उत्तराखंड के रामनगर में प्रशासन ने निजी जमीन पर बनी तीन अवैध मजारों को ध्वस्त कर दिया। ये कार्रवाई लूटाबढ़, शिवलालपुर रियुनिया और चोरपानी गांव में की गई। गुरुवार को जेसीबी मशीन की सहायता से मजारों को तोड़ा गया। प्रशासन का कहना है कि ये मजारें बिना वैध दस्तावेज़ के बनाई गई थीं। इस कदम के बाद पूरे क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी गई है।
पिछले महीने भी रामनगर में तीन रिसॉर्ट और वन विभाग की जमीन पर बनी अवैध मजारों को हटाया गया था। अब प्रशासन ने निजी जमीन पर बने मजारों पर भी कार्रवाई शुरू कर दी है। इस बार की कार्रवाई में करीब चार घंटे का समय लगा।
एसडीएम प्रमोद कुमार ने बताया कि प्रशासन को सूचना मिली थी कि लूटाबढ़, शिवलालपुर रियुनिया और चोरपानी इलाके में अवैध मजारें बनाई गई हैं। उन्होंने जांच कराई और जमीन मालिकों से जानकारी ली। सभी जमीन मालिकों ने बताया कि यह मजारें पहले से बनी थीं। जब मजार संचालकों से वैध प्रपत्र मांगे गए, तो वे नहीं दिखा पाए।
इसके बाद एसडीएम प्रमोद कुमार के नेतृत्व में तहसीलदार मनीषा मारकाना, राजस्व टीम और पुलिस फोर्स ने मौके पर पहुंचकर मजारों को ध्वस्त किया। पहले चोरपानी की मजार तोड़ी गई, फिर लूटाबढ़ और शिवलालपुर रियूनिया की मजारें हटाई गईं। प्रशासन ने बताया कि जमीन मालिकों ने भी अवैध मजारें हटाने का अनुरोध किया था।
गौरतलब है कि इस साल अब तक रामनगर में कुल 15 से अधिक अवैध मजारें प्रशासन द्वारा हटाई जा चुकी हैं।






