उत्तराखंड सरकार आने वाले वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अनुपूरक बजट की रूपरेखा तैयार कर रही है, जिसके तहत राज्य की विकासपरक योजनाओं को और मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी हाल ही में दो दिवसीय दिल्ली दौरे पर रहे, जहां उन्होंने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात कर 3000 करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्तावों पर सैद्धांतिक सहमति प्राप्त की। इस बजट में विशेष फोकस कृषि क्षेत्र और पर्वतीय क्षेत्रों की आर्थिक क्षमता को सशक्त करने पर होगा।
सूत्रों के मुताबिक सरकार का लक्ष्य है कि अनुपूरक बजट के ज़रिए पर्वतीय क्षेत्रों में कृषि, बागवानी और बुनियादी ढांचे के विकास को प्राथमिकता दी जाए। जंगली जानवरों से फसलों की रक्षा, जल प्रबंधन और मार्केटिंग जैसे अहम मुद्दों को योजनाओं में सम्मिलित किया जाएगा। इन क्षेत्रों की क्षमताओं को धरातल पर उतारने के लिए सरकार को अतिरिक्त वित्तीय सहयोग की आवश्यकता है, जिसके लिए सभी विभागों से अनुपूरक मांगों के प्रस्ताव मांगे गए हैं।
गैरसैंण, जिसे राज्य की ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित किया गया है, वहां अगस्त माह में मानसून सत्र आयोजित किया जाएगा। इस दौरान धामी सरकार अनुपूरक बजट पेश करेगी। कैबिनेट ने सत्र की तिथि तय करने के अधिकार मुख्यमंत्री को सौंप दिए हैं। यह बजट राज्य के सामाजिक और आर्थिक बुनियादी ढांचे को नई दिशा देने वाली योजनाओं के लिए धन आवंटित करने का प्रमुख अवसर होगा।
वित्त विभाग के अनुसार फरवरी में पारित 1.01 लाख करोड़ रुपये के वार्षिक बजट के बाद भी खर्च की गति अपेक्षा से धीमी रही है। ऐसे में सरकार उन्हीं योजनाओं के लिए अनुपूरक बजट की स्वीकृति देगी जो तत्काल प्रभावी और आवश्यक होंगी। अनुमान है कि इस बार अनुपूरक बजट पिछले वर्ष के 5000 करोड़ रुपये के आंकड़े से अधिक नहीं होगा, बल्कि उसे कम भी किया जा सकता है।
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