Uttarakhand:आपदा के बाद डीएम को सामने पाकर भावुक हुए ग्रामीण, 2.5 घंटे पैदल चलकर पहुंचे फुलेत गांव

देहरादून। आपदा प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने के लिए डीएम सविन बंसल शुक्रवार को मालदेवता से ऊपर बसे कई गांवों तक पहुंचे। बीते तीन दिनों से सड़क संपर्क टूटा होने के कारण ये गांव पूरी तरह से मुख्यधारा से कटे हुए थे। डीएम करीब ढाई घंटे तक दुर्गम पगडंडियों पर 12 किलोमीटर पैदल चलकर फुलेत, छमरोली, सिमयारी, सिल्ला, क्यारी और सिरोना गांव पहुंचे और ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं।

भावुक हो उठे ग्रामीण, डीएम ने साझा किया भोजन

आजादी के बाद पहली बार अपने गांव में किसी जिलाधिकारी को देख ग्रामीण भावुक हो उठे। इस दौरान लोगों के आग्रह पर डीएम सविन बंसल ने उनके साथ बैठकर भोजन किया और भरोसा दिलाया कि प्रशासन हर कदम पर उनके साथ खड़ा है। उन्होंने मौके पर अधिकारियों को तैनात करते हुए मुआवजे के आकलन और वितरण की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए।

आपदा का दर्द — घर, फसलें और जरूरी सुविधाएं तबाह

सोमवार-मंगलवार की रात आई आपदा से गांवों में बड़ी तबाही हुई।

फुलेत में चार, छमरोली में दो और सिमयारी में एक घर मलबे में समा गए।

सैकड़ों बीघा फसलें बरबाद हो गईं।

गांवों में बिजली, पानी और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएं ठप हो गईं।

कारोबार बंद होने से ग्रामीणों का जीवन संकट में है।

ग्रामीणों का कहना है कि उनके घरों का राशन और सामान सैलाब में बह गया, जबकि खेतों में लगी हल्दी, अदरक, मटर और मिर्च जैसी नगदी फसलें मंडी तक नहीं पहुंच पा रहीं।

अधिकारियों को सख्त निर्देश — जल्द तैयार करें नुकसान की रिपोर्ट

डीएम ने लोक निर्माण विभाग को भवनों की क्षति का आकलन कर तत्काल रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। पीएमजीएसवाई को जर्जर मार्ग खोलने के लिए मौके पर धनराशि स्वीकृत की गई। भूमि कटाव, फसल क्षति, भवन क्षति और पशु हानि जैसी स्थितियों पर विस्तृत रिपोर्ट बनाने के निर्देश संबंधित विभागों को दिए गए।

साथ ही आपदा में मृतक और लापता मजदूरों का विवरण प्रस्तुत करने को भी कहा गया। ब्लॉक के जेई को प्रभावित क्षेत्रों में स्थायी तौर पर ड्यूटी पर लगाया गया है ताकि मार्गों की मरम्मत तुरंत हो सके।

राशन और स्कूलों की समस्याओं पर दिए आश्वासन

ग्रामीणों की राशन की समस्या को लेकर डीएम ने कहा कि चाहे हैली सेवा या खच्चर का सहारा लेना पड़े, अगले एक-दो दिनों में सस्ता गल्ला दुकानों तक सामान पहुंचा दिया जाएगा।

शिक्षा व्यवस्था पर ध्यान देते हुए उन्होंने डीईओ और बीईओ को शनिवार को छमरौली और राइका भगद्वारा खाल स्कूल का निरीक्षण करने और पेयजल, शौचालय व शिक्षक व्यवस्था जैसी दिक्कतों पर रिपोर्ट देने को कहा।

सिंचाई, पेयजल और नहरों की मरम्मत पर जोर

ग्रामीणों ने बताया कि फुलेत और छमरौली में चार परिवारों के घरों में दरारें पड़ी हैं। वहीं, क्षतिग्रस्त सिंचाई नहर और पेयजल लाइन के चलते स्थिति और बिगड़ गई है। डीएम ने लघु सिंचाई और पेयजल विभाग को तुरंत पुनरुद्धार कार्य शुरू करने का आदेश दिया।

एसडीआरएफ ने वृद्धा को पैदल पहुंचाया अस्पताल

इस बीच फुलेत निवासी 62 वर्षीय केवला देवी की अचानक तबीयत बिगड़ने पर एसडीआरएफ की टीम ने उन्हें स्ट्रेचर पर चार किलोमीटर दुर्गम मार्ग से उठाकर रोड हेड तक पहुंचाया। वहां से उन्हें एंबुलेंस द्वारा अस्पताल भेजा गया।

वहीं, फुलेत गांव से लापता तीन मजदूरों की तलाश में बीते तीन दिन से चल रहा एसडीआरएफ का सर्च अभियान फिलहाल खाली हाथ लौटा है। मजदूरों का अब तक कोई पता नहीं चल पाया है।

प्रशासन ने जताया साथ — हर हाल में मदद का भरोसा

डीएम ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि इस कठिन घड़ी में प्रशासन उनके साथ है। सीडीओ अभिनव शाह, संयुक्त मजिस्ट्रेट हर्षिता और डीडीओ सुनील कुमार सहित कई अधिकारी निरीक्षण के दौरान मौजूद रहे।

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