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Weather Alert: अल्मोड़ा में रुक-रुक कर बारिश, रामगंगा और कोसी का जलस्तर बढ़ा; 11 सड़कें बंद

On: August 6, 2025 6:42 AM
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अल्मोड़ा/चंपावत। उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में लगातार हो रही बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अल्मोड़ा और चंपावत जिलों में बीते दो दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है और कई सड़क मार्ग बाधित हो गए हैं।

अल्मोड़ा में बारिश से बिगड़े हालात

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अल्मोड़ा जिले में मंगलवार रात से शुरू हुई बारिश बुधवार सुबह तक जारी रही। लगातार हो रही वर्षा से जिले की कुल 11 सड़कें बंद हो गई हैं, जिनमें एक राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-109) और तीन राज्य मार्ग शामिल हैं। सबसे अधिक बारिश सोमेश्वर क्षेत्र में 136 मिमी दर्ज की गई है। इसके अलावा चौखुटिया में 75 मिमी, रानीखेत में 55 मिमी, अल्मोड़ा में 47 मिमी, सुल्त में 24.5 मिमी, जैण्टी में 12 मिमी, जागेश्वर में 11.5 मिमी, बैसियाछाना में 6.5 मिमी और शीतलाखेत में 2.5 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई है।

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नदी किनारे खतरा बरकरार

कोसी और रामगंगा नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। कोसी बैराज का कुल डिस्चार्ज 10,272.50 क्यूसेक तक पहुंच गया है। हालांकि बैराज का डाउनस्ट्रीम जलस्तर 1128.98 मीटर अभी चेतावनी और खतरे के स्तर से नीचे है। रामगंगा नदी का जलस्तर भी 923.00 मीटर है, जो खतरे के निशान 923.725 मीटर से नीचे बना हुआ है। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की अपील की है।

सड़क नेटवर्क पर असर

जिले की सड़क व्यवस्था पर बारिश का गहरा असर पड़ा है। NH-109 भूस्खलन के चलते बंद है, जबकि अन्य तीन राष्ट्रीय राजमार्ग खुले हुए हैं। 18 राज्य मार्गों में से 3 मार्ग अवरुद्ध हैं, वहीं 6 ग्रामीण सड़कें भी बंद हैं। मुख्य जिला और अन्य जिला मार्गों पर यातायात सामान्य बना हुआ है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और पहाड़ी क्षेत्रों में सावधानी बरतने को कहा है।

चंपावत में भी हालात चिंताजनक

चंपावत जिले में भी मंगलवार दोपहर से बारिश का दौर लगातार जारी है। बीते 24 घंटे में बनबसा में 70 मिमी और जिला मुख्यालय में 68 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई है। टनकपुर-घाट राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्वाला और संतोला के बीच भारी मलबा आने से मार्ग बंद हो गया है। भूस्खलन रुक-रुक कर जारी है, जिससे मार्ग खोलने में परेशानी आ रही है।

शारदा नदी उफान पर, स्कूलों में छुट्टी

बनबसा क्षेत्र में शारदा नदी का बहाव 1.56 लाख क्यूसेक तक पहुंच गया है, जिससे तटीय इलाकों में खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वालों को अलर्ट रहने और सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट होने की सलाह दी है। जिले में लगातार तीसरे दिन स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रखे गए हैं।

प्रशासन की अपील – सतर्क रहें, सुरक्षित रहें

दोनों जिलों के प्रशासन ने भारी बारिश की संभावना को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। विशेष रूप से नदी किनारे और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। बचाव दलों को अलर्ट मोड पर रखा गया है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारी पूरी है।

यह भी पढें- उत्तरकाशी आपदा: स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर, धराली में तैनात किए गए मनोचिकित्सक, देहरादून-ऋषिकेश में ICU बेड रिजर्व

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