अल्मोड़ा बागेश्वर चमोली चम्पावत देहरादून हरिद्वार नैनीताल पौड़ी गढ़वाल पिथौरागढ़ रुद्रप्रयाग टिहरी गढ़वाल उधम सिंह नगर उत्तरकाशी

LUCC चिटफंड घोटाला: CBI का बड़ा एक्शन, मुंबई से दो ‘मास्टरमाइंड’ गिरफ्तार, 800 करोड़ की ठगी का खुलासा

On: June 2, 2026 9:06 AM
Follow Us:
मुंबई में एलयूसीसी (LUCC) चिटफंड घोटाले के दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर ले जाती सीबीआई की टीम

​देहरादून (उत्तराखंड ब्यूरो): उत्तराखंड के बहुचर्चित और सबसे बड़े वित्तीय घोटालों में से एक ‘लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट को-ऑपरेटिव सोसाइटी’ (LUCC) चिटफंड घोटाले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को एक बहुत बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। देश की शीर्ष जांच एजेंसी ने इस पूरे नेटवर्क के पीछे सक्रिय दो मुख्य सूत्रधारों (मास्टरमाइंड) को देश की आर्थिक राजधानी मुंबई (महाराष्ट्र) से गिरफ्तार कर लिया है।
​आरोपियों की यह धरपकड़ जांच एजेंसी द्वारा कई राज्यों में चलाए गए एक व्यापक अभियान, वित्तीय दस्तावेजों के गहन विश्लेषण और बैंक खातों के फॉरेंसिक ऑडिट के बाद संभव हो सकी है।

​ठगी का विशाल जाल: 1 लाख से अधिक पीड़ित निवेशक

​जांच टीम से जुड़े आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, LUCC और उसके पदाधिकारियों ने उत्तराखंड के सीधे-सादे लोगों को अपनी जमा पूंजी पर असाधारण मुनाफे और ऊंची ब्याज दरों का लालच देकर फंसाया था। आकर्षक निवेश योजनाओं का प्रलोभन देकर कंपनी ने राज्य के विभिन्न जिलों में अपना जाल फैलाया।
​शुरुआती जांच में जो आंकड़े सामने आए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं। एजेंसी के मुताबिक, प्रदेश भर के लगभग 1 लाख से अधिक निवेशकों से अलग-अलग स्कीमों के नाम पर तकरीबन 800 करोड़ रुपये जमा कराए गए थे। बाद में इन पैसों का गबन कर लिया गया और फंड को अन्यत्र डायवर्ट (दूसरे कामों में उपयोग) कर दिया गया, जिससे लाखों मध्यमवर्गीय और गरीब परिवारों की गाढ़ी कमाई डूब गई।

​जांच की पृष्ठभूमि और हाईकोर्ट का हस्तक्षेप

​यह पूरा मामला उत्तराखंड हाईकोर्ट के सख्त रुख के बाद केंद्रीय एजेंसी को सौंपा गया था। हाईकोर्ट ने 17 सितंबर 2025 को मामले की गंभीरता को देखते हुए सीबीआई जांच के आदेश जारी किए थे। अदालत के निर्देशों का अनुपालन करते हुए, सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) देहरादून ने 26 नवंबर 2025 को विभिन्न गंभीर आपराधिक धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर औपचारिक रूप से तफ्तीश शुरू की थी।
​इससे पहले यह जांच उत्तराखंड राज्य पुलिस के अधीन थी, जहां अलग-अलग जिलों में कुल 18 प्राथमिकियां (FIR) दर्ज की गई थीं। घोटाले के अंतर-राज्यीय लिंक और विशाल पैमाने को देखते हुए सीबीआई ने इन सभी 18 मुकदमों को अपने हाथ में लिया और एक एकीकृत जांच शुरू की।

​मुंबई में हुई कार्रवाई और आरोपियों की भूमिका

​सीबीआई के प्रवक्ताओं के अनुसार, 1 जून 2026 को मुंबई में की गई यह दोहरी गिरफ्तारी इस मामले की कड़ियों को जोड़ने में एक मील का पत्थर साबित होगी। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी इस पूरे अवैध निवेश सिंडिकेट के शीर्ष स्तर पर बैठे थे।

​जांच में उनके खिलाफ पुख्ता सबूत मिले हैं कि वे:

  • ​आम जनता से अवैध रूप से धन संग्रह (अनियमित जमा योजनाएं) करने की योजना बनाते थे।
  • ​एकत्र किए गए सैकड़ों करोड़ रुपये के फंड का प्रबंधन देखते थे।
  • ​वैध बैंकिंग चैनलों और फर्जी फर्मों के माध्यम से पैसे को ठिकाने लगाते थे (मनी डायवर्जन)।

​एजेंसी का स्पष्ट रूप से कहना है कि ये दोनों चेहरे कई अन्य सह-आरोपियों के साथ मिलकर एक सुनियोजित साजिश के तहत जनता के पैसों का दुरुपयोग कर रहे थे।

​पहले भी हो चुकी हैं गिरफ्तारियां, आरोपी जेल में बंद

​इस मामले में केंद्रीय एजेंसी लगातार शिकंजा कस रही है। मुंबई की इस बड़ी कार्रवाई से पहले भी सीबीआई ने पिछले महीने, यानी 12 और 13 मई 2026 को एक बड़ा ऑपरेशन चलाया था। उस दौरान पांच अन्य आरोपियों को दबोचा गया था, जिनमें से तीन LUCC के वरिष्ठ सहकारी प्रमोटर (Cooperative Promoters) शामिल थे।


​ये प्रमोटर उत्तराखंड के मैदानी और पहाड़ी इलाकों में शाखाओं (Branches) का संचालन करने और स्थानीय एजेंटों के माध्यम से निवेश जुटाने का जमीनी काम देख रहे थे। फिलहाल, वे सभी पांचों आरोपी देहरादून की सुधोवाला जेल में न्यायिक हिरासत में बंद हैं और उनसे मिली जानकारियों के आधार पर ही आगे की कड़ियों को जोड़ा जा रहा है।

​BUDS Act के तहत संपत्तियां होंगी फ्रीज, पीड़ितों को उम्मीद

​जांच के दौरान सीबीआई की टीम ने केवल आरोपियों को ही नहीं दबोचा, बल्कि उनके द्वारा अपराध की कमाई (Proceeds of Crime) से अर्जित की गई बेनामी और अवैध संपत्तियों का भी भंडाफोड़ किया है। जांचकर्ताओं ने आरोपियों द्वारा खरीदी गई कई अचल संपत्तियों (जमीन, मकान और फ्लैट) को चिन्हित किया है।

ये भी पढ़े➜रुड़की में कानून व्यवस्था तार-तार: ढंडेरा में युवक पर जानलेवा हमला, चाकू से गोदकर मरा समझकर भागे बेखौफ बदमाश


​इन सभी संपत्तियों का पूरा विवरण और दस्तावेज सीबीआई द्वारा उत्तराखंड सरकार के वित्त सचिव को भेज दिए गए हैं।

राज्य सरकार अब बैनिंग ऑफ अनरेगुलेटेड डिपॉजिट स्कीम्स एक्ट (BUDS Act) के तहत इन संपत्तियों को कुर्क और फ्रीज करने की कानूनी प्रक्रिया शुरू करेगी। इसका मुख्य उद्देश्य इन संपत्तियों की नीलामी कर पीड़ित निवेशकों के डूबे हुए पैसे को वापस लौटाना और उन्हें राहत प्रदान करना है।

​सीबीआई के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि मुंबई से हुई यह गिरफ्तारी इस विशाल घोटाले की बड़ी साजिश के पर्दाफाश की दिशा में एक अहम मोड़ है। मामले की कड़ाई से जांच जारी है और आने वाले दिनों में कुछ और बड़े चेहरों तथा राजनीतिक व प्रशासनिक गठजोड़ पर भी गाज गिर सकती है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

उत्तराखंड पीसीएस परीक्षा में सफलता पाकर उप जिलाधिकारी बने अमित द्विवेदी और उप शिक्षा अधिकारी बने प्रवीण सिंह दिगारी

पिथौरागढ़ का परचम: 24 की उम्र में ‘डिप्टी कलेक्टर’ बने अमित द्विवेदी, प्रवीण दिगारी बने उप शिक्षा अधिकारी

oorkee dhandera youth attacked with knife rahul civil lines

रुड़की में कानून व्यवस्था तार-तार: ढंडेरा में युवक पर जानलेवा हमला, चाकू से गोदकर मरा समझकर भागे बेखौफ बदमाश

Haldwani wine shop fire accident tikonia chauraha

हल्द्वानी में भीषण अग्निकांड: तिकोनिया चौराहे पर वाइन शॉप जलकर खाक, करीब 8 करोड़ रुपये का भारी नुकसान

देहरादून में भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) के चेटवोड ड्रिल स्क्वायर पर मार्च पास्ट करते कैडेट्स और मुख्य अतिथि की प्रतीकात्मक तस्वीर

देहरादून में इतिहास रचने आ रही हैं राष्ट्रपति: IMA पासिंग आउट परेड में पहली बार शामिल होंगी महिला कैडेट्स, तैयारियां तेज

मुनस्यारी में खाई में गिरे पिकअप वाहन का रेस्क्यू करते आईटीबीपी और एसडीआरएफ के जवान

उत्तराखंड: मुनस्यारी में भीषण सड़क हादसा, 200 मीटर गहरी खाई में गिरी पिकअप; दो युवकों की मौत, ड्राइवर सुरक्षित

हरिद्वार के सप्तऋषि क्षेत्र में पलटी श्रद्धालुओं की बस और बचाव कार्य में जुटी पुलिस व एम्बुलेंस।

हरिद्वार में भीषण सड़क हादसा: सप्तऋषि क्षेत्र में श्रद्धालुओं से भरी बस पलटी, नागौर की महिला की मौत, 16 अन्य घायल

Leave a Comment