उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जनपद से गुरुवार सुबह एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर घोलतीर के समीप एक टेंपो ट्रैवलर अनियंत्रित होकर सीधे अलकनंदा नदी में जा गिरा। इस वाहन में चालक सहित कुल 19 लोग सवार थे, जो बदरीनाथ दर्शन के लिए यात्रा कर रहे थे।
हादसा इतना भयावह था कि वाहन नदी में समा गया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस, एसडीआरएफ और जिला प्रशासन की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं और बचाव कार्य शुरू किया गया। अब तक नौ लोगों को रेस्क्यू किया गया है, जिनमें से दो की मौत की पुष्टि हो चुकी है। मृतकों में एक महिला भी शामिल है, जबकि शेष घायलों का उपचार जिला अस्पताल में चल रहा है। गंभीर रूप से घायल यात्रियों में छोटे बच्चे भी शामिल हैं। कुछ लोग अब भी लापता हैं, जिनकी तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन जारी है।
अस्पताल में भर्ती घायल चालक सुमित ने बताया कि वे केदारनाथ दर्शन के बाद बदरीनाथ जा रहे थे, तभी रास्ते में एक ट्रक ने उनके वाहन को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद वाहन बेकाबू होकर गहरी खाई में गिरा और सीधा अलकनंदा नदी में जा समाया। हादसे के दौरान कुछ यात्री टेंपो ट्रैवलर से बाहर छिटक गए, जिन्हें गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया। एक महिला यात्री भावना ने बताया कि वे रात को रुद्रप्रयाग में रुके थे और सुबह करीब साढ़े सात बजे यात्रा के लिए रवाना हुए थे।
यात्रियों का यह दल राजस्थान के उदयपुर से उत्तराखंड की चारधाम यात्रा पर आया था। दुर्घटना की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि एक शव घटनास्थल से काफी दूर शिवपुरी तक बहकर पहुंच गया, जिसे रेस्क्यू टीम ने बरामद किया।
घटनास्थल पर नदी का बहाव तेज है और इलाका बेहद दुर्गम है, जिससे राहत और बचाव कार्य में दिक्कतें आ रही हैं। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि एसडीआरएफ, पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीमें सर्च ऑपरेशन में जुटी हैं। अलकनंदा की तेज धार और खतरनाक भूगोल के बावजूद राहत कार्य जारी है।
यह हादसा न सिर्फ यात्रियों के लिए, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए एक गहरा सदमा है। अधिकारी अभी भी लापता लोगों की तलाश में जुटे हैं और प्रशासन ने घटनास्थल के आसपास सतर्कता बढ़ा दी है।
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