सिख समुदाय के बारे में की गई विवादित टिप्पणी को लेकर कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत के खिलाफ नाराज़गी बढ़ गई है। देश के कई हिस्सों से आए सिख समुदाय के लोग मंगलवार शाम देहरादून स्थित डिफेंस कॉलोनी में उनके आवास के बाहर इकट्ठा हुए और शांतिपूर्वक शबद कीर्तन किया। समुदाय की मांग थी कि हरक सिंह रावत स्वयं सामने आकर माफी मांगें। हालांकि, उस समय रावत दिल्ली में मौजूद थे।
कहा जा रहा है कि अधिवक्ताओं के बीच बातचीत के दौरान रावत की एक आपत्तिजनक टिप्पणी का वीडियो वायरल हुआ, जिसके बाद सोशल मीडिया पर भी समुदाय के लोगों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। इसी के बाद लगभग 30–35 लोग रावत के घर पहुंच गए। पुलिस की समझाइश के बाद एक घंटे तक बातचीत चली और अंततः सभी लोग इस बात पर सहमत होकर लौट गए कि वे दोबारा आएंगे।
पहले भी अधिवक्ताओं और गुरुद्वारे में मांग चुके हैं माफी
घटना के बाद डॉ. रावत पहले ही बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं से माफी मांग चुके हैं। शुक्रवार को जब वे धरना दे रहे वकीलों से मिलने पहुंचे थे, तभी कथित टिप्पणी हुई थी, जिस पर मौजूद सिख अधिवक्ताओं ने कड़ा विरोध जताया। रावत ने वहीं माफी मांगी और बाद में बार एसोसिएशन में जाकर भी खेद जताया।
माफी के तौर पर वे पांवटा साहिब गुरुद्वारा भी पहुंचे, जहां उन्होंने लंगर सेवा और जोड़ा सेवा की। उनके बाद पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत भी रेसकोर्स गुरुद्वारा पहुंचे और समुदाय की भावनाओं का सम्मान करते हुए सेवा में शामिल हुए।
भाजपा पर साधा निशाना—“उनके बयान माफ, मेरा नहीं”
डॉ. हरक सिंह रावत ने इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भाजपा नेताओं के बयान चाहे जैसे हों, उन्हें कोई मुद्दा नहीं बनाता, लेकिन उनके मज़ाक में कहे गए शब्दों को धर्म से जोड़कर बड़ा बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राजनीति में पहले भी कई बार नेताओं ने व्यंग्यात्मक टिप्पणियाँ की हैं, परंतु उन्हें तूल नहीं दिया गया।
उन्होंने आगे कहा कि जब वे भाजपा में थे तो न उन्हें धर्म-विरोधी कहा जाता था और न ही ईडी का डर दिखाया जाता था। रावत ने भाजपा नेताओं को सलाह देते हुए कहा कि दूसरों पर आरोप लगाने से पहले उन्हें अपने भीतर झांककर देखना चाहिए।
Uttarakhand: हरक सिंह रावत की टिप्पणी पर सिख समुदाय का विरोध, आवास के बाहर शबद कीर्तन
On: December 10, 2025 6:57 AM








