अल्मोड़ा बागेश्वर चमोली चम्पावत देहरादून हरिद्वार नैनीताल पौड़ी गढ़वाल पिथौरागढ़ रुद्रप्रयाग टिहरी गढ़वाल उधम सिंह नगर उत्तरकाशी

देहरादून में दर्दनाक हादसा: चंद्रबनी में NEET की तैयारी कर रही 24 वर्षीय छात्रा ने की आत्महत्या, सुसाइड नोट में लिखा- ‘मुझे माफ कर देना, मैं बोझ हूं’

On: June 17, 2026 9:08 AM
Follow Us:

​देहरादून (दून प्राइम न्यूज)। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से एक बेहद ही हृदयविदारक और दुखद खबर सामने आई है। यहां के पटेलनगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत चंद्रबनी इलाके में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही एक 24 वर्षीय युवती ने फंदे से लटककर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। घटना की सूचना मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई और मृतका के परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस को घटनास्थल से एक भावुक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसमें मृतका ने खुद को परिवार पर बोझ बताते हुए माफी मांगी है।


​मंगलवार सुबह हुआ घटना का खुलासा


​मिली जानकारी के अनुसार, यह दर्दनाक मामला मंगलवार सुबह तब प्रकाश में आया जब परिजनों ने युवती के कमरे का दरवाजा बंद पाया। काफी आवाज देने और खटखटाने के बाद भी जब अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, तो परिजनों को किसी अनहोनी की आशंका हुई। आनन-फानन में इसकी सूचना पुलिस कंट्रोल रूम को दी गई।


​सूचना मिलते ही पटेलनगर कोतवाली पुलिस की एक टीम तुरंत चंद्रबनी स्थित मौके पर पहुंची। पुलिस ने जब बंद दरवाजे को तोड़ा तो अंदर का नजारा देखकर हर कोई सन्न रह गया। कमरे के भीतर युवती का शव पंखे के सहारे फंदे से लटक रहा था। पुलिस ने तुरंत शव को फंदे से नीचे उतारा, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। मृतका की पहचान 24 वर्षीय रिया के रूप में हुई है, जो मूल रूप से इसी क्षेत्र की रहने वाली थी।


​सुसाइड नोट में छलका दर्द: “मैं आप पर बोझ हूं”


​पुलिस को घटनास्थल की गहन तलाशी के दौरान मृतका रिया के हाथ का लिखा एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है। इस सुसाइड नोट में छिपा दर्द किसी को भी झकझोर कर रख देने वाला है। रिया ने अपने आखिरी शब्दों में लिखा, “मुझे माफ कर देना… मैं आप पर बोझ हूं।”


​इस संक्षिप्त लेकिन बेहद दर्दनाक नोट से साफ जाहिर होता है कि रिया मानसिक रूप से भारी तनाव और अवसाद (Depression) के दौर से गुजर रही थी। पढ़ाई और परीक्षाओं को लेकर उसके दिमाग में चल रही कशमकश और खुद को कमतर आंकने की भावना ने उसे इस आत्मघाती कदम को उठाने पर मजबूर कर दिया।


​NEET परीक्षा के बाद से तनाव में होने की आशंका


​परिजनों से की गई प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि रिया काफी समय से पढ़ाई के साथ-साथ विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटी हुई थी। हाल ही में उसने मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET) का पेपर भी दिया था। प्रतियोगी परीक्षाओं के इस दौर में लगातार बढ़ते दबाव और परिणाम को लेकर मन में बैठी असुरक्षा की भावना को ही इस खुदकुशी के पीछे की मुख्य वजह माना जा रहा है। हालांकि, पुलिस हर एंगल से मामले की बारीकी से जांच कर रही है।


​पुलिस ने पंचनामा भरने के बाद रिया के शव को पोस्टमार्टम के लिए देहरादून के कोरोनेशन अस्पताल भिजवा दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों और समय का पूरी तरह से पता चल सकेगा। फिलहाल, घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।


​प्रतियोगी परीक्षाओं का दबाव और युवाओं का मानसिक स्वास्थ्य


​देहरादून में सामने आया यह मामला कोई पहला वाकया नहीं है। देश और प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से लगातार कोचिंग करने वाले या प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के आत्महत्या के मामले सामने आ रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य और परीक्षाओं के बढ़ते सामाजिक व मानसिक दबाव पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।


​मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि आज के दौर में छात्र-छात्राओं पर न सिर्फ परीक्षा पास करने का दबाव होता है, बल्कि समाज और परिवार की उम्मीदों पर खरा उतरने का बोझ भी उन्हें भीतर ही भीतर खोखला कर रहा होता है। ऐसे में कई बार छात्र असफल होने के डर से या खुद को दूसरों से पीछे पाकर गहरे डिप्रेशन में चले जाते हैं और बिना किसी से बात किए रिया जैसा घातक कदम उठा लेते हैं।


​समाज और अभिभावकों के लिए एक गंभीर सबक


​इस दुखद घटना के बाद समाज और खासकर अभिभावकों को यह समझने की जरूरत है कि किसी भी बच्चे का जीवन, किसी भी परीक्षा, डिग्री या सरकारी नौकरी से कहीं ज्यादा कीमती है। बच्चों को यह अहसास कराना बेहद जरूरी है कि परीक्षा में असफल होना जीवन की असफलता नहीं है। यदि बच्चा लंबे समय से शांत है, अकेला रह रहा है या उसके व्यवहार में बदलाव दिख रहा है, तो उससे खुलकर बात करें और जरूरत पड़ने पर मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मदद लें।

ये भी पढ़े➜​उत्तराखंड के त्रियुगीनारायण, कार्तिक स्वामी और कैंचीधाम का होगा कायाकल्प; सरकार ने डेस्टिनेशन प्लान को दी हरी झंडी


​एक जरूरी संदेश (मानसिक स्वास्थ्य सहायता):


जीवन में कोई भी मोड़ आखिरी नहीं होता। यदि आप या आपका कोई परिचित किसी भी प्रकार के मानसिक तनाव, डिप्रेशन या अवसाद से गुजर रहा है, तो कृपया अकेले न रहें। मदद के लिए आगे आएं। भारत सरकार और विभिन्न संस्थाओं द्वारा संचालित इन हेल्पलाइन नंबर्स पर तुरंत संपर्क करें:


​किरण (Kiran Helpline): 1800-599-0019 (भारत सरकार की 24/7 निःशुल्क हेल्पलाइन)


​टेली-मानस (Tele-MANAS): 14416 या 1800-891-4416


​वंद्रेवाला फाउंडेशन: +91 9999 666 555

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

Kedarnath Power Supply 33 KV overhead power transmission line project Sonprayag to Kedarnath Dham

​उत्तराखंड: केदारनाथ धाम को मिलेगी 24 घंटे निर्बाध बिजली, सोनप्रयाग से मंदिर तक 33 केवी डबल सर्किट लाइन प्रोजेक्ट को UERC की हरी झंडी

Kaliyar Mela Attack crime news report Haridwar police investigation

​हरिद्वार: कलियर मेले में पुरानी रंजिश को लेकर युवक पर जानलेवा हमला, लाठी-डंडों व धारदार हथियार से लहूलुहान; पुलिस जांच शुरू

Dehradun Traffic Plan route diversion map for Tapkeshwar Mahadev and Barawafat Shobhayatra

​देहरादून में टपकेश्वर महादेव और बारावफात शोभायात्रा कल: सुबह 8 बजे से बदलेगा रूट, घर से निकलने से पहले जान लें पूरा ट्रैफिक डायवर्जन प्लान

Uttarakhand SIR: Hearing on notices issued to voters intensifies; final list to be released on the 15th.

Uttarakhand SIR: मतदाताओं को जारी नोटिस पर सुनवाई तेज, 15 को जारी होगी अंतिम सूची

Uttarakhand BJP: State President attacks Congress during press conference; targets the party over several issues, including 'Vande Mataram'.

Uttarakhand BJP: प्रदेश अध्यक्ष की प्रेसवार्ता में कांग्रेस पर हमला, वंदे मातरम समेत कई मुद्दों को लेकर साधा निशाना

BD Pandey Hospital: Nainital's main district hospital set for a major overhaul; preparations underway to expand facilities.

BD Pandey Hospital: नैनीताल के प्रमुख जिला अस्पताल का होगा बड़ा कायाकल्प, सुविधाओं के विस्तार की तैयारी

Leave a Comment