देहरादून,
राजधानी देहरादून में जिला प्रशासन की ओर से बाल भिक्षावृत्ति और बालश्रम के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान ने बड़ी सफलता हासिल की है। जिलाधिकारी सविन बंसल के नेतृत्व में प्रशासन द्वारा रेस्क्यू किए गए 57 बच्चों को अब स्कूलों में दाखिला दिलाया गया है। इन बच्चों को अब ‘कूड़े और कटोरों’ से निकालकर कंप्यूटर, संगीत, योग और एक्टिविटी बेस्ड लर्निंग की ओर अग्रसर किया जा रहा है।
जिला प्रशासन द्वारा साधु राम इंटर कॉलेज में स्थापित आधुनिक इंटेंसिव केयर सेंटर में इन बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। इस केंद्र में लगभग 50 बच्चे वर्तमान में विशेषज्ञ शिक्षकों की निगरानी में पढ़ाई कर रहे हैं। सेंटर में प्रोजेक्टर, गेम्स, कंप्यूटर लैब और अन्य रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से बच्चों की रुचि शिक्षा में बढ़ाई जा रही है।
प्रशासन की इस मुहिम के तहत सितंबर 2024 से अब तक 300 से अधिक बच्चों को भिक्षावृत्ति और बालश्रम से मुक्त कराया जा चुका है।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा, “बाल भिक्षावृत्ति और बालश्रम रोकना सिर्फ प्रशासनिक नहीं, बल्कि हमारी नैतिक जिम्मेदारी भी है। हमारा लक्ष्य देहरादून को बालश्रम और भिक्षावृत्ति से पूर्णतः मुक्त बनाना है।”
राज्य का यह पहला आधुनिक इंटेंसिव केयर सेंटर है, जहां बच्चों को माइक्रो प्लानिंग के तहत शैक्षणिक और मानसिक रूप से तैयार कर स्कूलों में दाखिल कराया जा रहा है।
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