श्रीनगर के नौगाम पुलिस स्टेशन में शुक्रवार देर रात हुआ धमाका इतना भीषण था कि पूरे इलाके में दहशत फैल गई। यह विस्फोट उस अमोनियम नाइट्रेट से हुआ, जिसे हाल ही में फरीदाबाद में जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवात-उल-हिंद के सफेदपोश आतंकी नेटवर्क से बरामद किया गया था। जांच के लिए इसे थाने के मालखाने में सुरक्षित रखा गया था, लेकिन निरीक्षण के दौरान अचानक हुए धमाके ने पूरे थाने को हिला कर रख दिया।
धमाका इतना ताकतवर कि थाने की इमारत का हिस्सा ढह गया
जानकारी के मुताबिक लगभग रात 11:15 बजे नौगाम थाना परिसर में तेज धमाके के साथ धुआं और आग की लपटें उठने लगीं। धमाका इतना प्रचंड था कि थाने की इमारत का बड़ा हिस्सा गिर गया। पार्किंग में खड़ी पुलिस व निजी वाहन आग की चपेट में आकर जलकर खाक हो गए। विस्फोट से फैला मलबा आसपास की गलियों और इमारतों तक पहुंच गया।
आसपास रहने वाले लोगों ने बताया कि धमाके की आवाज कई किलोमीटर तक सुनाई दी और कंपनों की वजह से घरों की खिड़कियों के शीशे तक टूट गए। श्रीनगर के एसएमएचएस अस्पताल में भी आवाज सुनाई देने की जानकारी सामने आई है।
इंस्पेक्टर सहित 10 की मौत, 27 लोग घायल
धमाके के समय थाने में लगभग 50 लोग मौजूद थे—जिनमें पुलिसकर्मी, फोरेंसिक टीम और एक तहसीलदार शामिल थे। हादसे में एक पुलिस इंस्पेक्टर समेत 10 लोगों की मौत हो गई है।
वहीं 27 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से 24 पुलिसकर्मी बताए जा रहे हैं।
घायलों को तुरंत अस्पतालों में भर्ती कराया गया—
- 5 गंभीर घायलों को सेना के बेस अस्पताल भेजा गया,
- जबकि अन्य घायलों को श्रीनगर के विभिन्न अस्पतालों में इलाज दिया जा रहा है।
पुलिस ने आतंकी हमले की आशंका से किया इनकार
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस घटना में किसी आतंकी हमले की भूमिका नहीं है। यह पूरी तरह एक दुर्घटना है, जो विस्फोटक सामग्री की जांच के दौरान हुई।
फोरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम अमोनियम नाइट्रेट आधारित विस्फोटक के नमूने ले रही थी, तभी अचानक यह धमाका हो गया।
पुलिस के अनुसार, बरामद अमोनियम नाइट्रेट का एक हिस्सा एफएसएल लैब में था और बाकी को नौगाम थाने के मालखाने में रखा गया था। निरीक्षण के दौरान हुए रासायनिक प्रतिक्रिया के चलते यह हादसा हुआ बताया जा रहा है।
फरीदाबाद से जब्त 360 किलो अमोनियम नाइट्रेट से जुड़ा कनेक्शन
यह वही विस्फोटक था जो हाल ही में फरीदाबाद में पकड़े गए कश्मीरी सफेदपोश आतंकी डॉ. मुजम्मिल के ठिकाने से जब्त किया गया था।
उस समय करीब 360 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट बरामद हुआ था, जिसे जांच के लिए अलग-अलग हिस्सों में भेजा गया।
इन्हीं सामग्रियों की जांच के दौरान हुए विस्फोट ने पूरी घटना को दिल्ली ब्लास्ट कड़ी से भी जोड़ दिया है, क्योंकि नेटवर्क का कनेक्शन वहां तक बताया जा रहा है।
मौके पर पहुंचे वरिष्ठ अधिकारी, पूरे क्षेत्र की घेराबंदी
धमाके की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम करीब 11:45 बजे मौके पर पहुंची। पुलिस और सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारी भी तुरंत थाने पहुंचे।
एसएसपी श्रीनगर, डीआईजी सेंट्रल कश्मीर रेंज और आईजी कश्मीर ने मौके का निरीक्षण किया और इलाके को पूरी तरह सील कर दिया गया।
थाने के आसपास के घरों और दुकानों को सुरक्षा कारणों से खाली कराया गया। पूरी रात बचाव कार्य चलता रहा और सुबह तक मलबा हटाने का काम जारी रहा।
नौगाम पिछले दिनों भी रहा था चर्चा में
यह वही इलाका है जहाँ अक्टूबर में जैश-ए-मोहम्मद के पोस्टर मिले थे और उसके बाद सफेदपोश आतंकी नेटवर्क का बड़ा खुलासा हुआ था।
कई डॉक्टरों और स्थानीय लोगों के शामिल होने वाली बड़ी साजिश उजागर हुई थी, जिसकी जांच का केंद्र यही थाना बना हुआ था।
जांच जारी, फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार
पुलिस अभी भी मामले की जांच कर रही है। विस्फोट की वास्तविक वजह क्या थी, क्या रासायनिक अस्थिरता के कारण धमाका हुआ या कहीं भंडारण में चूक हुई — इसकी पूरी जवाबदेही फोरेंसिक रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी।
फिलहाल यह हादसा जम्मू-कश्मीर पुलिस के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है और पूरे राज्य में सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है।











