जनपद में सस्ते गल्ले की दुकानों से लगातार मिल रही शिकायतों के बाद प्रशासन सख्त हो गया है। गुरुवार को जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर जिला प्रशासन की टीम ने एक साथ 19 सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों पर छापेमारी की। छापेमारी के दौरान दुकानों से नमक के नमूने लिए गए और उन्हें जांच के लिए खाद्य सुरक्षा अधिकारी को भेजा गया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
शिकायतों पर हरकत में आया प्रशासन
पिछले दिनों सोशल मीडिया पर एक महिला का वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें सस्ते गल्ले से मिले नमक में रेत और अन्य मिलावट की शिकायत सामने आई थी। इस वीडियो को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने सभी एसडीएम और तहसीलदारों को तत्काल जांच करने के निर्देश दिए।
कई तहसीलों में हुई छापेमारी
जिला प्रशासन की टीम ने सदर, चकराता, विकासनगर, मसूरी, डोईवाला और ऋषिकेश तहसीलों की दुकानों पर छापेमारी कर नमूने इकट्ठे किए। जिलाधिकारी के आदेश पर एसडीएम और तहसीलदारों ने अपने-अपने क्षेत्र में कार्रवाई की।
पहले भी सामने आ चुकी हैं अनियमितताएं
यह पहली बार नहीं है जब सस्ते गल्ले की दुकानों पर सवाल उठे हों। कुछ महीने पहले भी दुकानों पर बांटे जा रहे अनाज की गुणवत्ता पर शिकायतें आई थीं। उस दौरान खुद जिलाधिकारी ने छापेमारी की थी, जिसमें कई दुकानों में अनियमितताएं पकड़ी गई थीं और कार्रवाई भी की गई थी।






