देहरादून के सुभाष नगर, भारुवाला ग्रांट और टर्नर रोड जैसे क्षेत्रों में रहने वाले करीब दस हजार लोगों को आज भी पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री द्वारा वर्ष 2021 में इस क्षेत्र के लिए बेहतर पेयजल आपूर्ति की योजना बनाने की घोषणा तो हुई थी, लेकिन यह योजना अब तक शासन की मंजूरी का इंतजार ही कर रही है। इस दौरान लोगों को अलग-अलग समय पर ट्यूबवेलों के माध्यम से अस्थायी जल आपूर्ति पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
पेयजल निगम द्वारा दो बार इस योजना का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया—पहली बार 2021 में और फिर दोबारा 2024 में 27 करोड़ रुपये की लागत का विस्तृत प्रस्ताव—but दोनों बार यह योजना फाइलों में ही उलझकर रह गई। इस योजना के तहत सुभाष नगर, भारुवाला ग्रांट और टर्नर रोड में लगभग 30 किलोमीटर नई पाइपलाइन बिछाने का प्रस्ताव है, जिसके जरिए घर-घर मीटरयुक्त जलापूर्ति सुनिश्चित की जानी है।
इसके अलावा योजना में पीपलेश्वर मंदिर के पास एक 2600 किलोलीटर क्षमता वाले ओवरहेड टैंक और दो नए ट्यूबवेलों की स्थापना भी शामिल है। इस पूरी संरचना से न केवल मौजूदा जल संकट से राहत मिलेगी, बल्कि क्षेत्र के भविष्य की जल आवश्यकताओं को भी पूरा किया जा सकेगा। फिर भी, योजनाएं कागज़ों से आगे नहीं बढ़ पा रही हैं।
पेयजल निगम के एक्सईएन दीपक नौटियाल ने जानकारी दी कि दिसंबर 2024 में इस योजना को विभागीय व्यय वित्त समिति से अनुमोदन मिल चुका है, लेकिन अंतिम स्वीकृति अब भी शासन स्तर पर लंबित है। लोगों की बढ़ती परेशानी और गर्मी में पानी की मांग को देखते हुए अब शासन से त्वरित निर्णय की अपेक्षा की जा रही है ताकि वर्षों से लटकी इस योजना को ज़मीनी हकीकत बनाया जा सके।
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