अल्मोड़ा बागेश्वर चमोली चम्पावत देहरादून हरिद्वार नैनीताल पौड़ी गढ़वाल पिथौरागढ़ रुद्रप्रयाग टिहरी गढ़वाल उधम सिंह नगर उत्तरकाशी

बदरीनाथ हाईवे: कमेड़ा में भूस्खलन रोकने के लिए एनएच ने अपनाया हाइड्रोसीडिंग मल्च और बीजों का सहारा

On: November 25, 2025 9:51 AM
Follow Us:

बदरीनाथ हाईवे पर गौचर के कमेड़ा इलाके में बारिश के समय पहाड़ी से लगातार भूस्खलन होता रहा है। इस इलाके में लगभग 120 मीटर की दूरी में मलबा और बोल्डर हाईवे पर गिरते रहते हैं, जिससे सड़क घंटों बंद हो जाती है।
भूस्खलन को रोकने के लिए एनएचडीआईसीएल अब हाइड्रोसीडिंग मल्च का प्रयोग कर रहा है। इस तकनीक में बीज, पानी और उर्वरक का मिश्रण मिट्टी पर छिड़का जाता है। यह मिट्टी को एक परत की तरह ढककर उसे पकड़ता है और रेशों की मदद से मिट्टी को स्थिर रखता है। धीरे-धीरे इसमें घास और पौधों की परत बनती है, जिससे पहाड़ी स्थिर होती है और भूस्खलन की संभावना कम हो जाती है।
पहले भी एनएच ने भूस्खलन रोकने के लिए पहाड़ी पर जाली और एंकर (लोहे की छड़) लगाए थे, लेकिन बरसात में भूस्खलन जारी रहा। अब हाइड्रोसीडिंग मल्च की मदद से मिट्टी को मजबूती देने और भूस्खलन रोकने की कोशिश की जा रही है।
जेपी शर्मा, प्रोजेक्ट मैनेजर, आरसीसी डेवलपर्स लिमिटेड के अनुसार, कोटपहाड़ी में यह तकनीक कारगर साबित हो रही है। फिलहाल एंकरों की जांच की जा रही है, उसके बाद इस नई विधि का व्यापक रूप से उपयोग किया जाएगा।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment