कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज एक ऐतिहासिक अध्याय का सूत्रपात हो गया है। तमाम अटकलों और राजनीतिक सरगर्मियों पर विराम लगाते हुए भारतीय जनता पार्टी ने शुभेंदु अधिकारी के नाम पर अपनी अंतिम मुहर लगा दी है। शुक्रवार, 8 मई को न्यूटाउन स्थित बिस्वा बांग्ला कन्वेंशन सेंटर में हुई नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक में शुभेंदु अधिकारी को सर्वसम्मति से भाजपा विधायक दल का नेता चुन लिया गया। इस महत्वपूर्ण बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी बतौर पर्यवेक्षक मौजूद रहे।
अमित शाह ने की औपचारिक घोषणा
विधायक दल की बैठक के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आधिकारिक रूप से शुभेंदु अधिकारी के नाम का ऐलान किया। शाह ने कहा, “पश्चिम बंगाल की जनता ने परिवर्तन के जिस संकल्प के साथ मतदान किया था, उसे साकार करने के लिए भाजपा विधायक दल ने शुभेंदु अधिकारी को अपना नेता चुना है।” इस दौरान विधायकों ने ‘जय श्री राम’ और ‘वंदे मातरम’ के नारों के साथ इस फैसले का स्वागत किया। गौरतलब है कि भाजपा ने इस चुनाव में 294 सदस्यीय विधानसभा में 207 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल किया है।
कल ब्रिगेड परेड ग्राउंड में होगा शपथ ग्रहण
पार्टी सूत्रों के अनुसार, बंगाल में नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह शनिवार, 9 मई को कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित किया जाएगा। यह पहली बार होगा जब बंगाल में किसी मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह इतने भव्य स्तर पर खुले मैदान में होने जा रहा है।
शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विशेष रूप से शिरकत करेंगे। उनके अलावा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और एनडीए शासित विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों के भी शामिल होने की संभावना है। अमित शाह के आधिकारिक शेड्यूल के मुताबिक, वे शनिवार सुबह 11:00 बजे ब्रिगेड परेड ग्राउंड पहुंचेंगे और दोपहर 12:30 बजे तक समारोह संपन्न होने के बाद दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे।
ममता के ‘अजेय’ दुर्ग को ढहाने का इनाम
शुभेंदु अधिकारी का मुख्यमंत्री बनना उनके उस साहसी राजनीतिक कौशल का परिणाम माना जा रहा है, जो उन्होंने चुनाव के दौरान दिखाया। शुभेंदु ने न केवल तृणमूल कांग्रेस के गढ़ नंदीग्राम में अपनी पकड़ मजबूत रखी, बल्कि इस बार टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी को उनके अपने निर्वाचन क्षेत्र ‘भवानीपुर’ में भी शिकस्त दी। 2021 के चुनाव में भी उन्होंने नंदीग्राम में ममता बनर्जी को हराकर देश का ध्यान अपनी ओर खींचा था। इस बार की दोहरी जीत ने उन्हें मुख्यमंत्री पद की रेस में सबसे आगे खड़ा कर दिया।
207 सीटों के साथ भाजपा की प्रचंड जीत
पश्चिम बंगाल में 2026 का विधानसभा चुनाव दो चरणों (23 और 29 अप्रैल) में संपन्न हुआ था। 4 मई को आए नतीजों ने राजनीतिक विश्लेषकों को चौंका दिया। भाजपा ने 207 सीटों के साथ ऐतिहासिक बहुमत प्राप्त किया, जबकि पिछले एक दशक से अधिक समय से सत्ता पर काबिज ममता बनर्जी की टीएमसी मात्र 80 सीटों पर सिमट गई। फाल्टा विधानसभा सीट पर चुनाव रद्द होने के बावजूद भाजपा का आंकड़ा बहुमत के जादुई आंकड़े (148) से कहीं आगे निकल गया।
बंगाल के लिए नई चुनौतियां और उम्मीदें
शुभेंदु अधिकारी अब राज्यपाल आर.एन. रवि से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। एक समय पर ममता बनर्जी के सबसे खास सिपहसालार रहे शुभेंदु अब उनके सबसे बड़े राजनीतिक प्रतिद्वंदी के रूप में राज्य की कमान संभालेंगे। राज्य की कानून व्यवस्था को दुरुस्त करना, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना और केंद्र सरकार की योजनाओं को बंगाल में प्रभावी ढंग से लागू करना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल होगा।
कोलकाता के राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि शुभेंदु का मुख्यमंत्री बनना बंगाल की ब्यूरोक्रेसी और प्रशासनिक ढांचे में बड़े बदलाव का संकेत है। कल होने वाले शपथ ग्रहण के साथ ही बंगाल में ‘सोनार बांग्ला’ के विजन को धरातल पर उतारने की परीक्षा शुरू हो जाएगी।









