उत्तराखंड में विवादों में घिरी ब्लॉगर ज्योति अधिकारी को अदालत से कोई राहत नहीं मिली है। देवी-देवताओं और पहाड़ी महिलाओं के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में दाखिल की गई उनकी जमानत याचिका को अदालत ने खारिज कर दिया। इसके साथ ही ज्योति की मुश्किलें और बढ़ गई हैं, क्योंकि उन पर इंटरनेट मीडिया के जरिए वादी को धमकी देने का एक नया मामला भी दर्ज किया गया है। फिलहाल ज्योति को हल्द्वानी जेल में ही रहना होगा और मामले की अगली सुनवाई सोमवार को निर्धारित की गई है।
देवी-देवताओं और पहाड़ की महिलाओं को लेकर अभद्र शब्दों के प्रयोग के आरोपों में गिरफ्तार ब्लॉगर ज्योति अधिकारी को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत से कोई राहत नहीं मिल सकी। अदालत ने उनकी जमानत याचिका को खारिज करते हुए उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के आदेश बरकरार रखे।
मामला यहीं नहीं थमा। आठ जनवरी को मुखानी थाने में बयान दर्ज कराने से पहले ज्योति अधिकारी ने इंटरनेट मीडिया पर लाइव आकर वादी को खुलेआम धमकी दी। इस लाइव वीडियो में उन्होंने वादिनी को चुनौती देते हुए कहा कि “अगर जिगर है तो सामने आ जाना, आज हम भी देख लेंगे। नेतागिरी का ज्यादा शौक चढ़ा है।” यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित इस धमकी भरे वीडियो के बाद वादिनी जूही चुफाल काफी भयभीत हो गईं। उनकी शिकायत पर मुखानी थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए ब्लॉगर ज्योति अधिकारी के खिलाफ धमकी देने के आरोप में एक और प्राथमिकी दर्ज कर ली है। मुखानी थाने के एसआई विरेंद्र चंद्र की ओर से शुक्रवार को यह मुकदमा दर्ज कराया गया।
नए मामले के जुड़ने के बाद ज्योति अधिकारी की कानूनी परेशानियां और बढ़ गई हैं। अब उन्हें जेल में ही रहकर आगामी सुनवाई का इंतजार करना होगा। एसपी सिटी मनोज कत्याल ने बताया कि ब्लॉगर को कोर्ट से फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है और सोमवार को दोबारा मामले की सुनवाई होगी।
लगातार दर्ज हो रहे मामलों और जमानत याचिका खारिज होने के बाद साफ है कि ब्लॉगर ज्योति अधिकारी के लिए आने वाले दिन और भी चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं।








