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PM Surya Ghar Yojana: उत्तराखंड में पीएम सूर्य घर योजना के वेंडर्स पर कसेगा शिकंजा, लापरवाही या अधूरी फिटिंग पर होगा सख्त एक्शन

On: June 26, 2026 11:49 AM
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PM Surya Ghar Yojana: Technicians installing rooftop solar panels under the PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana in Uttarakhand as the government enforces stricter vendor accountability.

PM Surya Ghar Yojana: उत्तराखंड में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर संयंत्र लगाने वाले उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा के लिए सरकार ने नई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) लागू कर दी है। इस नई व्यवस्था के तहत अब योजना से जुड़े पंजीकृत विक्रेताओं (वेंडर्स) की जवाबदेही पहले से अधिक तय होगी। यदि किसी वेंडर के खिलाफ तकनीकी लापरवाही, अधूरी स्थापना, गुणवत्ता में कमी या उपभोक्ता शिकायतों की पुष्टि होती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

नई एसओपी नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के निर्देशों के अनुरूप लागू की गई है। इसका उद्देश्य प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत स्थापित किए जा रहे रूफटॉप सोलर संयंत्रों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और उपभोक्ताओं को बेहतर एवं सुरक्षित सेवाएं उपलब्ध कराना है।

तेजी से बढ़ रही है सोलर संयंत्रों की संख्या

प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत उत्तराखंड में बड़ी संख्या में लोग अपने घरों की छतों पर रूफटॉप सोलर सिस्टम लगवा रहे हैं। योजना का उद्देश्य घरेलू बिजली खर्च कम करना, स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना और ऊर्जा आत्मनिर्भरता को मजबूत करना है।

सोलर संयंत्रों की बढ़ती संख्या के साथ कई स्थानों से तकनीकी खामियों, अधूरी फिटिंग, खराब गुणवत्ता वाले उपकरणों और सेवा में लापरवाही जैसी शिकायतें भी सामने आ रही थीं। इन्हीं समस्याओं को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने शिकायतों के निस्तारण के लिए नई प्रक्रिया लागू करने का निर्णय लिया है।

PM Surya Ghar Yojana: किन मामलों में होगी कार्रवाई?

नई एसओपी के तहत यदि किसी पंजीकृत विक्रेता के खिलाफ निर्धारित तकनीकी मानकों का पालन नहीं करने की शिकायत मिलती है तो उसके खिलाफ जांच शुरू की जाएगी।

इन शिकायतों में मुख्य रूप से सोलर पीवी मॉड्यूल, इन्वर्टर या अन्य उपकरणों की निर्धारित तकनीकी विशिष्टताओं का पालन न करना, सुरक्षा मानकों की अनदेखी करना, अधूरी स्थापना छोड़ देना, भुगतान लेने के बावजूद कार्य पूरा न करना, वारंटी से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध न कराना या उपभोक्ताओं की शिकायतों पर समय से प्रतिक्रिया न देना शामिल है।

यदि जांच में शिकायत सही पाई जाती है तो संबंधित विक्रेता पर निर्धारित कार्रवाई की जाएगी।

शिकायत मिलने पर अपनाई जाएगी तय प्रक्रिया

नई व्यवस्था के तहत किसी भी शिकायत पर तुरंत कार्रवाई करने के बजाय पहले संबंधित विक्रेता को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा।

शिकायत मिलने के बाद सबसे पहले विक्रेता को ई-मेल के माध्यम से नोटिस भेजा जाएगा और उसे अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के लिए आठ दिन का समय दिया जाएगा।

यदि निर्धारित समय में जवाब नहीं मिलता है तो संबंधित वेंडर को रिमाइंडर भेजा जाएगा। इसके बाद भी यदि कुल 15 दिनों के भीतर संतोषजनक उत्तर प्राप्त नहीं होता या शिकायत का उचित समाधान नहीं किया जाता तो आगे की कार्रवाई शुरू होगी।

एक महीने के लिए बंद होगा पोर्टल अकाउंट

यदि जांच के दौरान शिकायत सही साबित होती है या विक्रेता का जवाब संतोषजनक नहीं पाया जाता, तो उसका राष्ट्रीय पोर्टल पर पंजीकृत अकाउंट एक महीने के लिए निष्क्रिय (Deactivate) कर दिया जाएगा।

पोर्टल अकाउंट निष्क्रिय होने के दौरान संबंधित विक्रेता प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत किसी नए उपभोक्ता का कार्य नहीं कर सकेगा। इससे उन कंपनियों और एजेंसियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा जो गुणवत्ता मानकों का पालन नहीं करती हैं।

सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से सभी पंजीकृत विक्रेताओं में जवाबदेही बढ़ेगी और वे तकनीकी मानकों तथा सेवा गुणवत्ता का अधिक गंभीरता से पालन करेंगे।

सार्वजनिक होगी निष्क्रिय वेंडर्स की सूची

नई एसओपी का एक महत्वपूर्ण प्रावधान यह भी है कि जिन विक्रेताओं के पोर्टल अकाउंट निष्क्रिय किए जाएंगे, उनकी सूची राष्ट्रीय पोर्टल पर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध रहेगी।

इससे उपभोक्ताओं को यह जानकारी मिल सकेगी कि किन कंपनियों या विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई की गई है। पारदर्शिता बढ़ने से लोग सोलर सिस्टम लगवाने के लिए अधिक विश्वसनीय और जिम्मेदार वेंडर्स का चयन कर सकेंगे।

सरकार का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं बल्कि उपभोक्ताओं को सही जानकारी उपलब्ध कराना भी है, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी से बचा जा सके।

उपभोक्ताओं को मिलेगा बेहतर संरक्षण

विशेषज्ञों का मानना है कि नई एसओपी लागू होने के बाद सोलर संयंत्रों की गुणवत्ता में सुधार आएगा और उपभोक्ताओं का भरोसा भी मजबूत होगा।

अब विक्रेताओं को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप उपकरणों का उपयोग करें, सभी आवश्यक प्रमाणपत्र और वारंटी दस्तावेज उपलब्ध कराएं तथा शिकायत मिलने पर समयबद्ध तरीके से उसका समाधान करें।

इस व्यवस्था से उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण सेवा मिलने के साथ-साथ योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में भी मदद मिलेगी।

स्वच्छ ऊर्जा अभियान को मिलेगी मजबूती

प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना देशभर में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने वाली प्रमुख योजनाओं में शामिल है। उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में इसकी सफलता काफी हद तक गुणवत्तापूर्ण स्थापना और विश्वसनीय सेवा पर निर्भर करती है।

नई एसओपी लागू होने से न केवल उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा होगी, बल्कि योजना की पारदर्शिता, गुणवत्ता और विश्वसनीयता भी बढ़ेगी। सरकार को उम्मीद है कि इस कदम से जिम्मेदार विक्रेताओं को बढ़ावा मिलेगा, लापरवाह कंपनियों पर अंकुश लगेगा और राज्य में सौर ऊर्जा के विस्तार को नई गति मिलेगी।

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