देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ग्रामीण विकास को मजबूती देने के लिए बड़े कदमों की घोषणा की है। सोमवार को सचिवालय में आयोजित ग्राम्य विकास विभाग की “गेम चेंजर” योजनाओं की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि 2030 तक ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड का टर्नओवर 100 करोड़ रुपये तक पहुंचाया जाए। इसके लिए राज्यभर में उत्पादों की ब्रांडिंग और विपणन को यूनिटी मॉल्स के माध्यम से सशक्त किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में इन उत्पादों की मजबूत पहुंच बनाई जाए। इसके लिए रणनीतिक योजना बनाकर काम किया जाए और गुणवत्ता से कोई समझौता न हो।
आदर्श गांव और रोजगार का मॉडल
सीएम धामी ने कहा कि हर विकासखंड में एक-एक आदर्श गांव विकसित किया जाएगा, जहां न केवल मूलभूत सुविधाएं होंगी, बल्कि हर परिवार को रोजगार से जोड़ा जाएगा। इन गांवों को स्वरोजगार और सतत विकास के आदर्श मॉडल के रूप में खड़ा किया जाएगा।
लखपति दीदी योजना से महिलाओं को आर्थिक मजबूती
समीक्षा बैठक में ग्राम्य विकास सचिव राधिका झा ने बताया कि अब तक 1.65 लाख महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाया जा चुका है। आगामी तीन वर्षों में एक लाख और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
ग्रामीण उद्यमों को मिलेगा संबल
मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के तहत अगले तीन वर्षों में 15 हजार ग्रामीण उद्यमों को सहायता प्रदान की जाएगी, जिससे स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही, ग्रोथ सेंटरों को कौशल विकास से जोड़कर स्थानीय लोगों को प्रशिक्षित किया जाएगा।
रिवर्स पलायन पर जोर
सीएम धामी ने कहा कि पलायन कर चुके लोगों को दोबारा गांव लौटने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके लिए ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के अधिक अवसर पैदा किए जाएंगे और डोर-स्टेप डिलीवरी सिस्टम को मजबूत बनाकर योजनाओं की प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा।
हाउस ऑफ हिमालयाज के तहत राज्य के 150 से अधिक उत्पादों को चरणबद्ध तरीके से शामिल किया जाएगा, ताकि स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय पहचान दिलाई जा सके।
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