अल्मोड़ा बागेश्वर चमोली चम्पावत देहरादून हरिद्वार नैनीताल पौड़ी गढ़वाल पिथौरागढ़ रुद्रप्रयाग टिहरी गढ़वाल उधम सिंह नगर उत्तरकाशी

उत्तराखंड में जैविक और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा, किसानों की उपज बिकेगी नई मंडियों में, गणेश जोशी ने साझा की रूपरेखा

On: August 28, 2025 7:14 AM
Follow Us:

देहरादून: उत्तराखंड जैविक उत्पाद परिषद ने अब राज्य में जैविक खेती के साथ प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही परिषद के नाम में भी बदलाव किया जाएगा। नई व्यवस्था के तहत प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में जैविक और प्राकृतिक उत्पादों की बिक्री के लिए मंडियां स्थापित की जाएंगी, जो राष्ट्रीय ई-बाजार (e-NAM) की तर्ज पर संचालित होंगी।

कृषि मंत्री गणेश जोशी की अध्यक्षता में बुधवार को परिषद की 26वीं बोर्ड बैठक रिंग रोड स्थित किसान भवन में आयोजित हुई। बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा कर सहमति दी गई। इसी क्रम में परिषद का नाम बदलकर “उत्तराखंड जैविक एवं प्राकृतिक उत्पाद परिषद” करने का निर्णय लिया गया।

बैठक में यह भी तय हुआ कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके, इसके लिए चुनिंदा स्थानों पर विशेष मंडियों की स्थापना होगी। साथ ही एपीडा की गाइडलाइन के अनुसार, प्रत्येक जिले में परिषद के तकनीकी अधिकारी, सहायक विपणन अधिकारी और आंतरिक निरीक्षक को कार्य संचालन के लिए कार्यालय उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भी पारित किया गया।

कृषि मंत्री गणेश जोशी ने बैठक में कहा कि उत्तराखंड में प्राकृतिक खेती की परंपरा रही है, जिसे दोबारा मजबूत करना समय की जरूरत है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को प्राकृतिक और जैविक खेती अपनाने के लिए योजनाबद्ध ढंग से प्रोत्साहित किया जाए, ताकि राज्य को इस क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई जा सके।

बैठक का संचालन परिषद के प्रबंध निदेशक विनय कुमार ने किया। इस अवसर पर परिषद के उपाध्यक्ष भूपेश कुमार, सदस्य निरंजन डोभाल, गिरीश बलूनी, कृषि एवं उद्यान विभाग, रेशम, सगंध पौधा केंद्र, जड़ी-बूटी केंद्र और पंतनगर विश्वविद्यालय के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

यह भी पढें- “देहरादून में प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई की, जंगल में बनी अवैध मजार को ध्वस्त किया गया।”

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment