लखनऊ। उत्तर प्रदेश इस समय दोहरी प्राकृतिक मार झेल रहा है। एक तरफ जहां पूरा प्रदेश रिकॉर्डतोड़ गर्मी और जानलेवा लू (Heatwave) से तप रहा है, वहीं दूसरी ओर सोमवार देर रात और मंगलवार सुबह आए भीषण आंधी-तूफान ने राज्य के कई जिलों में भारी तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा के कारण लखीमपुर खीरी, गोंडा, सीतापुर, बस्ती, शाहजहांपुर और संतकबीरनगर समेत विभिन्न जिलों में आठ लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। तूफान इतना जबरदस्त था कि इसने ग्रामीण इलाकों में सैकड़ों आशियाने उजाड़ दिए, पेड़ और बिजली के पोल उखाड़ फेंके, जिससे रेल और सड़क यातायात पूरी तरह ठप हो गया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस प्राकृतिक आपदा का तत्काल संज्ञान लेते हुए गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने संबंधित जिला प्रशासनों को युद्धस्तर पर राहत कार्य चलाने और पीड़ित परिवारों को तत्काल अनुग्रह राशि (आर्थिक सहायता) उपलब्ध कराने के कड़े निर्देश जारी किए हैं।
गांवों में मची तबाही: कहीं गिरे पेड़ तो कहीं लगी भीषण आग
इस तूफान का सबसे खौफनाक मंजर लखीमपुर खीरी के कारीबडेरी और मितौली गांव में देखने को मिला। आंधी के दौरान अचानक भड़की चिंगारी ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और करीब 40 घरों को अपनी चपेट में ले लिया। इस अगलगी में ग्रामीणों की पूरी गृहस्थी जलकर राख हो गई, वहीं कई मवेशी भी जिंदा जल गए। नेशनल हाईवे-30 पर दर्जनों पेड़ गिरने से घंटों लंबा जाम लगा रहा, जिसे बाद में वन विभाग और स्थानीय प्रशासन ने साफ कराया।
बस्ती जिले के रघुनाथपुर गांव में एक बेहद दुखद घटना सामने आई, जहां तेज हवाओं के कारण एक रिहायशी छप्पर पर विशालकाय पीपल का पेड़ गिर गया। हादसे के वक्त छप्पर के नीचे एक ही परिवार के सात लोग सो रहे थे। इस घटना में एक 4 वर्षीय मासूम बालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके अलावा, शाहजहांपुर में एक किसान की जान दीवार गिरने से हो गई, जबकि संतकबीरनगर के महुई में मकान का छज्जा गिरने से एक युवक की मौत हो गई।
रेल और सड़क यातायात पूरी तरह ध्वस्त, घंटों फंसी रहीं ट्रेनें
तूफान के कारण उत्तर प्रदेश की परिवहन और रेलवे व्यवस्था चरमरा गई है। शाहजहांपुर में लखनऊ-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर बड़े-बड़े होर्डिंग्स और पेड़ गिरने से दो घंटे तक वाहनों के पहिए थमे रहे।
रेलवे ट्रैक पर पेड़ गिरने के कारण ट्रेनों का संचालन सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ:
- पद्मावत एक्सप्रेस का पेंट्रो टूटा: बेहटा गोकुल और कहेलिया स्टेशन के बीच रेलवे ट्रैक पर पेड़ गिरने से पद्मावत एक्सप्रेस का पेंट्रो क्षतिग्रस्त हो गया और ओवरहेड इलेक्ट्रिक (OHE) लाइन ट्रिप हो गई। इसके चलते लखनऊ मेल और चंडीगढ़ सुपरफास्ट समेत कई मुख्य ट्रेनें 4 से 6 घंटे की देरी से चलीं।
- वंदे भारत एक्सप्रेस थमी: गोंडा के मनकापुर-अयोध्या रेल मार्ग पर पेड़ गिरने से रेल यातायात बाधित रहा, जिसके कारण मालगाड़ी और प्रीमियम ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस को करीब 40 मिनट तक ट्रैक पर खड़ा रहना पड़ा।
400 से अधिक बिजली पोल धराशायी, अंधेरे में डूबे सैकड़ों गांव
आंधी-तूफान ने बिजली विभाग को करोड़ों का नुकसान पहुंचाया है। संतकबीरनगर में अकेले 30 ट्रांसफार्मर और 80 से अधिक बिजली के पोल उखड़ गए, जिससे महुली क्षेत्र के करीब 150 गांवों की बत्ती पूरी तरह गुल हो गई। सिद्धार्थनगर में भी कुदरत का ऐसा ही कहर दिखा, जहां 150 से अधिक विद्युत पोल और 15 भारी ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गए। देवरिया और महराजगंज में भी बिजली आपूर्ति को बहाल करने में डिस्कॉम की टीमें दिन-रात जुटी हुई हैं। इस चक्रवात से आम और केले की फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे किसान दाने-दाने को मोहताज हो गए हैं।
आसमान से बरस रही आग: 47.4 डिग्री के साथ बांदा देश में सबसे गर्म
तूफान से हुए नुकसान के बीच उत्तर प्रदेश में गर्मी का सितम भी कम होने का नाम नहीं ले रहा है। राज्य का बांदा जिला 47.4 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान के साथ लगातार पूरे देश में सबसे गर्म स्थान बना हुआ है। इसके बाद उरई, झांसी और प्रयागराज में भी पारा 45 डिग्री के पार दर्ज किया गया। प्रयागराज में लगातार आठ दिनों से तापमान 45 से 47 डिग्री के बीच बना हुआ है, जिसके कारण दोपहर के समय सड़कों पर पूरी तरह सन्नाटा पसर जाता है। हालांकि, आगरा में देर शाम हुई हल्की बूंदाबांदी ने स्थानीय लोगों को मामूली राहत जरूर दी है।
उत्तर प्रदेश के सर्वाधिक तापमान वाले प्रमुख जिले:
- बांदा: 47.4°C
- उरई: 45.8°C
- झांसी: 45.5°C
- प्रयागराज: 45.4°C
- आगर: 45.3°C
अस्पतालों में बढ़े मरीज: भीषण गर्मी से हृदय रोगियों की संख्या हुई दोगुनी
इस जानलेवा मौसम का सीधा असर आम जनता के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। मेरठ के लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज से चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। वरिष्ठ कार्डियोलाजिस्ट डॉ. धीरज सोनी के अनुसार, पिछले 15 दिनों में हृदय रोगियों की संख्या दोगुनी हो गई है। ओपीडी में जहां पहले प्रतिदिन 150 मरीज आ रहे थे, वह संख्या अब बढ़कर 350 पार कर चुकी है। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि अत्यधिक गर्मी के कारण शरीर में डिहाइड्रेशन होता है, जिससे खून गाढ़ा होने लगता है और हार्ट अटैक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
इसके अलावा, कानपुर के एलएलआर अस्पताल समेत उरई, हमीरपुर, फतेहपुर (65 मरीज) और उन्नाव में सैकड़ों लोग हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और डायरिया के कारण अस्पतालों में भर्ती कराए जा रहे हैं।
मौसम विभाग की चेतावनी: 30 जिलों में ‘रेड और ऑरेंज अलर्ट’, वज्रपात की आशंका
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के मौसम विज्ञानी अतुल कुमार सिंह के अनुसार, उत्तर प्रदेश के निवासियों को फिलहाल इस जानलेवा गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। मौसम विभाग ने बुधवार को भी पश्चिमी उत्तर प्रदेश और अवध के 30 जिलों में लू (Heatwave) चलने की चेतावनी जारी की है, जिसमें से 10 जिलों में ‘तीव्र लू’ का ऑरेंज अलर्ट है।
इसके साथ ही कुशीनगर, महराजगंज, बलरामपुर और सिद्धार्थनगर जैसे तराई वाले इलाकों में गरज-चमक के साथ वज्रपात (आकाशीय बिजली गिरने) और तेज धूलभरी आंधी चलने की आशंका जताई गई है। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच बिना बेहद जरूरी काम के घरों से बाहर न निकलें और शरीर में पानी की कमी न होने दें।







