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Kedarnath Yatra Update: लगातार तीसरे दिन ठप रही यात्रा, सोनप्रयाग में हाईवे खुलने की राह देख रहे 5000 से अधिक श्रद्धालु

On: August 1, 2025 7:38 AM
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रुद्रप्रयाग।
गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग पर मुनकटिया के पास हुए भारी भूस्खलन के चलते केदारनाथ यात्रा तीसरे दिन भी पूरी तरह ठप रही। हाईवे बंद होने के कारण हजारों यात्री सोनप्रयाग में फंसे हुए हैं और मार्ग खुलने का इंतजार कर रहे हैं। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों ने अब तक 1100 से अधिक यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है।

हाईवे को खोलने का कार्य लगातार जारी है, लेकिन मुनकटिया क्षेत्र में सड़क का करीब 70 मीटर हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुका है, जिससे राहत कार्यों में काफी दिक्कतें आ रही हैं। लगातार हो रहे भूस्खलन के कारण जेसीबी और पॉकलैंड मशीनों की मदद से मलबा हटाने का कार्य धीमा पड़ गया है।

सोनप्रयाग में 5 हजार से अधिक यात्री फंसे
सोनप्रयाग में अभी भी पांच हजार से अधिक श्रद्धालु फंसे हुए हैं। पुलिस प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए किसी भी यात्री को केदारनाथ की ओर जाने की अनुमति नहीं दी है। सभी यात्रियों से धैर्य बनाए रखने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।

जंगल के रास्ते रेस्क्यू अभियान जारी
केदारनाथ से दर्शन कर लौट रहे यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए एनडीआरएफ व एसडीआरएफ द्वारा जंगल के पैदल रास्तों से रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है। सुबह 10 बजे तक 800 यात्रियों को सुरक्षित सोनप्रयाग पहुंचाया गया था, जबकि देर शाम तक यह आंकड़ा 1050 के पार चला गया। मंगलवार शाम तक कुल 2179 श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है।

भूस्खलन बना बड़ी चुनौती
एनएच लोनिवि के अधिशासी अभियंता ओंकार पांडेय के अनुसार, हाईवे खोलने का कार्य लगातार जारी है और सभी अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। हालांकि पहाड़ी से लगातार गिरते बोल्डर और मलबे की वजह से काम में बाधा आ रही है। वैकल्पिक मार्ग तैयार करने की भी कोशिश की जा रही है ताकि किसी आपात स्थिति में यात्रियों को सुरक्षित निकाला जा सके।

स्थिति पर नजर बनाए हुए है प्रशासन
प्रशासन और आपदा राहत टीमें हालात पर करीबी नजर बनाए हुए हैं। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल प्रशासन द्वारा जारी सूचना पर ही भरोसा करें। जब तक रास्ता पूरी तरह से सुरक्षित नहीं होता, तब तक यात्रा को बहाल नहीं किया जाएगा।
नोट: यात्रियों से अनुरोध है कि मौसम और मार्ग की स्थिति के संबंध में अद्यतन जानकारी के लिए प्रशासनिक हेल्पलाइन से संपर्क में रहें।

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