उत्तराखंड सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूती देने की दिशा में लगातार काम कर रही है। मरीजों के इलाज के साथ-साथ उनके साथ आने वाले परिजनों को भी राहत देने के उद्देश्य से अब राज्य सरकार ने एक नई पहल की है। इसी कड़ी में देहरादून और हल्द्वानी के राजकीय मेडिकल कॉलेजों में तीमारदारों के लिए विश्राम गृह (रैन बसेरे) बनाने का निर्णय लिया गया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में राजकीय मेडिकल कॉलेज देहरादून और हल्द्वानी ने सेवादान आरोग्य फाउंडेशन के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के तहत दोनों मेडिकल कॉलेज परिसरों में तीमारदारों के लिए विश्राम गृह बनाए जाएंगे, जिनकी क्षमता 350 बेड की होगी। इन विश्राम गृहों में रात्रि विश्राम के लिए प्रति बेड 55 रुपये तथा दो बेड वाले कमरों के लिए 300 रुपये प्रति कमरा शुल्क निर्धारित किया गया है। साथ ही, नाश्ता 20 रुपये और भोजन 35 रुपये में उपलब्ध कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के साथ-साथ मरीजों के परिजनों को भी बेहतर सुविधाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने सेवादान संस्था से किच्छा स्थित एम्स सैटेलाइट सेंटर में भी इस तरह की सुविधा विकसित करने का आग्रह किया, जिसे संस्था की ओर से सहमति दे दी गई है।
दोनों मेडिकल कॉलेजों द्वारा विश्राम गृह निर्माण के लिए भूमि भी उपलब्ध करा दी गई है—देहरादून में 1750 वर्ग मीटर और हल्द्वानी में 1400 वर्ग मीटर भूमि आवंटित की गई है। इस एमओयू के तहत अगले 20 वर्षों तक इन विश्राम गृहों का निर्माण, संचालन और रखरखाव सेवादान आरोग्य फाउंडेशन द्वारा किया जाएगा।
यह पहल स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक अहम कदम मानी जा रही है, जिससे तीमारदारों को सस्ते और सुरक्षित ठहराव की सुविधा मिल सकेगी, साथ ही मरीजों के इलाज के दौरान उनका सहयोगी साथ भी सुनिश्चित हो सकेगा।
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