नई दिल्ली/धर्मशाला:
क्रिकेट के दीवानों के सिर चढ़कर बोलने वाले भारत और अफगानिस्तान के मुकाबले का असर अब सीधे आम लोगों और पर्यटकों की जेब पर दिखने लगा है। धर्मशाला के खूबसूरत स्टेडियम में 13 जून को होने वाले इस हाई-प्रोफाइल मैच को लेकर प्रशंसकों में जबरदस्त उत्साह है।
लेकिन इस उत्साह के बीच, दिल्ली से धर्मशाला जाने वाले हवाई यात्रियों को तगड़ा झटका लगा है। मैच के चलते दिल्ली-धर्मशाला रूट पर हवाई किराए में बेतहाशा बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जो सफर अमूमन सामान्य बजट में हो जाता था, उसके लिए अब यात्रियों को तीन गुना से भी अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है।
तीन गुना से ऊपर पहुंचा इकोनॉमी क्लास का किराया
सामान्य दिनों की बात करें तो दिल्ली से धर्मशाला (कांगड़ा हवाई अड्डा) के लिए इकोनॉमी क्लास का एक तरफ का हवाई किराया लगभग 5,550 रुपये से 7,000 रुपये के बीच रहता है। लेकिन १३ जून को होने वाले मैच ने इस पूरे गणित को बिगाड़ दिया है। विमानन कंपनियों ने मांग का फायदा उठाते हुए किरायों में भारी बढ़ोतरी कर दी है।
मौजूदा समय में यह किराया बढ़कर 10,000 रुपये से लेकर 16,000 रुपये प्रति यात्री से भी ऊपर पहुंच चुका है। अचानक हुई इस वृद्धि ने उन फैंस के बजट को हिलाकर रख दिया है जो काफी समय से इस मैच की प्लानिंग कर रहे थे।
उड़ानों का गणित और आसमान छूते दाम
वर्तमान में गग्गल (कांगड़ा) हवाई अड्डे के लिए दिल्ली से कुल पांच उड़ानें संचालित की जा रही हैं। इनमें निजी विमानन कंपनी इंडिगो (IndiGo) की तीन और स्पाइसजेट (SpiceJet) की दो उड़ानें शामिल हैं। सीमित उड़ानों और अत्यधिक मांग (Demand and Supply) के चलते टिकटों की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं।
हालिया आंकड़ों के मुताबिक, किराए की स्थिति कुछ इस प्रकार देखी गई:
- इंडिगो (सुबह 06:50 बजे): इस सुबह की पहली फ्लाइट का प्रति यात्री किराया 16,164 रुपये तक दर्ज किया गया।
- स्पाइसजेट (सुबह 10:40 बजे): इस फ्लाइट के लिए यात्रियों को 10,834
- रुपये प्रति टिकट का भुगतान करना पड़ रहा है।
- स्पाइसजेट (दोपहर 12:30 बजे): दोपहर की इस दूसरी उड़ान का किराया 13,477रुपये प्रति यात्री तक पहुंच गया है।
हवाई किराए के ये आंकड़े साफ दर्शाते हैं कि मैच के दिन जैसे-जैसे पास आ रहे हैं, बची हुई सीटों के लिए विमानन कंपनियां मनमाना किराया वसूल रही हैं।
सिर्फ मैच नहीं, पर्यटन सीजन का भी दिख रहा है डबल ‘असर’
हवाई टिकटों के इस तरह ‘रॉकेट’ बनने के पीछे सिर्फ क्रिकेट मैच ही एकमात्र वजह नहीं है। दरअसल, हिमाचल प्रदेश में इस समय पर्यटन का पीक सीजन चल रहा है। पिछले महीने से ही क्षेत्र के प्रमुख ट्रैकिंग स्थलों को पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है, साथ ही बीड-बिलिंग जैसी जगहों पर पैराग्लाइडिंग की गतिविधियां भी पूरी तरह से शुरू हो चुकी हैं।
गर्मियों की छुट्टियों और एडवेंचर स्पोर्ट्स के शौकीनों के कारण धर्मशाला और आसपास के इलाकों में पहले से ही पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ रही थी। अब इस पर्यटन सीजन के साथ क्रिकेट मैच का रोमांच भी जुड़ गया है। इस ‘डबल इफेक्ट’ के कारण हवाई टिकटों की मांग में अप्रत्याशित उछाल आया है, जिसका सीधा और सीधा असर आम मुसाफिरों की जेब पर पड़ रहा है।
फैंस और पर्यटकों की बढ़ी मुश्किलें
हवाई किराए में हुई इस बढ़ोतरी से न केवल क्रिकेट प्रेमी परेशान हैं, बल्कि वे आम पर्यटक भी मुसीबत में आ गए हैं जिन्होंने महीनों पहले धर्मशाला घूमने की प्लानिंग की थी। कई यात्रियों का कहना है कि अंतिम समय में किराया इतना बढ़ जाएगा, इसका अंदाजा उन्हें नहीं था। वहीं, होटल एसोसिएशन और स्थानीय कारोबारियों का मानना है कि मैच के कारण धर्मशाला में बिजनेस तो बढ़ेगा, लेकिन हवाई किराए की यह लूट मध्यमवर्गीय पर्यटकों को सड़क मार्ग या ट्रेन का विकल्प चुनने पर मजबूर कर रही है।
निष्कर्ष
धर्मशाला का क्रिकेट स्टेडियम अपनी वादियों और खूबसूरती के लिए दुनिया भर में मशहूर है। भारत-अफगानिस्तान मैच को लाइव देखने का मौका कोई नहीं छोड़ना चाहता, लेकिन विमानन कंपनियों द्वारा की गई यह ‘डायनेमिक प्राइसिंग’ कई फैंस के सपनों पर पानी फेर रही है। यदि आप भी इस मैच को देखने या धर्मशाला घूमने का मन बना रहे हैं, तो हवाई सफर के बजाय दिल्ली से वोल्वो बस या चंडीगढ़ होकर टैक्सियों के विकल्प पर विचार करना इस समय ज्यादा समझदारी भरा फैसला हो सकता है।







