देहरादून। भाजपा नेता रोहित नेगी की हत्या के तीन दिन बाद पुलिस पर बढ़ते जनाक्रोश और राजनीतिक दबाव ने आखिरकार असर दिखाया। प्रेमनगर थाना क्षेत्र के मांडूवाला में हुई इस सनसनीखेज हत्या के मुख्य आरोपी अजहर त्यागी सहित दो लोगों को गुरुवार देर रात मुठभेड़ के बाद पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। मुठभेड़ उत्तर प्रदेश की सीमा पर मुजफ्फरनगर के पुरकाजी क्षेत्र में हुई।
एसएसपी ने खुद संभाली कमान, यूपी सीमा में की घेराबंदी
लगातार उठ रही आवाज़ों और आलोचनाओं के बीच देहरादून के एसएसपी अजय सिंह ने खुद मोर्चा संभालते हुए स्पेशल टीम के साथ यूपी बॉर्डर तक जाकर आरोपियों की घेराबंदी की। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने घेराबंदी के दौरान भागने की कोशिश की, लेकिन जवाबी कार्रवाई में दोनों घायल होकर पकड़े गए।
हत्या की वजह: दोस्त की प्रेमिका को धमकाने का विरोध
जांच में सामने आया है कि हत्या का कारण रोहित नेगी द्वारा अपने दोस्त की प्रेमिका को आरोपी अजहर त्यागी से बचाने का प्रयास था। घटना की रात रोहित अपने दोस्त आयुष और उसकी प्रेमिका आन्या खान के साथ पार्टी कर रहा था, तभी अजहर ने आन्या को फोन पर धमकी दी। इसके बाद रोहित और आयुष अजहर से बात करने जा रहे थे, लेकिन रास्ते में अजहर ने कार के सामने आकर फायरिंग कर दी। गोली कार के शीशे से पार होकर रोहित को लगी, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
कहानी पढ़ाई से अपराध तक: कैसे बना छात्र से हत्यारा
मुख्य आरोपी अजहर त्यागी मूल रूप से उत्तर प्रदेश का रहने वाला है और पांच साल पहले पढ़ाई के लिए देहरादून आया था। लेकिन पढ़ाई की जगह उसका झुकाव अपराध की ओर हो गया। इसी दौरान उसकी दोस्ती मेरठ निवासी आन्या खान से हुई जो प्रेमनगर के एक कॉलेज में फिजियोथेरेपी की छात्रा है। अजहर के बर्ताव से परेशान होकर आन्या ने उससे दूरी बना ली और बाद में वह आयुष के करीब आ गई। इसी से अजहर नाराज हो गया और धमकियों का सिलसिला शुरू हो गया।
मां का फूटा दर्द: “गोली सीने में मारते तो चैन मिलता”
पुलिस द्वारा मुठभेड़ में आरोपियों को घायल कर गिरफ्तार करने की खबर मिलने के बाद रोहित की मां सोमबाला और बहन ने संतोष तो जताया, लेकिन भावनाओं में बहते हुए कहा, “जिस तरह मेरे बेटे को सीने पर गोली मारी गई, उसी तरह उस दरिंदे के सीने में भी गोली मारी जाती तो दिल को सुकून मिलता।”
विधायक से लेकर कांग्रेस तक सड़क पर उतरी
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए क्षेत्रीय विधायक सहदेव पुंडीर ने खुद एसएसपी से मिलकर तीखा विरोध दर्ज कराया था और गिरफ्तारी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी थी। वहीं कांग्रेस के प्रदेश महासचिव विनोद सिंह चौहान के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आईजी गढ़वाल से मुलाकात की और तत्काल कार्रवाई की मांग की।
पुलिस पर लापरवाही के आरोप, प्रेमनगर थाना घेरे में
स्थानीय जनता और हिंदू संगठनों ने प्रेमनगर थाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि पूर्व में कई शिकायतों के बावजूद अजहर त्यागी के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे उसकी हिम्मत और बढ़ती गई। यही कारण था कि हत्या के बाद रोष और विरोध दोनों तेज हो गए।
घर का इकलौता सहारा था रोहित
33 वर्षीय रोहित नेगी तिलवाड़ी का रहने वाला था और अपने परिवार का इकलौता सहारा था। पिता ऋषिराज नेगी बीमार हैं और बिस्तर पर हैं। परिवार रोहित की शादी की तैयारी कर रहा था, लेकिन अब उस घर में सिर्फ मातम पसरा है। अंतिम संस्कार भी रोहित के मामा के बेटे ने किया, क्योंकि पिता चलने-फिरने में असमर्थ हैं








