अल्मोड़ा बागेश्वर चमोली चम्पावत देहरादून हरिद्वार नैनीताल पौड़ी गढ़वाल पिथौरागढ़ रुद्रप्रयाग टिहरी गढ़वाल उधम सिंह नगर उत्तरकाशी

Uttarakhand : गलत पहचान या जबरन विवाह-लिव इन पर सख्ती, होगी जेल और भरना पड़ेगा जुर्माना

On: August 20, 2025 5:21 AM
Follow Us:

देहरादून। उत्तराखंड में अब विवाह के दौरान गलत पहचान बताना गंभीर अपराध माना जाएगा। विधानसभा में प्रस्तुत समान नागरिक संहिता संशोधन विधेयक में यह स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई व्यक्ति विवाह के समय अपनी पहचान छिपाता है या धोखा देता है तो वह विवाह रद्द करने योग्य होगा। इतना ही नहीं, लिव-इन संबंधों में भी धोखाधड़ी, बल या जबरदस्ती की स्थिति में कठोर सजा और जुर्माने का प्रावधान किया गया है।

नए संशोधन के तहत यदि कोई नाबालिग के साथ लिव-इन में रहता है, तो उसे छह माह की कैद और 50 हजार रुपये तक का जुर्माना भुगतना होगा। वहीं, विवाह या लिव-इन संबंध में बल, धोखे अथवा जबरन साथ रखने पर सात साल तक की सजा और जुर्माना लगाया जा सकेगा। नियमों के उल्लंघन पर लगाया गया जुर्माना भू-राजस्व की बकाया वसूली की तरह वसूला जाएगा।

विधेयक के अनुसार अब लिव-इन संबंध खत्म होने पर प्रमाण पत्र जारी करने की व्यवस्था होगी। साथ ही नवविवाहित जोड़े विवाह पंजीकरण के लिए एक वर्ष तक का समय ले सकेंगे। इसके अलावा कानून की भाषा में भी कई बदलाव किए गए हैं। उदाहरणस्वरूप, जहां पहले “सीपीसी” का उल्लेख था, उसकी जगह अब “भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता” लिखा जाएगा। इसी प्रकार “दंड” शब्द के स्थान पर “जुर्माना” शब्द का उपयोग होगा, क्योंकि दंड केवल न्यायालय द्वारा ही दिया जा सकता है जबकि उप-पंजीयक केवल जुर्माना लगाने के अधिकार रखते हैं।

पद और नियुक्तियों से संबंधित नियमों में भी बदलाव किया गया है। पहले केवल सचिव स्तर का अधिकारी ही रजिस्ट्रार जनरल बनाया जा सकता था, लेकिन अब अपर सचिव स्तर का अधिकारी भी इस पद पर नियुक्त किया जा सकेगा। इसके अलावा झूठे या जाली दस्तावेज प्रस्तुत करने पर भारतीय न्याय संहिता के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

तलाक से संबंधित आधारों में भी संशोधन किया गया है। अब यदि पति विवाह के बाद बलात्कार, मृतक यौनाचार या पशु विकृति जैसा अपराध करता है, तो पत्नी इसे तलाक का आधार बना सकती है। नाबालिग से विवाह “बाल विवाह निषेध अधिनियम” के अंतर्गत दंडनीय होगा। साथ ही, पति-पत्नी के जीवित रहते दूसरा विवाह करना भारतीय न्याय संहिता के तहत अपराध माना जाएगा।

संशोधित विधेयक में दो नई धाराएं भी जोड़ी गई हैं। इनके तहत विवाह, लिव-इन और उत्तराधिकार के पंजीकरण को निरस्त करने का अधिकार अब रजिस्ट्रार जनरल को दिया गया है। साथ ही, नियमों के उल्लंघन पर लगने वाले जुर्माने की वसूली भू-राजस्व की बकाया वसूली की तरह करने की व्यवस्था की गई है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

Vice President Uttarakhand Visit: दो दिवसीय दौरे पर देहरादून पहुंचे उपराष्ट्रपति, एलबीएसएनएए और आईजीएनएफए के कार्यक्रमों में करेंगे शिरकत

Ankita Bhandari Murder Case Uttarakhand High Court hearing and Pulkit Arya bail rejection news visual.

Ankita Bhandari Murder Case: पुलकित आर्य समेत तीनों दोषियों को बड़ा झटका, हाईकोर्ट ने खारिज की जमानत याचिका

​आज दून पहुंचेंगे उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, घर से निकलने से पहले चेक कर लें रूट डायवर्जन प्लान

Damaged car and loader at road accident site near Manimai temple in Dehradun with emergency responders.

देहरादून में दर्दनाक सड़क हादसा: मणिमाई मंदिर के पास खड़े लोडर से टकराई तेज रफ्तार कार, 2 की मौके पर मौत, 3 की हालत नाजुक

Haridwar Murder Case crime scene investigation by police near Gangnahar in Manglaur.

​Haridwar Murder Case: मंगलौर में सौतेली मां की निर्मम हत्या, बेटी और उसका प्रेमी हिरासत में

Uttarakhand Tunnel Collapse: Death toll rises, two workers still missing; search operation underway.

Uttarakhand Tunnel Collapse: मौतों का आंकड़ा बढ़ा, दो मजदूर अब भी लापता, तलाश अभियान जारी

Leave a Comment