झारखंड के गोड्डा जिले में अपराधियों के बढ़ते दुस्साहस की एक रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है, जहाँ महागामा अनुमंडल मुख्यालय के व्यस्त केचुआ चौक पर स्थित बैंक ऑफ इंडिया की शाखा को निशाना बनाया गया। सोमवार की दोपहर, जब बैंक में सामान्य कामकाज चल रहा था, तभी हथियारों से लैस अपराधियों ने दिनदहाड़े बैंक लूटने का एक दुस्साहसिक प्रयास किया। प्रत्यक्षदर्शियों और बैंक सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, करीब पांच अपराधी डकैती की नीयत से पहले से ही बैंक के आसपास घात लगाए हुए थे, जिनमें से चार अपराधी हथियारों के साथ बैंक परिसर के भीतर दाखिल हुए। अपराधियों का मुख्य उद्देश्य कैश काउंटर को लूटकर बड़ी रकम पर हाथ साफ़ करना था, लेकिन उनकी इस कोशिश के सामने बैंक की सुरक्षा और प्रबंधन एक अभेद्य दीवार बनकर खड़े हो गए।
जैसे ही अपराधियों ने बैंक के भीतर घुसकर अपनी गतिविधियां शुरू कीं, वहाँ तैनात 50 वर्षीय जांबाज सुरक्षा गार्ड विनोद सिंह ने अदम्य साहस का परिचय दिया। अपराधियों ने सुरक्षा गार्ड पर काबू पाने के लिए उनकी बंदूक छीनने का प्रयास किया और उन पर फायरिंग शुरू कर दी। इस हिंसक झड़प के दौरान बदमाशों ने विनोद सिंह को लक्ष्य कर दो गोलियां चलाईं, जो उनके कंधे को छूकर निकल गईं। गोली लगने के बावजूद गार्ड ने अपनी हिम्मत नहीं हारी और बदमाशों का मुकाबला करते रहे, जिससे उनके मंसूबों पर पानी फिर गया। बैंक परिसर में अचानक हुई इस गोलीबारी से अफरा-तफरी मच गई और वहां मौजूद ग्राहकों और कर्मचारियों के बीच दहशत फैल गई। अपराधियों ने कुल दो राउंड फायरिंग की, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
गार्ड की बहादुरी के साथ-साथ बैंक के शाखा प्रबंधक की सूझबूझ ने भी इस बड़ी डकैती को टालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। गोली की आवाज सुनते ही मैनेजर ने बिना समय गंवाए बैंक का इमरजेंसी अलार्म (अलर्ट बेल) बजा दिया और तत्परता दिखाते हुए कैश लॉकर को सुरक्षित रूप से बंद कर दिया। अलार्म की तेज गूंज और लॉकर बंद होने के कारण अपराधियों को अपनी योजना विफल होती दिखी। उन्हें लगा कि पुलिस किसी भी समय पहुँच सकती है, जिससे भयभीत होकर लुटेरे मौके से भाग निकले। इस तरह, एक सुनियोजित बड़ी लूट को बैंक के कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मी की सतर्कता ने नाकाम कर दिया।
घटना की खबर आग की तरह पूरे क्षेत्र में फैल गई और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। घायल सुरक्षा गार्ड विनोद सिंह को तुरंत महागामा रेफरल अस्पताल ले जाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया है। फिलहाल विनोद सिंह डॉक्टरों की निगरानी में हैं और उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही महागामा थाना पुलिस के इंस्पेक्टर उपेंद्र महतो दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे और बैंक परिसर को अपने कब्जे में लेकर तफ्तीश शुरू की। पुलिस ने बैंक में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली है, जिसमें चार अपराधियों की तस्वीरें और उनकी संदिग्ध गतिविधियां कैद हुई हैं।
पुलिस विभाग ने अपराधियों की धरपकड़ के लिए पूरे बाजार क्षेत्र और बिहार की सीमा से सटे इलाकों में नाकेबंदी कर दी है। चूंकि महागामा का यह इलाका बिहार बॉर्डर के काफी करीब है, इसलिए अक्सर अपराधी यहां वारदातों को अंजाम देकर सीमा पार फरार हो जाते हैं। पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों के आधार पर जल्द ही इन अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। हालांकि, दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने स्थानीय व्यापारियों और आम जनता के बीच प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। महागामा में पहले भी बैंक ग्राहकों के साथ छिनतई की घटनाएं होती रही हैं, लेकिन बैंक के भीतर घुसकर इस तरह की फायरिंग और लूट का प्रयास अपराधियों के बढ़ते मनोबल की ओर इशारा करता है। Doon Prime News इस मामले की हर बारीक अपडेट पर अपनी नजर बनाए हुए है।
”गोड्डा के महागामा में Bank of India लूटने की कोशिश, जांबाज गार्ड को बदमाशों ने मारी गोली; इलाके में भारी दहशत”
On: March 2, 2026 9:36 AM








