उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ की प्रांतीय तदर्थ समिति ने शिक्षा विभाग द्वारा ब्लॉक रिसोर्स पर्सन (BRP) और क्लस्टर रिसोर्स पर्सन (CRP) पदों पर आउटसोर्सिंग के माध्यम से की जा रही भर्ती पर आपत्ति जताई है। संघ का कहना है कि शासन की स्पष्ट मंशा के बावजूद विभाग आउटसोर्स एजेंसी के जरिए 951 पदों पर नियुक्तियां कर रहा है, जो नियमों के विरुद्ध है।
शिक्षक संघ के अनुसार, अप्रैल 2025 में मुख्य सचिव द्वारा जारी आदेश में साफ तौर पर निर्देशित किया गया था कि किसी भी प्रकार की संविदा, आउटसोर्सिंग या अस्थायी व्यवस्था के तहत नियुक्तियां न की जाएं। इसके बावजूद शिक्षा विभाग इन नियमों की अनदेखी कर रहा है और लंबे समय से खाली चल रहे बीआरपी और सीआरपी के पदों को भरने की तैयारी में जुटा है। इतना ही नहीं, विभागीय मेरिट लिस्ट भी जारी कर दी गई है और पंचायत चुनाव की आचार संहिता समाप्त होते ही नियुक्ति पत्र भी बांटे जाने की संभावना है।
इस विषय को लेकर संघ की ओर से प्रांतीय तदर्थ समिति के पदाधिकारी मनोज तिवारी ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है। उन्होंने मांग की है कि शासनादेश का पालन सुनिश्चित करते हुए इन नियुक्तियों पर रोक लगाई जाए।
वहीं, माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. मुकुल कुमार सती का कहना है कि बीआरपी और सीआरपी पद स्थायी नहीं हैं, बल्कि आउटसोर्सिंग श्रेणी में आते हैं। इसलिए उन पर शासनादेश लागू नहीं होता, क्योंकि वह आदेश सिर्फ स्थायी पदों के लिए है।
शिक्षक संघ और शिक्षा विभाग के बीच इस मामले को लेकर मतभेद साफ नजर आ रहे हैं, और अब यह देखना होगा कि मुख्यमंत्री कार्यालय इस पर क्या रुख अपनाता है।
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