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योग दिवस पर उत्तराखंड बना आध्यात्म, अनुशासन और आरोग्यता का प्रतीक, राष्ट्रपति से ग्रामीणों तक दिखा उत्साह

On: June 21, 2025 6:28 AM
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उत्तराखंड ने 11वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को न केवल भव्यता के साथ मनाया, बल्कि अपनी पहली राज्य स्तरीय योग नीति लागू कर यह संदेश भी दिया कि यह प्रदेश योग की वैश्विक राजधानी बनने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। देहरादून से लेकर यमुनोत्री तक, और भराड़ीसैण से लेकर केदारनाथ तक, हर स्थान पर योग के सामूहिक अभ्यास ने एकता, स्वास्थ्य और संतुलन का संदेश दिया। देहरादून पुलिस लाइन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, राज्यपाल गुरमीत सिंह और मंत्री सुबोध उनियाल की उपस्थिति ने इस आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भराड़ीसैण में 800 से अधिक लोगों के साथ योग कर ‘उत्तराखंड योग नीति’ का लोकार्पण किया। इस नीति में योग शिक्षकों के लिए प्रमाणन, 5 वेलनेस सेंटर और ₹20 लाख तक अनुदान जैसी योजनाएं शामिल हैं। सीएम धामी ने बच्चों से संवाद कर योग के प्रति उनकी रुचि को भी सराहा। केदारनाथ, गौचर, गोपेश्वर, टिहरी और डोईवाला जैसे स्थानों पर भी सामूहिक योग शिविर आयोजित किए गए, जहां स्थानीय नागरिकों से लेकर जनप्रतिनिधि और अधिकारी तक बड़ी संख्या में शामिल हुए।

हरिद्वार के प्रेम नगर आश्रम में हुए योग सत्र ने अध्यात्म और अनुशासन का सुंदर संगम प्रस्तुत किया, वहीं आईटीबीपी के जवानों ने उच्च हिमालयी क्षेत्रों में योग कर देश को स्वस्थ जीवनशैली का संदेश दिया। ‘हर घर योग, हर मन निरोग’ के आह्वान के साथ योग अब गांव-गांव तक पहुंच चुका है। डोईवाला और प्रेमनगर जैसे क्षेत्रों में भी स्थानीय योगाचार्यों ने आम जनता को योग मुद्राओं का अभ्यास कराया और इसके लाभों से अवगत कराया।

कर्णप्रयाग की अंजलि कुंवर उत्तराखंड की योग शक्ति का वैश्विक चेहरा बन चुकी हैं। वे रोज़ाना 130 से अधिक लोगों को ऑनलाइन योग प्रशिक्षण देती हैं, जिनमें सिंगापुर, अमेरिका, लंदन और इंडोनेशिया जैसे देशों से जुड़े विदेशी प्रतिभागी भी शामिल हैं। उनकी सेवाओं के बदले उन्हें हर वर्ष ₹50,000 की छात्रवृत्ति भी विदेशों से प्राप्त हो रही है। अंजलि का यह योगदान राज्य की योग परंपरा को विश्व पटल पर स्थापित करने में अहम भूमिका निभा रहा है।

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