रायवाला (देहरादून): केंद्र सरकार ने हरिद्वार और देहरादून के बीच सड़क संपर्क को और अधिक सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए एक बड़ी योजना को मंजूरी दी है। रायवाला से मोहकमपुर तक 37 किलोमीटर लंबे हिस्से में 720.67 करोड़ रुपये की लागत से सड़क सुधार कार्य किए जाएंगे। इस परियोजना के तहत सात स्थानों पर फ्लाईओवर बनाए जाएंगे, नई सर्विस लेन का निर्माण होगा और खतरनाक चौराहों को फिर से डिज़ाइन किया जाएगा।
दुर्घटना क्षेत्रों की पहचान के बाद आई योजना
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने हरिद्वार-देहरादून हाईवे पर बढ़ते सड़क हादसों को देखते हुए परिवहन विभाग और पुलिस के साथ मिलकर संयुक्त निरीक्षण किया था। इस दौरान सड़क के 10 डेंजर जोन चिन्हित किए गए। अब इन्हीं स्थानों पर प्राथमिकता के आधार पर संरचनात्मक सुधार किए जाएंगे।
NHAI के निदेशक पंकज मौर्य ने जानकारी दी कि परियोजना के तहत फ्लाईओवर, सर्विस लेन और बिना रुकावट वाले जंक्शन तैयार किए जाएंगे। इसका निर्माण कार्य ढाई साल के भीतर पूरा करने का लक्ष्य है।
किन जगहों पर बनेंगे फ्लाईओवर और सर्विस लेन
परियोजना के अंतर्गत निम्नलिखित स्थानों पर फ्लाईओवर और सर्विस लेन का निर्माण किया जाएगा:
रायवाला बाजार
छिद्दरवाला चौक
लालतप्पड़
शेरगढ़
माजरी
कुआंवाला
लक्ष्मणसिद्ध चौक
हरिपुरकलां को नई योजना से बाहर रखे जाने पर नाराजगी
मोतीचूर में फ्लाईओवर बनने और चीला-मोतीचूर वन्य जीव गलियारा फिर से शुरू होने के बाद पुराना हाईवे बंद कर दिया गया है। लेकिन हरिपुरकलां को इस नई फ्लाईओवर परियोजना में शामिल नहीं किया गया, जिससे क्षेत्र की लगभग 40,000 की आबादी को सीधा सड़क संपर्क नहीं मिल पा रहा है।
अब स्थानीय लोग हरिद्वार के शांतिकुंज होते हुए दो से तीन किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करने को मजबूर हैं। यदि शांतिकुंज के पास बना अस्थायी कट भी बंद कर दिया गया, तो ग्रामीणों की दिक्कतें और बढ़ जाएंगी।
बाजार क्षेत्र के व्यापारी भी हुए चिंतित
रायवाला बाजार में फ्लाईओवर बनने से वहां की व्यापारिक गतिविधियों खासकर होटल, ढाबा और अन्य छोटे कारोबारों के प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय व्यापारियों ने चिंता जताई है कि फ्लाईओवर बनने से उनकी दुकानों के सामने से ट्रैफिक पूरी तरह हट जाएगा, जिससे ग्राहक पहुंचना मुश्किल हो सकता है।
स्थानीय प्रतिनिधियों की मांग — योजना को सार्वजनिक किया जाए
निवर्तमान जिला पंचायत सदस्य दिव्या बेलवाल ने मांग की है कि परियोजना शुरू करने से पहले हरिपुरकलां को रायवाला से जोड़ने की समुचित व्यवस्था की जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि या तो पुराने हाईवे को फिर से खोला जाए या नए फ्लाईओवर से सीधी कनेक्टिविटी दी जाए।
वहीं, जिला योजना समिति के सदस्य राजेश जुगलान ने कहा कि रायवाला चौक से प्रतीतनगर, खांडगांव, गौहरीमाफी, रायवाला कैंट और रायवाला गांव जैसे कई क्षेत्र हाईवे से सीधे जुड़े हैं, इसलिए यहां पर भी हरिपुरकलां जैसी स्थिति न बन जाए, इसका ध्यान रखा जाना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि रेलवे फाटक से हो रही समस्याओं का समाधान इस परियोजना में शामिल किया जाना चाहिए।








