रामनगर। उत्तराखंड में धामी सरकार द्वारा अवैध धार्मिक स्थलों पर सख्त रुख अपनाया गया है। इसी कड़ी में शुक्रवार को रामनगर के ढेला गांव स्थित राजकीय इंटर कॉलेज के परिसर में बनी एक पुरानी मजार को प्रशासन ने जेसीबी की मदद से ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई एसडीएम प्रमोद कुमार के नेतृत्व में की गई, जिसमें तहसीलदार मनीषा मारकाना, खंड शिक्षा अधिकारी हवलदार सिंह राइंका और स्थानीय पुलिस बल भी मौजूद रहा।
विद्यालय परिसर के भीतर यह मजार लंबे समय से बनी हुई थी, लेकिन इसकी जानकारी सार्वजनिक नहीं थी। बताया जा रहा है कि जब स्कूल की चारदीवारी बनाई गई, तब यह मजार परिसर के भीतर आ गई। समय-समय पर यहां कुछ लोग पूजा-पाठ के लिए भी आते थे। हाल ही में जब अवैध मजारों को लेकर राज्य सरकार ने सख्ती दिखाई, तो इस मजार का मामला भी सामने आया।
बीजेपी नेता मदन जोशी ने इस मुद्दे को लेकर जिलाधिकारी से मुलाकात की थी और स्कूल परिसर से मजार हटाने की मांग की थी। इसके अलावा विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने भी प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर अवैध धार्मिक संरचना को हटाने की मांग उठाई थी।
प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच करवाई और तय पाया कि यह मजार सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बनी है। इसके बाद शुक्रवार को कार्रवाई करते हुए मजार को जेसीबी से ढहा दिया गया और जमीन को समतल कर दिया गया।
इससे पहले प्रशासन द्वारा रिसॉर्ट और वन विभाग की भूमि से भी चार अवैध मजारों को हटाया गया था। अब स्कूल परिसर से मजार हटाने की कार्रवाई से साफ है कि धामी सरकार इस मुद्दे पर कोई नरमी बरतने के मूड में नहीं है।
कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। स्थानीय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में किसी भी सार्वजनिक या सरकारी जमीन पर अवैध धार्मिक निर्माण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।





