड के आधुनिक सड़क नेटवर्क का महत्वपूर्ण हिस्सा होगी।
यह परियोजना भविष्य में धार्मिक पर्यटन, आर्थिक विकास और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को नई दिशा दे सकती है। इसके पूरा होने के बाद हरिद्वार में ट्रैफिक दबाव कम होगा, चारधाम यात्रा और अधिक सुगम बनेगी तथा स्थानीय लोगों को भी बेहतर परिवहन सुविधाएं मिलेंगी। यही कारण है कि इस ग्रीनफील्ड हाईवे को उत्तराखंड की प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में शामिल किया जा रहा है।






