अल्मोड़ा बागेश्वर चमोली चम्पावत देहरादून हरिद्वार नैनीताल पौड़ी गढ़वाल पिथौरागढ़ रुद्रप्रयाग टिहरी गढ़वाल उधम सिंह नगर उत्तरकाशी

देहरादून: संडे बाजार की शिफ्टिंग पर विवाद, ISBT के पास नए स्थान को लेकर विरोध तेज

On: December 27, 2025 8:25 AM
Follow Us:

देहरादून जिला प्रशासन ने संडे बाजार को रेंजर्स ग्राउंड से हटाकर ISBT के पास स्थानांतरित करने का आदेश जारी कर दिया है। प्रशासन के इस फैसले के तहत अब संडे बाजार एमडीडीए कॉलोनी के सामने, उत्तराखंड मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन की भूमि पर लगाया जाएगा। हालांकि, इस निर्णय के साथ ही स्थानीय निवासियों और एमडीडीए रेजिडेंट्स वेलफेयर सोसाइटी ने इसका खुलकर विरोध शुरू कर दिया है।

संडे बाजार लंबे समय तक लैंसडौन चौक से तिब्बती बाजार मार्ग पर लगाया जाता रहा था। कोरोना काल के दौरान बाजार का संचालन बंद रहा, लेकिन बाद में इसे दोबारा शुरू करते हुए रेंजर्स ग्राउंड में शिफ्ट किया गया। यह स्थान दून अस्पताल, घंटाघर, कलेक्ट्रेट और कचहरी जैसे अति व्यस्त इलाकों के पास होने के कारण लगातार जाम की समस्या से जूझ रहा था। इसी वजह से संडे बाजार को यहां से हटाने की मांग काफी समय से की जा रही थी।

रविवार वीकली बाजार कल्याण समिति की सहमति और लंबे समय से चली आ रही मांग को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह ने संडे बाजार को ISBT क्षेत्र में शिफ्ट करने का आदेश जारी किया। आदेश में बताया गया है कि यह भूमि मार्च 2023 में नियो मेट्रो परियोजना के लिए मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन को लीज पर दी गई थी और वर्तमान में एमडीडीए के नियंत्रण में है। प्रशासन का कहना है कि जब तक मेट्रो परियोजना का कार्य धरातल पर शुरू नहीं होता, तब तक यहां संडे बाजार संचालित किया जाएगा।

ISBT क्षेत्र में बढ़ सकता है जाम का संकट

ISBT चौक और इसके आसपास का इलाका पहले से ही भारी ट्रैफिक दबाव झेल रहा है। यहां आए दिन जाम की स्थिति बनी रहती है और चौक पार करना आम लोगों के लिए मुश्किल हो जाता है। आने वाले समय में दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे के शुरू होने से वाहनों की संख्या में 20 से 25 प्रतिशत तक बढ़ोतरी होने की संभावना है। ऐसे में यदि इसी क्षेत्र में संडे बाजार लगाया गया, तो हालात और भी बिगड़ सकते हैं।

खाली बताई गई जमीन पर चल रही है एमडीडीए की नर्सरी

प्रशासन ने जिस भूमि को खाली बताया है, वहां वर्तमान में एमडीडीए की नर्सरी संचालित हो रही है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह नर्सरी एक तरह से ग्रीन बेल्ट का काम कर रही है, जिससे उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन यदि यहां संडे बाजार लगाया गया तो न केवल ट्रैफिक की समस्या बढ़ेगी, बल्कि नर्सरी को भी नुकसान पहुंचेगा। इसी कारण एमडीडीए कॉलोनी के निवासियों में इस फैसले को लेकर भारी नाराजगी देखी जा रही है।

रिंग रोड को बताया गया बेहतर विकल्प

स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों का मानना है कि संडे बाजार को रेंजर्स ग्राउंड जैसे व्यस्त क्षेत्र से हटाना सही फैसला है, लेकिन इसका विकल्प ISBT जैसा दूसरा व्यस्त इलाका नहीं होना चाहिए। उनका कहना है कि रिंग रोड क्षेत्र इस लिहाज से कहीं बेहतर विकल्प हो सकता है। वहां आबादी का दबाव कम है, सड़कें चौड़ी हैं और बड़े भूखंड भी उपलब्ध हैं।

बताया जा रहा है कि रिंग रोड क्षेत्र में कई ऐसी जमीनें हैं, जो सीलिंग एक्ट के तहत सरकार में निहित की जा चुकी हैं, लेकिन प्रशासनिक अनदेखी के चलते वहां भूमाफिया कब्जा जमाए बैठे हैं। यदि प्रशासन इन जमीनों को अतिक्रमण मुक्त कर संडे बाजार के लिए अधिकृत करता है, तो न केवल अवैध कब्जों पर रोक लगेगी, बल्कि संडे बाजार के लिए एक स्थायी और निर्बाध स्थान भी मिल सकेगा।

विशेषज्ञों का कहना है कि संडे बाजार में आने वाले अधिकांश ग्राहकों को स्थान से ज्यादा फर्क नहीं पड़ता। रिंग रोड जैसी जगह शहर से बहुत दूर भी नहीं है और आसपास के घनी आबादी वाले इलाकों को भी जोड़ती है। ऐसे में यहां संडे बाजार लगाने से ग्राहकों की कमी की समस्या भी नहीं आएगी।

कुल मिलाकर, संडे बाजार की शिफ्टिंग का फैसला जहां एक ओर रेंजर्स ग्राउंड की ट्रैफिक समस्या को कम कर सकता है, वहीं दूसरी ओर ISBT क्षेत्र में नई परेशानियां खड़ी कर सकता है। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन विरोध और सुझावों को ध्यान में रखते हुए इस फैसले पर दोबारा विचार करता है या नहीं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment