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Uttarakhand Update: जनजातीय क्षेत्रों में विकसित होंगे 1000 होम स्टे, केंद्र से मिलेगी 5 करोड़ तक की सहायता

On: July 23, 2025 9:00 AM
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देहरादून:
केंद्र सरकार ने जनजातीय क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान के अंतर्गत देशभर में 1000 होम स्टे विकसित करने का लक्ष्य तय किया है। इस योजना का लाभ उत्तराखंड के चकराता, उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ जैसे जनजाति बहुल जिलों को भी मिल सकता है। योजना के तहत प्रत्येक गांव में 5 से 10 होम स्टे इकाइयों की स्थापना के लिए पांच करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता दी जाएगी।

यह जानकारी केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने संसद में हरिद्वार सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के प्रश्न के उत्तर में दी। सांसद त्रिवेंद्र ने मानसून सत्र के दौरान देशभर में तीर्थयात्रियों और पर्यटकों की सुविधा के लिए होम स्टे सुविधाओं को प्रोत्साहित करने का मुद्दा उठाया था।

होम स्टे के लिए प्रशिक्षण और कर्ज की सुविधा भी
पर्यटन मंत्री ने बताया कि वर्ष 2025-26 के बजट में होम स्टे इकाइयों को संपार्श्विक रहित संस्थागत ऋण देने की योजना घोषित की गई है। इसके साथ ही अतुल्य भारत बेड एंड ब्रेकफास्ट योजना के तहत होम स्टे को स्वर्ण और रजत श्रेणी में वर्गीकृत किया जा रहा है। सेवा गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सेवा प्रदाताओं को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।

सहकारिता क्षेत्र में डिजिटल क्रांति: उत्तराखंड की 670 समितियां हुईं ऑनलाइन

राज्य में सहकारी समितियों को डिजिटल तकनीक से जोड़ने के लिए सरकार ने ठोस कदम उठाए हैं। उत्तराखंड की 670 बहुद्देश्यीय प्रारंभिक कृषि ऋण सहकारी समितियां अब पूरी तरह डिजिटल हो चुकी हैं, जिन्हें नाबार्ड द्वारा विकसित सॉफ्टवेयर के माध्यम से संचालित किया जा रहा है।

यह जानकारी केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत के प्रश्न के उत्तर में दी। मंत्री ने बताया कि इन समितियों को कंप्यूटर, बायोमीट्रिक डिवाइस, प्रिंटर, यूपीएस और वीपीएन कनेक्टिविटी जैसे अत्याधुनिक हार्डवेयर भी उपलब्ध कराए गए हैं। इस योजना की कुल लागत 13.48 करोड़ रुपये है, जिसमें से 12.13 करोड़ केंद्र सरकार ने वहन किए हैं।

इसके अलावा, राज्य में 587 नई सहकारी समितियों की स्थापना भी की गई है, जो विभिन्न व्यावसायिक गतिविधियों में सक्रिय हैं।

हरिद्वार जिले को मिलेगा दुग्ध समितियों का समर्थन

सहकारिता के विस्तार की दिशा में हरिद्वार जनपद में 27 नई दुग्ध समितियों की स्थापना की जाएगी। वहीं, पहले से मौजूद 25 समितियों को और अधिक सशक्त बनाया जाएगा। यह पहल राज्य में दुग्ध उत्पादन और विपणन को बढ़ावा देने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगी।

यह योजनाएं न केवल पर्यटन को प्रोत्साहन देंगी बल्कि ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों के सामाजिक-आर्थिक विकास में भी निर्णायक भूमिका निभाएंगी।

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