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विनय त्यागी हत्याकांड: बहन का बड़ा खुलासा, 750 करोड़ की काली कमाई, ठेकेदार-डॉक्टर की साजिश का आरोप

On: December 27, 2025 9:04 AM
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कुख्यात अपराधी विनय त्यागी की मौत के बाद यह मामला अब एक बड़े साजिशन हत्याकांड में बदलता नजर आ रहा है। 24 दिसंबर की रात गोली लगने से घायल विनय त्यागी को एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया गया था, जहां 27 दिसंबर को उसकी मौत हो गई। अब मृतक की बहन सीमा त्यागी और बेटी ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाते हुए करोड़ों की काली कमाई से जुड़ा सनसनीखेज दावा किया है।
एम्स ऋषिकेश में मीडिया से बातचीत करते हुए सीमा त्यागी ने आरोप लगाया कि विनय त्यागी एक बड़े ठेकेदार की करीब 750 करोड़ रुपये की अवैध नकदी का राज जानता था। यह रकम देहरादून के एक डॉक्टर के घर छिपाकर रखी गई थी। सीमा का कहना है कि विनय इस पूरी जानकारी को प्रवर्तन निदेशालय (ED) तक पहुंचाने की तैयारी में था।
ठेकेदार, डॉक्टर और साजिश की कहानी
सीमा त्यागी के मुताबिक, जैसे ही ठेकेदार को भनक लगी कि विनय यह राज उजागर कर सकता है, उसने डॉक्टर के जरिए साजिश रच दी। ठेकेदार ने डॉक्टर को धमकाया, जिसके बाद डॉक्टर ने ही विनय पर चोरी का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज करा दिया। सितंबर महीने में विनय को चोरी के मामले में जेल भेज दिया गया।
परिवार का आरोप है कि इसके बाद विनय और उसके परिवार को लगातार धमकियां दी गईं। विनय की पत्नी, जो चुनाव भी लड़ चुकी हैं, उन्हें भी डराया गया। लक्सर और पुरकाजी में विनय के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज कराए गए। इतना ही नहीं, देहरादून जेल से रुड़की जेल शिफ्ट करने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए, जबकि परिजनों की ओर से ऐसा कोई आवेदन नहीं दिया गया था।
सुरक्षा में लापरवाही और हमला
सीमा त्यागी ने आरोप लगाया कि लक्सर में एक छोटे मुकदमे की पेशी के दौरान सुरक्षा में जानबूझकर लापरवाही बरती गई। इसी दौरान विनय त्यागी पर हमला किया गया, ताकि उसे हमेशा के लिए रास्ते से हटा दिया जाए। परिवार का दावा है कि यह हमला पूरी तरह पूर्व नियोजित था।
पुलिस का पक्ष
एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने बताया कि सितंबर 2025 में विनय त्यागी अपने डॉक्टर मित्र के घर नेहरू कॉलोनी में रुका हुआ था। 15 सितंबर को उसी डॉक्टर ने शिकायत दर्ज कराई कि विनय ने उसकी कार से नकदी और जेवरात से भरा बैग चोरी किया है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर 29 सितंबर को विनय को कथित तौर पर बैग के साथ गिरफ्तार किया था।
सवालों के घेरे में पूरा मामला
अब विनय त्यागी की मौत के बाद उसकी बहन द्वारा लगाए गए आरोपों ने पुलिस जांच, जेल प्रशासन और पूरे घटनाक्रम को संदेह के घेरे में ला दिया है। 750 करोड़ रुपये की काली कमाई, ठेकेदार-डॉक्टर की कथित मिलीभगत और सुरक्षा में लापरवाही — ये सभी पहलू इस हत्याकांड को और रहस्यमय बना रहे हैं।
परिवार ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा है कि अगर इस मामले की गहराई से जांच हुई, तो कई बड़े नाम और राज सामने आ सकते हैं।

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