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उत्तराखंड: केदारनाथ हेली सेवा के लिए फिर जारी होंगे नए टेंडर, किराया बढ़ने की संभावना

On: December 14, 2025 5:12 AM
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उत्तराखंड में केदारनाथ धाम के लिए संचालित होने वाली हेली सेवा को लेकर बड़ा बदलाव होने जा रहा है। चारधाम यात्रा के अगले सत्र से पहले हेली सेवा के लिए नए सिरे से टेंडर आमंत्रित किए जाएंगे। इसकी वजह यह है कि वर्ष 2023 में हेली कंपनियों के साथ किया गया तीन वर्षीय करार आगामी यात्रा शुरू होने से पहले ही समाप्त हो जाएगा। ऐसे में यात्रा व्यवस्था को सुचारू और सुरक्षित बनाए रखने के लिए नई कंपनियों का चयन किया जाएगा।

माना जा रहा है कि इस बार हेली सेवाओं के संचालन में सुरक्षा मानकों को पहले से अधिक सख्त किया जाएगा। यात्रियों की संख्या पर भी नियंत्रण लगाया जा सकता है, जिससे हेली सेवा का किराया बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। बीते वर्षों में सामने आई सुरक्षा से जुड़ी शिकायतों और दुर्घटनाओं को देखते हुए प्रशासन अब किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतना चाहता।

हर वर्ष केदारनाथ धाम के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु हेली सेवा का उपयोग करते हैं। इस वर्ष करीब 1.40 लाख से अधिक यात्रियों ने हेलीकॉप्टर के माध्यम से बाबा केदार के दर्शन किए। इससे हेली कंपनियों ने 56 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार किया। हालांकि, टिकट बुकिंग प्रणाली, उड़ानों की संख्या, संचालन व्यवस्था और सुरक्षा मानकों को लेकर कई शिकायतें भी सामने आईं।

बीते यात्रा सत्र के दौरान कुछ हेलीकॉप्टर दुर्घटनाएं भी हुईं, जिसके चलते दो हेली कंपनियों को निलंबित किया गया। इन्हीं घटनाओं के कारण सितंबर माह में शुरू हुए यात्रा के दूसरे चरण में हेली सेवाओं को काफी नियंत्रित रखा गया। उस दौरान किराए में लगभग 49 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी भी की गई थी।

अब यात्रा समाप्त हो चुकी है और उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) नए सिरे से हेली सेवाओं की योजना तैयार कर रहा है। यूकाडा का फोकस इस बार पूरी तरह सुरक्षित और सुव्यवस्थित हेली सेवा पर है। सितंबर में नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) द्वारा जारी किए गए सख्त दिशा-निर्देशों के अनुसार ही आगे हेली सेवाओं का संचालन किया जाएगा।

इन्हीं नियमों को ध्यान में रखते हुए यूकाडा टेंडर दस्तावेज तैयार कर रहा है। इसमें हेलीकॉप्टरों की तकनीकी गुणवत्ता, पायलटों का अनुभव, आपातकालीन व्यवस्थाएं और खराब मौसम से निपटने की तैयारी जैसी शर्तों को विशेष महत्व दिया जाएगा। इसके साथ ही उड़ानों की संख्या और समय-सारिणी को अधिक व्यवस्थित करने पर भी जोर रहेगा।

हेली सेवाओं की निगरानी के लिए एक मजबूत तंत्र विकसित करने की भी योजना बनाई जा रही है, ताकि यात्रियों की सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता न हो। यूकाडा के सीईओ आशीष चौहान के अनुसार, हेली कंपनियों के साथ पुराना करार समाप्त हो चुका है, इसलिए अगले वर्ष केदारनाथ हेली सेवा के संचालन के लिए नए सिरे से टेंडर आमंत्रित किए जाएंगे।

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