चमोली जिले के जोशीमठ (ज्योतिर्मठ) विकासखंड के जोगीधारा के पास बुधवार को एक जबरदस्त भूस्खलन की घटना सामने आई है। देखते ही देखते पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा धराशायी होकर नीचे समा गया, जिससे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। इस लैंडस्लाइड की वजह से कुछ समय के लिए बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग (हाईवे) भी पूरी तरह अवरुद्ध हो गया। हालांकि प्रशासन की त्वरित कार्रवाई के बाद मार्ग को अस्थायी रूप से खोल दिया गया है।
भूस्खलन के बाद ज्योतिर्मठ क्षेत्र में संचार व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सेवाएं बाधित हो गई हैं। एहतियातन प्रशासन ने यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोक दिया है और आगे यात्रा न करने की सलाह दी है।
लगातार हो रही भारी बारिश ने चमोली जिले में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। बदरीनाथ हाईवे पर जगह-जगह मलबा गिरने की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे यात्रा करना बेहद जोखिम भरा हो गया है। मौसम विभाग द्वारा जारी रेड अलर्ट को देखते हुए हालात और भी गंभीर होने की संभावना जताई जा रही है।
स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने एहतियातन चमोली जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों और कक्षा 1 से 12 तक के सभी सरकारी व निजी स्कूलों को बंद रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही प्रशासन लगातार नदियों और नालों के किनारे बसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम कर रहा है। राहत के तौर पर स्कूलों और अन्य सुरक्षित इमारतों में अस्थायी आश्रय केंद्र बनाए गए हैं, जहां लोगों को ठहराने की व्यवस्था की गई है।
भारी बारिश के कारण बदरीनाथ हाईवे के साथ-साथ फूलों की घाटी का मार्ग भी बंद कर दिया गया है। प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि वे मौसम सामान्य होने तक यात्रा न करें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
फिलहाल चमोली जिले में हालात सामान्य नहीं हैं और प्रशासन लगातार निगरानी बनाए हुए है। जनता से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन से संपर्क करें।
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