अल्मोड़ा बागेश्वर चमोली चम्पावत देहरादून हरिद्वार नैनीताल पौड़ी गढ़वाल पिथौरागढ़ रुद्रप्रयाग टिहरी गढ़वाल उधम सिंह नगर उत्तरकाशी

​रुद्रप्रयाग गुरुद्वारा विवाद: 27 घंटे बाद बंधक सेवादार रिहा, तीसरी मंजिल पर अब भी डटे हैं 5 निहंग

On: June 22, 2026 6:23 AM
Follow Us:

​रुद्रप्रयाग (उत्तराखंड)। चारधाम और हेमकुंड साहिब यात्रा मार्ग पर स्थित रुद्रप्रयाग के नगरासू गुरुद्वारे में पिछले 27 घंटों से चला आ रहा गतिरोध रविवार शाम को काफी हद तक शांत हो गया है। जिला प्रशासन, पुलिस और निहंग सिखों के बीच कई दौर की मैराथन वार्ता के बाद निहंगों ने बंधक बनाए गए सेवादार को सुरक्षित रिहा कर दिया है।

इसके साथ ही तीसरी मंजिल पर मोर्चा संभाले सात निहंगों में से दो निहंग नीचे उतर आए हैं, जबकि पांच अभी भी अंदर डटे हुए हैं। प्रशासन लगातार उनसे बातचीत कर शांतिपूर्ण समाधान निकालने का प्रयास कर रहा है।


​इस बीच, उत्तराखंड सरकार ने पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए सोशल मीडिया पर भ्रामक और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली पोस्ट साझा करने वालों को सख्त लहजे में चेतावनी दी है।

​शनिवार शाम से शुरू हुआ था हाई-वोल्टेज ड्रामा

​घटनाक्रम के अनुसार, शनिवार शाम करीब चार बजे हेमकुंड साहिब की यात्रा पर आए कुछ निहंग सिख नगरासू गुरुद्वारे पहुंचे थे। लंगर के समय गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और निहंगों के बीच किसी बात को लेकर आपसी मतभेद और विवाद शुरू हो गया। विवाद की सूचना मिलने पर जब स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची, तो स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। निहंगों को अंदेशा हुआ कि प्रबंधक कमेटी ने उन्हें रोकने के लिए पुलिस बल बुलाया है।


​इसके बाद, आक्रोशित होकर सात निहंग सिख गुरुद्वारे की तीसरी मंजिल पर चढ़ गए और उन्होंने परिसर में मोर्चा लगा दिया। इस दौरान गुरुद्वारे के सेवादार नवतेज सिंह समेत दो लोगों को बंधक बनाए जाने की खबर से प्रशासन में हड़कंप मच गया। हालांकि, एक व्यक्ति को शनिवार देर रात ही छोड़ दिया गया था, लेकिन मुख्य सेवादार रविवार शाम तक अंदर ही थे।

​प्रशासनिक सूझबूझ और वार्ता से सुलझा मामला

​नगरासू गुरुद्वारे में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल के साथ-साथ आईटीबीपी (ITBP), एटीएस (ATS) और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को तैनात किया गया था। रुद्रप्रयाग की पुलिस अधीक्षक (SP) नीहारिका तोमर ने स्थिति को संभालने के लिए खुद कमान संभाली और करीब एक घंटे तक फोन पर निहंगों से सीधी बातचीत कर उन्हें शांत करने की कोशिश की।


​शुरुआती तीन दौर की बातचीत बेनतीजा रहने के बाद, रविवार शाम को जिला प्रशासन और निहंगों के बीच फिर से सकारात्मक संवाद हुआ। इसके परिणामस्वरूप, निहंगों ने सेवादार नवतेज सिंह को बिना किसी नुकसान के रिहा कर दिया।


​नीचे उतरे निहंगों में से एक, अकाल सिंह ने बयान जारी करते हुए कहा:


​”हम सभी पूरी तरह सही-सलामत हैं। हम कर्णप्रयाग जाने के लिए नागरसू आए थे, जहां कुछ गलतफहमी के कारण मतभेद बढ़ गया और हमने मोर्चा लगा लिया था। अब संवाद के बाद हम नीचे आ गए हैं। पुलिस प्रशासन ने हमारा पूरा सहयोग किया है और अब हम अपने घरों को लौट रहे हैं।”

​अधिकारियों ने दी स्पष्टता: ‘कब्जे या हिंसा की बातें असत्य’

​क्षेत्र में शांति व्यवस्था बहाल होने के बाद रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी (DM) विशाल मिश्रा ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर भरोसा न करें। उन्होंने स्पष्ट किया:


​”नगरासू गुरुद्वारे में वर्तमान में अरदास, लंगर और श्रद्धालुओं की आवाजाही पूरी तरह सुचारु रूप से जारी है। सोशल मीडिया पर जो गुरुद्वारे पर कब्जे, बड़ी हिंसा या बड़े पैमाने पर बंधक बनाए जाने की बातें चल रही हैं, वे पूरी तरह निराधार और अपुष्ट हैं।”

​वहीं, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप ने बताया कि यह पूरी घटना दो पक्षों के बीच लंगर के दौरान शुरू हुए व्यक्तिगत विवाद का परिणाम थी। निहंगों की कुछ माँगें हैं, जिन पर प्रशासन बातचीत कर रहा है। उन्होंने यह भी साफ किया कि निहंगों का स्थानीय जनता या पुलिस से कोई सीधा टकराव नहीं था।
​सांप्रदायिक रंग देने वालों पर होगी कठोर कानूनी कार्रवाई

​इस संवेदनशील मामले को देखते हुए उत्तराखंड के गृह सचिव शैलेश बगोली ने राज्य सरकार का रुख पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की पहचान हमेशा से सभी धर्मों के प्रति सम्मान और सामाजिक समरसता की रही है। सरकार किसी भी कीमत पर माहौल खराब करने की अनुमति नहीं देगी।

ये भी पढ़े➜​कतर के बरजान गैस प्लांट में भीषण विस्फोट: 54 कर्मचारी घायल, 18 लापता; वैश्विक ऊर्जा बाजार में हड़कंप


​गृह सचिव ने सख्त निर्देश जारी करते हुए कहा है कि जो भी तत्व इस व्यक्तिगत विवाद को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं या भ्रामक सूचनाएं फैला रहे हैं, उनकी पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। मामले की निष्पक्ष जांच के आदेश आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप को दे दिए गए हैं, जो पूरे घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर शासन को सौंपेंगे।

​यात्रा व्यवस्थाओं को किया जा रहा और मजबूत

​श्रद्धालुओं की सुरक्षा और उनकी समस्याओं के तुरंत निवारण के लिए राज्य सरकार ने कदम उठाए हैं। वर्तमान में संचालित चारधाम सेल को अब हेमकुंड साहिब यात्रा से भी जोड़ दिया गया है। यह शिकायत निवारण प्रणाली यात्रा अवधि के दौरान चौबीसों घंटे (24/7) काम करेगी, ताकि भविष्य में इस तरह के किसी भी विवाद को समय रहते सुलझाया जा सके। प्रशासन ने सभी नागरिकों से संयम बनाए रखने की अपील की है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

​UP Crime: प्राइवेट पार्ट में लगाया करंट, बिजली के 6 शॉक देकर पत्नी को उतारा मौत के घाट; रामपुर में हैवानियत

CM Dhami Student Controversy: CM Dhami listens to Uttarakhand student athlete during a youth interaction programme

CM Dhami के सामने छात्रा के आंसुओं से गरमाई सियासत, International Event को लेकर अब सामने आई नई कहानी

Lakhpati Didi women in Uttarakhand working through self-help groups

महिला सशक्तिकरण में उत्तराखंड की बड़ी उपलब्धि, 3 लाख पार हुआ ‘Lakhpati Didi’ का आंकड़ा, अब 1.12 लाख नए लक्ष्य पर नजर

ग्रेटर नोएडा में दर्दनाक हादसा: ईकोटेक-3 की चिप कंपनी में भीषण आग, मलबे में दबकर 2 फायरकर्मियों की मौत, 3 घायल

डीजे पर डांस करने से भड़का प्रेमी: ब्लैकमेलिंग से तंग आकर की प्रेमिका की हत्या, शव गंगनहर में फेंका; पुलिस ने किया केस का पर्दाफाश

Jim Corbett Birth Anniversary: ​​Forests are being lost between tourism and tourism, will Jim Corbett's vision of conservation be fulfilled?

Jim Corbett Birth Anniversary: पर्यटन और टूरिज्म के बीच खो रहे जंगल, क्या पूरी हो पाएगी जिम कॉर्बेट की संरक्षण की सोच?

Leave a Comment