उत्तराखंड के डोईवाला क्षेत्र के कुड़कावाला स्थित क्रशर प्लांट में 13 वर्षीय किशोरी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद रविवार को इलाके में हंगामा खड़ा हो गया। आक्रोशित लोगों ने दोपहर तक नगर के मुख्य मार्ग पर जाम लगा दिया और न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ता भी धरने में शामिल हो गए।
दोपहर बाद भीड़ ने कोतवाली की ओर कूच कर घेराव करने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच नोकझोंक के बीच पथराव हुआ और कुछ लोगों ने पुलिस पर चूड़ियां भी फेंकी। इस घटना में एक पुलिसकर्मी घायल हो गया। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया, जिसमें महिलाओं सहित कई लोगों के साथ सख्ती बरती गई।
हाईवे जाम और बवाल की सूचना पर डोईवाला के आसपास के थानों से अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर बुलाया गया। हालात को संभालने के लिए एसपी रेनू लोहानी भी मौके पर पहुंचीं और प्रदर्शनकारियों को शांत करने का प्रयास किया। उन्होंने आक्रोशित लोगों को दो दिन के भीतर पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने का आश्वासन दिया, लेकिन बार-बार समझाने के बावजूद लोग शांत नहीं हुए।
प्रदर्शनकारियों को समर्थन देने के लिए हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता भी धरने पर बैठ गए। इसी दौरान विधायक बृजभूषण गैरोला और भाजपा जिलाध्यक्ष राजेंद्र तड़ियाल मौके पर पहुंचे। दोनों नेताओं ने पुलिस अधिकारियों से बातचीत कर मामले में निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिलाया और लोगों को शांत कराने की कोशिश की।
डोईवाला कोतवाली के एसएसआई विनोद कुमार ने बताया कि किशोरी के पिता की तहरीर पर क्रशर प्लांट से जुड़े दो नामजद आरोपियों, मोमीन और मोबीन के खिलाफ दुष्कर्म, हत्या और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। फिलहाल कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। हालांकि प्रारंभिक जांच में किशोरी के शरीर पर किसी भी प्रकार के शारीरिक उत्पीड़न या चोट के निशान नहीं मिले हैं। उन्होंने कहा कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
आठ घंटे तक डोईवाला में तनावपूर्ण हालात
किशोरी की मौत के मामले में गुस्साए लोगों का पुलिस और आरोपियों के खिलाफ आक्रोश फूट पड़ा। जाम खुलवाने के प्रयास में जब पुलिस ने सख्ती दिखाई तो भीड़ उग्र हो गई और पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। इसके चलते डोईवाला क्षेत्र करीब आठ घंटे तक अशांति की चपेट में रहा।
व्यापारियों ने भी किया विरोध का समर्थन, बाजार बंद
कुड़कावाला घटना के विरोध में स्थानीय व्यापारियों ने भी लोगों का साथ दिया और दुकानों के शटर बंद कर विरोध जताया। हालांकि कुछ दुकानें खुली थीं, लेकिन जैसे ही पुलिस ने लाठीचार्ज शुरू किया, बाजार पूरी तरह बंद हो गया। दिनभर चले प्रदर्शन के दौरान पूरा डोईवाला बाजार बंद रहा।
बवाल के दौरान घटनाक्रम का क्रमवार ब्यौरा
सुबह 9 बजे: भीड़ ने डोईवाला चौक पर पहुंचकर हाईवे जाम किया।
दोपहर 2 बजे: गुस्साई भीड़ कोतवाली की ओर कूच कर घेराव करने का प्रयास करने लगी।
दोपहर 3 बजे: कोतवाली के बाहर भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और लोग इधर-उधर भागे।
शाम 4 बजे: पुलिस बल आक्रोशित भीड़ को खदेड़ते हुए केशवपुरी बस्ती तक पहुंच गया।
शाम 5 बजे: हालात सामान्य हुए, डोईवाला चौक से भीड़ हट गई और यातायात व्यवस्था फिर से बहाल हो गई।
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